West Bengal Train Accident Video Update; Kanchanjunga Express | CM Mamata Banerjee | रेलवे सेफ्टी कमिश्नर बोले- कंचनजंगा एक्सप्रेस हादसा होना तय था: खामियां ही इतनी थीं; ट्रेन 15 की स्पीड से चलानी है, ड्राइवरों को पता ही नहीं था

  • Hindi News
  • National
  • West Bengal Train Accident Video Update; Kanchanjunga Express | CM Mamata Banerjee

नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दार्जिलिंग में 17 जून को मालगाड़ी ने कंजनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में मालगाड़ी के लोकोपायलट समेत 10 की मौत हुई थी।

रेलवे सेफ्टी कमिशनर ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में 17 जून को कंचनजंगा एक्सप्रेस और मालगाड़ी की टक्कर मामले की जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ऑटो सिग्नल क्षेत्रों में ट्रेन परिचालन प्रबंधन में कई लेवल पर खामियों, लोको पायलट और स्टेशन मास्टर को उचित परामर्श न दिए जाने से कंचनजंघा एक्सप्रेस हादसा होना तय ही था।’

रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के दिन वहां से गुजरने वाले अधिकतर लोको पायलटों को इसकी जानकारी ही नहीं थी कि खराब सिग्नल में ट्रेन 15 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलानी है। दार्जिलिंग में 17 जून को हुए हादसे में मालगाड़ी के लोकोपायलट समेत 10 लोगों की मौत हुई थी।

कमिशनर ने ट्रेनों में प्राथमिकता के साथ ऑटोमेटिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच) लगाने की सिफारिश भी की है। इसमें कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों ने मालगाड़ी के लोको पायलट को गलत पेपर अथॉरिटी या टी/ए 912 जारी कर दिया। इसमें उस गति का उल्लेख नहीं था जिस पर मालगाड़ी चलानी थी।

इसके अलावा, सिग्नल खराब होने पर भी मालगाड़ी और कंचनजंगा एक्सप्रेस के अलावा 5 अन्य ट्रेनों ने प्रवेश किया। हालांकि, कंचनजंगा को छोड़कर किसी भी ट्रेन ने 15 किमी प्रतिघंटा की गति और खराब सिग्नल पर रुकने के रेलवे के नियम का पालन नहीं किया। इससे पता चलता है कि खराब सिग्नलिंग पर जारी होने वाले प्रोटोकॉल में क्या करना है इसे लेकर कोई स्पष्टता ही नहीं थी।

दावा- जब हादसा हुआ, उसके 3 घंटे पहले से सिग्नल खराब था

  • न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, रानीपात्रा रेलवे स्टेशन और छत्तर हाट जंक्शन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम सुबह 5.50 बजे से ही खराब था। कंचनजंगा एक्सप्रेस सुबह 8:27 बजे रंगापानी स्टेशन से रवाना हुई और रानीपात्रा स्टेशन से छत्तर हाट के बीच रुकी रही।
  • जब सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी आती है तो स्टेशन मास्टर TA-912 रिटन अथॉरिटी जारी करता है। यह ड्राइवर को खराबी के कारण सभी रेड सिग्नल पार करने का अधिकार देता है। रानीपात्रा के स्टेशन मास्टर ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को TA-912 जारी किया था। ट्रेन 10 मिनट यहां रुकी रही। 8:42 बजे रंगापानी से निकली मालगाड़ी 8.55 पर कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई।
  • सूत्रों के मुताबिक, केवल जांच से ही पता चल सकता है कि क्या मालगाड़ी को खराब सिग्नल को तेज गति से पार करने के लिए TA-912 भी दिया गया था या यह लोको पायलट की गलती थी, जिसने डिफेक्टिव सिग्नल नॉर्म का उल्लंघन किया।
  • यदि दूसरी कंडीशन अप्लाय होती है तो रेलवे के नियम के मुताबिक, ड्राइवर को हर डिफेक्टिव सिग्नल पर एक मिनट के लिए ट्रेन को रोकना चाहिए था। इतना ही नहीं, इस दौरान ट्रेन की स्पीड भी 10 किमी प्रति घंटे की होनी चाहिए थी।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *