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दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून पर मार्शल लॉ के मामले में मुकदमा चल रहा है.महाभियोग के बाद अब अधिकारी गिरफ्तारी के लिए पहुंचे.यून पर सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश का आरोप.
नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सूक योल के बुरे दिन चल रहे हैं. वह पहले महाभियोग के शिकार हुए और अब वह गिरफ्तार होने वाले हैं. उन्होंने करीब एक महीने पहले मार्शल लॉ घोषित करने के अपने चौंकाने वाले फैसले से देश को राजनीतिक अराजकता में धकेल दिया था. अब शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के अधिकारी मार्शल लॉ के मामले में महाभियोग लगाए गए राष्ट्रपति यून को गिरफ्तार करने पहुंचे.
दरअसल यून पर 3 दिसंबर को मार्शल लॉ लगाने के प्रयास के लिए आपराधिक जांच चल रही है. मार्शल लॉ लगाने के प्रयास ने एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और क्षेत्र के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक दक्षिण कोरिया को स्तब्ध कर दिया था. अगर यून की गिरफ्तारी होती है तो यह दक्षिण कोरिया के किसी मौजूदा राष्ट्रपति की यह पहली गिरफ़्तारी होगी.
माना जा रहा है आज गिरफ्तारी होगी
भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (CIO) के अधिकारी, जो पुलिस और अभियोजकों सहित जांचकर्ताओं की एक संयुक्त टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, सुबह 7 बजे (स्थानीय समयानुसार) के कुछ ही समय बाद यूं के परिसर के गेट पर पहुंच गए थे. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि CIO के वाहन तुरंत परिसर में प्रवेश नहीं कर पाए. आंशिक रूप से एक बस द्वारा ड्राइववे को अवरुद्ध करने के कारण अधिकारी तुरंत उनके परिसर में प्रवेश नहीं कर पाए. लेकिन बाद में लाइव फुटेज में कुछ CIO अधिकारियों को पैदल खुले गेट से प्रवेश करते हुए देखा गया.
यून के घर में जाती पुलिस. (फोटो Reuters)
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा गिरफ्तारी को रोकने की कोशिश करेगी या नहीं. सुरक्षा सेवा ने यून के ऑफिस और आधिकारिक निवास में तलाशी वारंट के साथ जांचकर्ताओं की पहुंच को अवरुद्ध कर दिया है. वहीं प्रदर्शनकारी सुबह-सुबह यून के निवास के पास एकत्र हुए. इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच गई. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि जांच अधिकारी जल्द ही गिरफ्तारी वारंट को तामील करने की कोशिश करेंगे.
क्यों किया जा रहा है दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति को गिरफ्तार?
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में दक्षिण कोरिया की संसद ने यून पर महाभियोग चलाने के लिए मतदान किया था. इसके बाद यून से राष्ट्रपति पद की शक्तियां छीन ली गई थीं. 3 दिसंबर के आदेश पर इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद उनकी अपनी सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ सदस्यों ने उनका विरोध किया था.
कहां से शुरू हुआ था ये खेल?
यून ने 3 दिसंबर को देर रात घोषणा करके पूरे देश में सनसनी फैला दी थी कि वे राजनीतिक गतिरोध को दूर करने और “राज्य विरोधी ताकतों” को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए मार्शल लॉ लगा रहे हैं. यह सब मार्शल की घोषणा के बाद ही शुरू हुआ था. हालांकि, कुछ ही घंटों में 190 सांसदों ने सैनिकों और पुलिस की घेराबंदी को दरकिनार करते हुए यून के आदेश के खिलाफ मतदान किया. अपने शुरुआती आदेश के लगभग छह घंटे बाद यून ने इसे रद्द कर दिया.
Tags: South korea, World news
FIRST PUBLISHED : January 3, 2025, 06:28 IST
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