US Charged Gautam Adani Frauding investors And Bribe Indian Officials | गौतम अडाणी पर न्यूयॉर्क में धोखाधड़ी-रिश्वतखोरी का आरोप: दावा- सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर देने का वादा किया था

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13 मिनट पहले

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ब्लूमबर्ग के बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक 62 साल के गौतम अडाणी की संपत्ति 85 बिलियन डॉलर से ज्यादा की है।

न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट ने गौतम अडाणी समेत 7 लोगों पर अरबों डॉलर की धोखाधड़ी और रिश्वत का आरोप लगाया गया है। आरोपियों में अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के अधिकारी और गौतम अडाणी के भतीजे सागर और विनीत जैन का नाम भी शामिल है।

यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि अडाणी ने सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रिश्वत देने का वादा किया था।

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के मुताबिक आरोपियों ने रिश्वत के इन पैसों को जुटाने के लिए अमेरिकी, विदेशी निवेशकों और बैंकों से झूठ बोला। साथ ही पूरी प्लानिंग के साथ जांच में बाधा डालने की कोशिश भी की।

अडाणी ग्रीन एनर्जी गुजरात के खावड़ा में एक ही जगह पर 30 हजार मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगा रही है।

अडाणी ग्रीन एनर्जी गुजरात के खावड़ा में एक ही जगह पर 30 हजार मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगा रही है।

अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस के अडाणी पर लगाए गए आरोप…

  • 2020 से 2024 के बीच अडाणी समेत सभी आरोपी भारत सरकार का सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर की रिश्वत देने तैयार हुए। इस प्रोजेक्ट से 20 साल में सभी टैक्स निकालने के बावजूद 2 बिलियन डॉलर से ज्यादा मुनाफे का अनुमान था।
  • अडाणी ने स्कीम आगे बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत रूप से एक भारतीय सरकारी अधिकारी से मुलाकात की। जबकि सागर और विनीत ने स्कीम पर काम करने के लिए कई मीटिंग रखीं। सिरिल कैबनेस, सौरभ अग्रवाल, दीपक मल्होत्रा ​​और रूपेश अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है।
  • कोर्ट में कहा गया कि इन चारों ने ब्राइबरी स्कीम में ग्रैंड जूरी, FBI और यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) की जांच रोकने की साजिश रची। इन चारों ने स्कीम से जुड़े ईमेल, मैसेज और एनालिसिस भी मिटाए।
  • अडाणी ग्रीन एनर्जी ने कॉन्ट्रैक्ट के तहत फंड देने के लिए अमेरिकी इन्वेस्टर्स और अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं से कुल 3 बिलियन डॉलर से पैसा इकट्‌ठा किया।

एनर्जी बिजनेस को मैनेज करते हैं सागर अडाणी

गौतम अडाणी के भतीजे, सागर अडाणी ने ब्राउन यूनिवर्सिटी US से अर्थशास्त्र की डिग्री ली है। डिग्री के बाद सागर 2015 में अडाणी ग्रुप में शामिल हुए। सागर ग्रुप के एनर्जी बिजनेस और फाइनेंस को मैनेज करते हैं। वह रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस में फोकस करते हैं और 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी बनाने की योजना बना रहे हैं।

सोमवार को अडाणी के एनर्जी शेयरों में गिरावट आई

भले ही अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के आरोप बुधवार की रात सामने आए, लेकिन दो दिन पहले 18 नवबंर को अडाणी एनर्जी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली थी। अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर 1.33 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

अडाणी ग्रीन एनर्जी के शेयर में 2.33 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। यह 1457 रुपए पर बंद हुआ। अडाणी टोटल गैस के शेयर 2.13 फीसदी की गिरावट के साथ 669.60 रुपए पर बंद हुए।

गौतम अडाणी से जुड़े कुछ दिलचस्प फैक्ट और उनका सफर…

डायमंड इंडस्ट्री में आजमाई किस्मत : 24 जून 1962 को जन्मे कॉलेज ड्रॉपआउट गौतम अडाणी गुजरात से हैं। उन्होंने अपने भाई के प्लास्टिक बिजनेस को चलाने में मदद करने के लिए गुजरात लौटने से पहले 1980 के दशक की शुरुआत में मुंबई की डायमंड इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाई थी। इसके बाद 1988 में एक छोटी एग्री ट्रेडिंग फर्म के साथ अडाणी ग्रुप की शुरुआत की।

ये अब एक ऐसे ग्रुप में बदल गया है जो कोल ट्रेडिंग, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स, पावर जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन तक फैला हुआ है। अडाणी ग्रुप ग्रीन एनर्जी, एयरपोर्ट्स, डेटा सेंटर्स और सीमेंट इंडस्ट्री में भी है। गौतम अडाणी ने अपने ग्रुप को दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर बनाने के लिए 2030 तक कुल 70 अरब डॉलर का निवेश करने का कमिटमेंट किया है।

1996 में बनाई अडाणी फाउंडेशन : पत्नी प्रीति अडाणी के नेतृत्व में अडाणी फाउंडेशन की स्थापना 1996 में हुई थी। इसने भारत के ग्रामीण इलाकों में सोशल प्रोग्राम्स पर काम किया है। वर्तमान में ये फाउंडेशन देश के 18 राज्यों में सालाना 34 लाख लोगों के उत्थान में मदद कर रहा है। प्रीति पेशे से डॉक्टर हैं, जिन्होंने डेंटल सर्जरी (BDS) में ग्रेजुएशन किया है।

गौतम अडाणी से जुड़े विवाद…

पहला विवाद: हिंडनबर्ग रिसर्च ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए : जनवरी 2023 की है। गौतम अडाणी की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज ने 20,000 करोड़ का फॉलोऑन पब्लिक ऑफर लाने की घोषणा की। 27 जनवरी 2023 को इस ऑफर को खुलना था, लेकिन उससे ठीक पहले 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें अडाणी ग्रुप पर मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर शेयर मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए गए।

25 जनवरी तक ग्रुप के शेयरों मार्केट वैल्यू करीब 12 बिलियन डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) कम हो गई। हालांकि, अडाणी ने किसी भी गलत काम के आरोपों से इनकार किया। ऐसे में अडाणी ग्रुप ने अपना 20,000 करोड़ का फॉलोऑन पब्लिक ऑफर भी कैंसिल कर दिया। केस की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 6 सदस्यीय कमेटी बनाई और सेबी ने भी मामले की जांच की।

कोर्ट के फैसले के बाद अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा था, ‘कोर्ट के फैसले से पता चलता है कि सत्य की जीत हुई है। सत्यमेव जयते। मैं उन लोगों का आभारी हूं जो हमारे साथ खड़े रहे। भारत की ग्रोथ स्टोरी में हमारा योगदान जारी रहेगा। जय हिन्द।’

दूसरा विवाद: लो-ग्रेड कोयले को हाई-ग्रेड में बेचने का आरोप : एक महीने पहले फाइनेंशियल टाइम्स ने ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया था कि जनवरी 2014 में अडाणी ग्रुप ने एक इंडोनेशियाई कंपनी से 28 डॉलर प्रति टन की कथित कीमत पर ‘लो-ग्रेड’ कोयला खरीदा था।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इस शिपमेंट को तमिलनाडु जेनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (TANGEDCO) को उच्च गुणवत्ता वाले कोयले के रूप में 91.91 डॉलर प्रति टन की औसत कीमत पर बेच दिया गया था।

पहले भी लगे थे अडाणी ग्रुप पर कोल इंपोर्ट बिल में हेरी-फेरी के आरोप…

  • फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया कि अडाणी ग्रुप ने इंडोनेशिया से कम रेट में कोयले को इंपोर्ट किया और बिल में हेराफेरी करके ज्यादा दाम दिखाए। इसी के चलते ग्रुप ने कोयले से जनरेट होने वाली बिजली को ग्राहकों को ज्यादा कीमत पर बेची।
  • फाइनेंशियल टाइम्स ने 2019 से 2021 के बीच 32 महीनों में अडाणी ग्रुप के इंडोनेशिया से भारत इंपोर्ट किए गए 30 कोयले शिपमेंट की जांच की। इन सभी शिपमेंट के इंपोर्ट रिकॉर्ड में एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन की तुलना में कीमतें ज्यादा मिली। रकम करीब ₹582 करोड़ बढ़ाई गई।

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