Supreme Court on Delhi Air Pollution; AQI Hazardous Category | दिल्ली की हवा जहरीली क्यों, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज: पिछली बार कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट से पूछा था- एहतियात बरतने में देर क्यों हुईं

नई दिल्ली45 मिनट पहले

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दिल्ली में लगातार 5वें दिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक कैटेगरी में रिकॉर्ड किया गया।

दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के उपायों को लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। मामला जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच में सुना जाएगा।

यह मामला एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह की अपील पर लिस्ट किया गया है। जिन्होंने दिल्ली में मौजूदा स्थिति को देखते हुए तत्काल सुनवाई की मांग रखी थी।

14 नवंबर को एमिकस क्यूरी ने कहा था- प्रदूषण के लिए दिल्ली सरकार ने कुछ भी नहीं किया, हालात गंभीर हैं। दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर नहीं बनना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने 18 नवंबर को सुनवाई तय की।

मामला दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण प्रबंधन से जुड़ा है। जिसे एमसी मेहता ने दायर किया है। इसमें NCR राज्यों में वाहनों से होने वाले प्रदूषण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पराली जलाने जैसे मुद्दों को रखा गया है।

इधर, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा फेज लागू कर दिया है। इसके नियम सुबह 8 बजे से प्रभावी होंगे।

1 नवंबर की सुबह दिल्ली में AQI 300 के पार दर्ज किया गया था। तब से यह लगातार बढ़ा है। 17 नवंबर को AQI 450 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया।

1 नवंबर की सुबह दिल्ली में AQI 300 के पार दर्ज किया गया था। तब से यह लगातार बढ़ा है। 17 नवंबर को AQI 450 से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया।

पिछली सुनवाई और कोर्ट के 2 बयान…

  • 14 नवंबर : खतरनाक हालत में पहुंचने से पहले एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए बेंच ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) से पूछा था कि एयर क्वालिटी के सीवियर कैटेगरी में पहुंचने से पहले एहतियाती कदम क्यों नहीं उठाए गए। दरअसल एमिकस क्यूरी ने कहा था- CAQM को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि उन्होंने AQI को खराब होने देने से पहले GRAP-फेज 3 को क्यों नहीं लागू किया।
  • 11 नवंबर: कोई धर्म प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधि का समर्थक नहीं, स्वच्छ हवा मौलिक अधिकार दीवाली के दौरान पटाखों पर बैन के आदेश के उल्लंघन पर कहा था कि कोई भी धर्म प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों का समर्थन नहीं करता है। दिल्ली सरकार दो हफ्तों में यह तय करे कि पटाखा बैन को पूरे साल के लिए बढ़ाया जाए या नहीं। कोर्ट ने कहा- स्वच्छ वातावरण में रहना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

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पूर्व CJI ने वायु प्रदूषण के चलते मॉर्निंग वॉक बंद की; कहा था- खराब हवा में सांस लेने डॉक्टर ने मना किया

पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते उन्होंने मॉर्निंग वॉक पर जाना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके डॉक्टर ने उन्हें सुबह की सैर पर जाने को मना किया है, क्योंकि खराब हवा के चलते सांस संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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