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Earthquake News Today: तिब्बत के शिजांग इलाके में 7 जनवरी को जोरदार भूकंप आया था. उसके बाद से धरती लगातार हिल रही है. 7 जनवरी के बाद से मंगलवार सुबह 8 बजे तक कुल 3,614 झटके महसूस किए गए हैं. ज्यादातर झटके 3.0 तीव्रता से…और पढ़ें
नई दिल्ली: चीन-नेपाल बॉर्डर की धरती लगातार डोल रही है. तिब्बत की धरती भूकंप से कांप रही है. यहां रहने वाले लोग लगातार डोल रहे हैं. 7 जनवरी को तिब्बत क्षेत्र के शिजांग में घरती डोली थी. भूकंप की जोरदार दस्तक से हर ओर चीख-पुकार मच गई. देखते ही देखते भूकंप के झटकों से लाशें बिछ गईं. भूकंप एक बार आता तो कुछ समझ भी आता. यहां उसी दिन हर कुछ मिनट-घंटों के बाद धरती डोलती रही. 7 जनवरी को स्वतंत्र तिब्बत के शिजांग इलाके में करीब 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था. उस भूकंप में 126 लोग मारे गए थे और 188 अन्य घायल हो गए थे.
यह तिब्बत का वह इलाका है जो चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित है. चीन इसे अपना इलाका मानता है. 7 जनवरी के बाद से धरती थमी नहीं है. यहां की धरती लगातार डोल रही है. यहां रहने वाले लोगे खौफजदा हैं. जब भी राहत की सांस लेते हैं, पता चलता है कि धरती ने झटके दे दिए. हैरानी की बात है कि 7 जनवरी के बाद से ऐसा कोई दिन नहीं है, जब इस इलाके में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए हों. आज यानी 14 जनवरी को भी भूकंप के झटके पर झटके महसूस हुए. सोमवार को भी यही हालत रही. सोमवार को 5.2 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था.
168 घंटों में 3600 बार कांपी धरती
हैरानी की बात है कि 7 जनवरी के भूकंप के बाद इस क्षेत्र में 3,614 से अधिक झटके महसूस किए गए हैं. राहत की बात यह है कि इनमें से अधिकतर की तीव्रता 3 या तीन से कम रही. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की ही मानें तो यहां कम से कम 3 से अधिक तीव्रता से 150 बार धरती डोली है. कुल मिलाकर कहें तो 3 और 5 के बीच यहां लगातार धरती डोल रही है. कवल 8 जनवरी को एक दिन में 50 से अधिक बार धरती कांपी है. अब भी लोगों को झटके महसूस हो रहे हैं. लोग खौफजता हैं. उन्हें किसी बड़ी तबाही की आशंका है. जागते-सोते उन्हें बस भूकंप का ही खौफ है. रातों की नींद तक उड़ चुकी है.
आंकड़ों में समझें भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों की मानें तो 7 जनवरी से 14 जनवरी के बीच में करीब 150 बार धरती कांपी है. इनमें कभी तीव्रता 3, 3.5 होती है तो कभी चार तो कभी पांच. 8 जनवरी को 50 से अधिक तो 13 जनवरी को 8 बार धरती डोली. वहीं आज 14 जनवरी को अब तक एक बार धरती डोल चुकी है. आज यानी मंगलवार को शिजांग इलाके में 3.6 की तीव्रता से भूकंप आया. 7 जनवरी के भूकंप को छोड़ दें तो अब तक अन्य भूकंप ने तबाही नहीं मचाई है. मगर जिस तरह से धरती लगातार डोल रही है, उससे किसी बड़ी तबाही का इशारा मिलता है. जहां ये भूकंप आए हैं, वह भारत के सिक्किम राज्य से महज 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
कहां तबाही के संकेत?
शिगाजे, शिगाजे प्रांत का एक इलाका है. इसे शिगास्ते के नाम से भी जाना जाता है, जो भारत की सीमा के करीब है. शिगात्से को तिब्बत के सबसे पवित्र शहरों में से एक माना जाता है. यह पंचेन लामा की पारंपरिक सीट है, जो तिब्बती बौद्ध धर्म के एक प्रमुख व्यक्ति हैं. तिब्बत में पंचेन लामा, आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के बाद दूसरे नंबर की हैसियत रखते हैं. जहां लगातार धरती हिल रही है, वहां 27 गांव हैं और करीब 60 हजार की आबादी रहती है. तिब्बती पठार को शक्तिशाली भूकंप संभावित क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि यह उस स्थान पर स्थित है जहां टेक्टोनिक यूरेशियन और भारतीय प्लेटें मिलती हैं और अक्सर अत्यधिक बल के साथ टकराती हैं.
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January 14, 2025, 12:06 IST
7 दिन में 3600 बार कांपी धरती, पल-पल डोल रहे लोग, कहीं तबाही के संकेत तो नहीं?
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