आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को पार्टी ऑफिस में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने अपनी बात की शुरुआत ऊपर वाले और उनके लिए दुआएं करने वाले लाखों लोगों का शुक्रिया करते हुए की।
केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा, ‘हमने बड़े दुश्मनों से लड़ाई लड़ी है। हमारे नेता सत्येंद्र जैन, अमानतुल्ला खान अभी भी जेल में हैं, उम्मीद है कि वे जल्द ही बाहर आ जाएंगे।’ आगे उन्होंने कहा, ‘हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को उनके साथियों से मिलने की अनुमति दी जाती थी, लेकिन मेरे पार्टी सहयोगी संदीप पाठक को मुझसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।’
केजरीवाल ने कहा, ‘भगत सिंह को बटुकेश्वर नाथ के साथ अंग्रेजों ने रखा था क्योंकि दोनों एक ही अपराध में आरोपी थे। लेकिन यहाँ मुझे और मनीष सिसोदिया को अलग अलग जेल में रखा गया। मुझसे मिलने के लिये संदीप पाठक आये तो हमने राजनीति चर्चा की। इस पर उन्हें बैन कर दिया गया।’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि वह लोकतंत्र को बचाना चाहते थे
भाजपा आज पार्टियों को तोड़ रही है। चुनी हुई सरकार के नेताओ पर फ़र्ज़ केस लगाकर उन्हें जेल में डालती है, लेकिन इस्तीफ़ा नहीं देने से भाजपा का यह प्लान फेल हो गया।
अरविंद केजरीवाल ने सभी नेताओ से अपील की है कि वह फर्जी केस लगाने पर इस्तीफ़ा न दें।
केजरीवाल के संबोधन से पहले दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘भाजपा देश का सबसे बड़ा राजनीतिक कुचक्र रच रही थी कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री और उसकी टीम को जेल में डालो और उसकी पूरी पार्टी को खत्म कर दो। अगर आप सच्चाई के रास्ते पर चल रहे हो तो आप ईश्वर के रास्ते पर चल रहे हो। जब आप ईश्वर के रास्ते पर चल रहे तो ईश्वर की ताकत आपके साथ होती है। आज ईश्वर की ताकत हम सबके साथ है। भाजपा वालों ने शराब घोटाला नाम की मनोहर कहानी लिखी थी उसका आखिरी पूर्ण विराम सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को जमानत देकर लगा दिया।’
इससे पहले दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा, ‘AAP एक बहुत बड़े संघर्ष के दौर से गुजरी है, जहां भाजपा की केंद्र सरकार ने हर संभव कोशिश की AAP को दबाने की, AAP को तोड़ने की लेकिन उसकी हर कोशिश असफल हो गई…’
इस दौरान संजय सिंह ने कहा, ‘आम आदमी पार्टी को बदनाम करने, झुकाने और तोड़ने के लिए तानाशाह नरेंद्र मोदी और बीजेपी ने हजारों कुचक्र रचे, लेकिन अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में उन सभी कुचक्रों को नाकाम किया गया।’