Xi Jinping Mohammed-Muizzu Meeting | चीन की मदद से भारत से टक्कर लेने की सोच रहा मालदीव, देखिए क्या मदद करते हैं शी चिनफिंग..!

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बीजिंग :  भारत के साथ राजनयिक विवाद के बीच मालदीव (Maldives) के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohammed Muizzu) ने अपनी पहली चीन यात्रा पूरी की और बीजिंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मालदीव के आंतरिक मामलों में “बाहरी हस्तक्षेप का दृढ़ता से विरोध करता है” और द्वीपीय राष्ट्र की संप्रभुता और स्वतंत्रता को कायम करने में उसका समर्थन करता है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ मालदीव के मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों के बाद बने माहौल में मालदीव अलग-थलग पड़ता जा रहा है। इसीलिए वह चीन की गोद में बैठने की सोचने लगा है।

मुइज्जू की शीर्ष चीनी नेताओं के साथ वार्ता के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है, “दोनों पक्ष अपने मूल हितों की रक्षा के लिए एक-दूसरे का दृढ़ता से समर्थन करते रहने पर सहमत हैं।”  

किसी देश का जिक्र किए बिना इस बयान में कहा गया है, “चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गरिमा को बनाए रखने में मालदीव का दृढ़ता से समर्थन करता है, मालदीव की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास के लिए रास्ते की खोज का सम्मान और समर्थन करता है। इसके साथ ही वह मालदीव के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का दृढ़ता से विरोध करता है।” 

 

यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मालदीव के मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों और यूरोपीय संघ चुनाव अवलोकन मिशन की एक रिपोर्ट जारी होने की पृष्ठभूमि में हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (पीपीएम) और पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) के सत्तारूढ़ गठबंधन ने 2023 के राष्ट्रपति चुनावों में भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया और गलत सूचना फैलाने का प्रयास किया, जिसमें मुइज्जू ने जीत हासिल की।    

मुइज्जू को चीन समर्थक नेता माना जाता है। पिछले दिनों मालदीव के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। उसके बाद बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों ने मालदीव यात्रा रद्द कर दी। इससे मालदीव की अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगने वाला है। उसी की भरपायी के लिए मालदीव बेचैन है और चीनी नेताओं से अपने समर्थन में बयान दिलवा रहा है।

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संयुक्त बयान के अनुसार, मुइज्जू ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सिद्धांत वैश्विक सुरक्षा पहल (जीएसआई) का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की। इसमें कहा गया है, ‘‘दोनों पक्ष कानून लागू करने में सहयोग बढ़ाने और पारंपरिक और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों सहित प्रमुख चुनौतियों का संयुक्त रूप से सामना करने…शांति में योगदान करने के प्रयासों में जीएसआई के कार्यान्वयन के तरीकों का पता लगाने पर सहमत हुए हैं।”  

इसमें कहा गया है कि मालदीव “चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने वाले किसी भी बयान या कार्रवाई का विरोध करता है, ताइवान से जुड़ी अलगाववादी गतिविधियों का विरोध करता है, वह ताइवान के साथ किसी भी प्रकार के आधिकारिक संबंध नहीं स्थापित करेगा।”   

मुइज्जू ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष चिनफिंग से मुलाकात की। इसके बाद दोनों देशों ने 20 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। 

-एजेंसी इनपुट के साथ



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