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कोरोना के बाद से महामारी का डर बना रहता है. हाल ही में एपएमपीवी वायरस ने लोगों को चौंकाया. अब एक खबर आ रही है, पिछले साल अफ्रीका में 200 से अधिक बिमारियों का प्रकोप रहा. इसमें हाजारों लोगों की मौत हो गई.
अफ्रीका में 200 बीमारियों ने 2024 में मचाया कोहराम.
Pandemic Alert: कोरोना के बाद लगातार नई बिमारियों को लेकर पूरी दुनिया खौफ बना रहता है. अभी हाल में एचएमपीवी वायरस से लोगों में खौफ मच गई थी. अभी अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने पूरे महाद्वीप में हेल्थ इमरजेंसी पर चिंता जाहिर करते हुए रिपोर्ट जारी की है. उन्होंने बताया कि बीते साल महाद्वीप 200 से अधिक बीमारियों की चपेट में रहा.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कासेया ने एमपॉक्स प्रकोप और अन्य स्वास्थ्य संकटों को लेकर ऑनलाइन ब्रीफिंग की. उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ती पब्लिक इमरजेंसी से निपटने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है. कासेया ने कहा, ‘2024 में बीमारियों की संख्या 213 रही, जो 2023 की तुलना में अधिक है. वहीं 2023 में यह संख्या 166 थी.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि 2025 बीते वर्ष से बेहतर होगा.
5 प्रमुख बीमारी
अफ्रीका सीडीसी प्रमुख ने 2024 की शीर्ष पांच बीमारियों के बारे में बताया. उनके मुताबिक हैजा, खसरा, डेंगू, एमपॉक्स और डिप्थीरिया वो पांच बीमारियां हैं, जिन्होंने इस महाद्वीप को काफी परेशान किया. अफ्रीका में हैजा को सबसे ज्यादा मौत का कारण माना गया है. अफ्रीकी महाद्वीप ने पिछले साल लगभग 204,115 हैजा के मामले सामने आए थे, जिनमें से 3,747 की मौत हुई थी. खसरा के 2024 में 234,320 मामले सामने आए, जिसमें 3,220 की मौत हुई.
21 अफ्रीकी देशों में 1300 की मौत
अफ्रीकी यूनियन की विशेष स्वास्थ्य सेवा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 21 अफ्रीकी देशों में 2024 की शुरुआत में एमपॉक्स के 77,888 मामले सामने आए, जिसमें से 1,321 मौत हुई. कासेया ने जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और अन्य चीजों का हवाला देते हुए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी को तवज्जो दिए जाने पर जोर दिया.
वैक्सीन और चिकित्सा उपकरण जरूरी
अफ्रीका सीडीसी प्रमुख ने प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे, महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय वैक्सीन और चिकित्सा उपकरण उत्पादन में महत्वपूर्ण निवेश की भी बात कही. उन्होंने महाद्वीप के पब्लिक हेल्थ वर्कफोर्स (स्वास्थ्य कर्मियों) को बढ़ावा देने, प्राथमिकता वाली बीमारियों के लिए जीनोमिक अनुक्रमण (सिक्वेंसिंग) में सुधार करने की आवश्यकता पर जोर दिया. कासेया ने कहा, ‘हम अफ्रीका में बीमारियों पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं.’
January 18, 2025, 14:58 IST
महामारी के दरवाजे पर खड़े हैं हम? 200 बीमारियों ने तो अकेले अफ्रीका को जकड़ा
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