इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मंत्री प्रतिभा शुक्ला, कैंट विधायक मोहम्मद हसन रूमी, डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह, एसीपी चकेरी दिलीप कुमार सिंह, एडीएम सिटी राजेश कुमार, पार्षद निर्देश सिंह चौहान, सपा नेता फतेह बहादुर सिंह, वरुण यादव, संजय यादव आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में मोर्चरी में रखने के लिए ले जाया गया। वहां से बुधवार सुबह सात बजे कानपुर देहात स्थित पैतृक गांव शिवली हरकिशनपुर ले जाया जाएगा। वहां पर अंतिम दर्शन के बाद बिठूर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। इस दौरान दिल्ली से आए सुधीर के ससुरालीजनों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
हाय हमार बाबू चला गा, बोल मां ने बेटे से फिर लौटने की लगाई करुण पुकार
हाय हमार बाबू चला गा… हमार हीरा चला गा…, बोल बेटे की फोटो को चूम सुधीर की मां राजमणि बिलख पड़ीं। बोलीं कि हमसे फूल चढ़वा रहा है तुम्हें हमारे चढ़ाना चाहिए था। मेरे बेटन की जोड़ी फूट गई…। फिर सुधीर के ताबूत के पास बैठकर बेटे से अगले जन्म में घर वापस आने की बात कहने लगीं। वह बार-बार यही कहे जा रहीं थी कि हाय मेरा बाबू चला गया। वहीं, पिता नवाब सिंह बेटे को पुष्प अर्पित कर अपने आंसू नहीं रोक सकें। इस दौरान बड़े बेटे धर्मेंद्र अपने माता पिता को समझाते रहें। इसके बाद नवाब सिंह एकांत में बेबस दिखें।
बहुत याद आएंगे सुधीर…
सुधीर का पार्थिव शरीर लेकर पोरबंदर कोस्टगार्ड यूनिट से वरुण, भुवेश भारद्वाज, कोमल सिंह, ललित के प्रसाद और ए श्रीवास्तव पहुंचे। सुधीर की पत्नी आवृत्ति ने उनसे सुधीर के अच्छे व्यवहार और ड्यूटी के प्रति निष्ठा की तमाम बातें साझा कीं। बताया कि मुझे उनपर गर्व है, उन्होंने जो जिंदगी में चुना हमेशा वह उन्हें मिला। कभी भी लाइफ में हार नहीं मानी। वह देश के लिए बलिदान हुए हैं। हमेशा मेरा और पूरे परिवार का ख्याल रखा। सुधीर बहुत याद आएंगे। कहा कि, सुधीर ऑफिस ड्रेस पहन कर गर्व महसूस करते थे। कभी भी ड्रेस पर सिकुड़न नहीं आने देते थे, जब भी ऑफिस या प्लेन में जाते, मुझसे बात करते थे। हर पल दूर होकर पास होने का एहसास दिलाते थे।
पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बना पहुंचाया पार्थिव शरीर
बलिदानी सुधीर यादव का पार्थिव शरीर पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लखनऊ से कानपुर पहुंचाया। गुजरात से विशेष विमान से पार्थिव शरीर लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद उन्नाव की सीमा तक लखनऊ पुलिस लेकर आई। उन्नाव पुलिस ने कानपुर सीमा तक पहुंचाया। यहां से कानपुर पुलिस ने रामादेवी से होते हुए घर पहुंचाया।




