तमिलनाडु में बाढ़ से हालात खराब
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तमिलनाडु अब तक चक्रवाती तूफान मिचौंग के प्रभाव से उबर भी नहीं पाया है। इस बीच राज्य में एक बार फिर भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में लगातार हो रही बारिश के कारण यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। आलम यह है कि भारी बारिश से 10 लोगों की मौत हो गई। तमिलनाडु के मुख्य सचिव शिव दास मीना ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग का भारी बारिश का पूर्वानुमान भी ‘गलत’ था, क्योंकि दो दिनों के भीतर प्रभावित जिलों में 1150 मिमी बारिश हुई।
उन्होंने कहा कि दो दिनों से लगाताक हो रही बारिश के कारण तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन जिलों में कुछ की जान दीवार गिरने से तो कुछ की मौत बिजली का करंट लगने से हुई। 30 घंटों के भीतर कयालपट्टिनम में 1,186 मिमी बारिश हुई, जबकि तिरुचेंदूर में 921 मिमी बारिश हुई। तूतीकोरिन में कई जगहें और थमीराभरानी नदी के किनारे स्थित गांव बाढ़ के कारण प्रभावित हुए। इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें घरों में पानी भरा देखा जा सकता है। इस बीच जिलाधिकारियों को बांधों से पानी छोड़ने और जनजीवन का ध्यान रखने को लेकर अलर्ट किया गया है।
राहत अभियान जारी
भारतीय सेना ने बाढ़ प्रभावित थुटुकुडी जिले में 57 महिलाओं, 39 पुरुषों और 15 बच्चों का रेस्क्यू किया। बाढ़ जैसे हालात के चलते कई इलाकों में लोग फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और वायुसेना लोगों के रेस्क्यू में जुटी हैं। जलमग्न इलाकों में भारतीय कोस्ट गार्ड के जवान फंसे हुए लोगों को निकालने और लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं। वायुसेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन चल रही है। लोगों को एयर लिफ्ट किया जा रहा है। एक गर्भवती महिला और डेढ़ साल की बच्ची समेत चार यात्रियों को वायुसेना ने सुरक्षित बचाया। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल सहित केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों के लगभग 1,343 कर्मी बचाव और राहत अभियान कार्य में शामिल हैं।
