Maldives President Muizzoo said – no one can threaten us | भारत से विवाद के बीच मालदीप के राष्ट्रपति का बयान: कहा- हमें कोई धमका नहीं सकता, चीन हमारे अंदरूनी मसलों में दखल नहीं देता

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34 मिनट पहले

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मालदीव के वेलाना एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुइज्जू ने कहा कि हमारे छोटे होने से आपको हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता।

चीन से लौटे मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जु ने भारत का नाम लिए बिना ही भारत पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- हमारा देश छोटा है लेकिन इसका ये मतलब नहीं की आपको हमें धमकाने का लाइसेंस मिल गया है।

5 दिन की चीन विजिट से लौटे राष्ट्रपति मुइज्जू से वेलाना एयरपोर्ट पर भारत के साथ तनाव को लेकर सवाल किया गया। इसके जवाब में उन्होंने कहा- मालदीव एक छोटा और स्वतंत्र देश है। हमारे छोटे होने से आपको हमें धमकाने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। उनकी इस टिप्पणी पर फिलहाल भारत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मुइज्जू 8-13 जनवरी को चीन में थे। यहां से लौटने के बाद उन्होंने चीन की तारीफ की। कहा- चीन ने हमारे आंतरिक मसलों में दखल नहीं दिया। चीन ने यह भी कहा कि वो हमारे किसी भी घरेलू मामले पर अपना असर नहीं डालेगा।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी की लक्षद्वीप विजिट के बाद से दोनों देशों के बीच में तनाव है। PM मोदी ने लक्षद्वीप विजिट का वीडियो शेयर किया था। इस पर मालदीव के मंत्रियों ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसमें भारत की टूरिज्म सेक्टर में फेसेलिटीज को लेकर भी कमेंट्स थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर #BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा था।

PM मोदी 2-3 जनवरी को लक्षद्वीप में थे। उन्होंने यहां की तस्वीरें शेयर कीं। कहा- प्राकृतिक सुंदरता के अलावा लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। इसके बाद मालदीव के लोग PM मोदी और भारतीयों का मजाक उड़ाने लगे।

PM मोदी 2-3 जनवरी को लक्षद्वीप में थे। उन्होंने यहां की तस्वीरें शेयर कीं। कहा- प्राकृतिक सुंदरता के अलावा लक्षद्वीप की शांति भी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। इसके बाद मालदीव के लोग PM मोदी और भारतीयों का मजाक उड़ाने लगे।

हिंद महासागर किसी एक देश का नहीं
राष्ट्रपति मुइज्जू ने हिंद महासागर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा- हिंद महासागर किसी एक देश का नहीं है। मालदीव इस महासागर का सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाले देशों में से एक है। हमारे पास समुद्र में छोटे-छोटे द्वीप हैं, लेकिन 9 लाख वर्ग किलोमीटर का एक बड़ा एक्सक्लूसीव इकोनॉमिक जोन है।

भारत-मालदीव विवाद के 4 कारण…

  • मोहम्मद मुइज्जू ने अपनी चुनावी कैंपेन में इंडिया आउट का नारा दिया।
  • मुइज्जू ने सत्ता में आने के बाद भारत के सैनिकों को निकाल लेने के आदेश दिए।
  • भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे एग्रीमेंट खत्म करने की घोषणा की।
  • मालदीव के दो मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की।

विवाद के बाद मंत्री सस्पेंड

मालदीव की मंत्री ने PM मोदी को आपत्तिजनक शब्द कहे
मंत्री मरियम शिउना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में PM मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वहीं, नेता जाहिद रमीज लिखा कि भारत सर्विस के मामले में हमारा मुकाबला नहीं कर सकता। मरियम यूथ एम्पावरमेंट, इन्फॉर्मेशन एंड आर्ट की डिप्टी मिनिस्टर थीं।

उनकी इस पोस्ट पर मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा- शिउना ने गलत शब्द कहे हैं। ये बात मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि को खतरे में डाल सकती है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार को ऐसी टिप्पणियों से दूरी बनानी चाहिए।

राष्ट्रपति मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था
नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद दोनों देशों के बीच खटास आई है। राष्ट्रपति मुइज्जू चीन समर्थक माने जाते है। वे अपने देश से भारतीय सैनिकों को निकालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मालदीव में कथित भारतीय सेना की मौजूदगी के खिलाफ ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था और इसे लेकर कई प्रदर्शन भी हुए। मालदीव की नई सरकार को लगता है कि उनके देश में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी संप्रभुता के लिए खतरा है।

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