[ad_1]
17 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मिलटन की वजह से फ्लोरिडा के एक स्टेडियम की छत भी उखड़ गई।
हरिकेन मिलटन गुरुवार सुबह अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा के ‘सिएस्टा की’ शहर के तट से टकरा गया। इससे फ्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग में 24 घंटे में 16 इंच बारिश हो चुकी है। ये पिछले एक हजार साल इलाके में होने वाली सबसे ज्यादा बारिश है। इलाके में 3 महीने की बारिश मात्र 3 घंटों में हो गई। मिलटन फ्लोरिडा से टकराने वाला साल का तीसरा तूफान है।
मिलटन सिएस्ता की में समुद्री तट से टकराने से पहले कैटेगरी 5 का तूफान था। टकराते वक्त ये कैटेगरी 3 का हो गया और अब इसे कैटेगरी 2 का तूफान घोषित कर दिया गया है। इसके बावजूद ये बहुत खतरनाक है।
हरिकेन की वजह से फ्लोरिड के कई शहरों में 193 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा बह रही है। अमेरिकी मीडिया हाउस CNN के मुताबिरक फ्लोरिडा में लगभग 10 लाख लोगों के घरों में बिजली नहीं है। 20 लाख लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
मिलटन के समुद्री तट से टकराते वक्त उसकी इंटेंसिटी…
तस्वीरों में मिलटन से मची तबाही…

फ्लोरिडा में हरिकेन की वजह से कई जगहों पर इलेक्ट्रिक पोल्स उखड़ गए हैं।

फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स बीच पर तेज हवाएं चल रही हैं।

लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।

लोगों के साथ-साथ उनके पालतू जानवरों को पिंजरे में डालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
फ्लोरिडा में तूफान के बीच कुछ लोग एक कुत्ते को फेंस से बांधकर छोड़ गए थे। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसांटिस के कहने पर इसका रेस्क्यू कर लिया गया।

फ्लोरिडा में टकराने से पहले स्पेस से कुछ ऐसा दिख रहा था मिलटन तूफान
हरिकेन के साथ आए दर्जनों टोरनेडो फ्लोरिडा के कई शहरों में इमरजेंसी लगाई गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक हरिकेन के साथ-साथ दर्जनों टोरनेडो और उससे हो रहे नुकसान की जानकारी भी सामने आ रही है।

फ्लोरिडा में 15 दिन में दूसरा तूफान मिलटन फ्लोरिडा में 15 दिन के भीतर आने वाला दूसरा बड़ा तूफान है। इससे पहले फ्लोरिडा में हेलेन तूफान की वजह से 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। हेलेन तूफान से अमेरिका के 12 से ज्यादा राज्य प्रभावित हुए थे। जबकि सबसे ज्यादा असर फ्लोरिडा पर पड़ा था।
टाइफून, हरिकेन और टॉरनेडो में क्या अंतर है?
स्ट्रॉर्म या तूफान वातावरण में एक तरह का डिस्टर्बेंस होता है, जो तेज हवाओं के जरिए सामने आता है और उसके साथ बारिश, बर्फ या ओले पड़ते हैं। जब ये धरती पर होते हैं तो आम तूफान कहलाते है, लेकिन समुद्र से उठने वाले स्टॉर्म को हरिकेन कहते हैं। हरिकेन आम स्टॉर्म से ज्यादा खतरनाक होते हैं।
हरिकेन, साइक्लोन और टाइफून तीनों एक ही चीज होते हैं। दुनियाभर में साइक्लोन को अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है। जैसे- उत्तरी अमेरिका और कैरेबियन आइलैंड में बनने वाले साइक्लोन को हरिकेन, फिलीपींस, जापान और चीन में आने वाले साइक्लोन को टाइफून और ऑस्ट्रेलिया और हिंद महासागर यानी भारत के आसपास आने वाले तूफान को साइक्लोन कहा जाता है।
समुद्रों के लिहाज से देखें तो अटलांटिक और उत्तर पश्चिम महासागरों में बनने वाले साइक्लोन हरिकेन कहलाते हैं। उत्तर पश्चिम प्रशांत महासागर में बनने वाले तूफान टाइफून कहलाते हैं।
वहीं दक्षिण प्रशांत महासागर और हिंद महासागर में उठने वाले तूफान साइक्लोन कहलाते हैं। इसी वजह से भारत के आसपास के इलाकों में आने वाले समुद्री तूफान साइक्लोन कहलाते हैं।
वहीं, टॉरनेडो भी तेज तूफान होते हैं, लेकिन ये साइक्लोन नहीं होते, क्योंकि ये समुद्र के बजाय ज्यादातर धरती पर ही बनते हैं। सबसे ज्यादा टॉरनेडो अमेरिका में आते हैं।
[ad_2]
Source link
