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- Maharashtra Teen Jumps To Death, Leaves Behind ‘log Out Note’ Of Online Game
पुणे29 मिनट पहले
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पुणे में 10वीं में पढ़ने वाले एक किशोर ने गेम का टास्क पूरा करने के लिए 14वीं मंजिल से छलांग लगा दी।
क्या आपको ब्लू व्हेल गेम याद है… जिसमें टास्क के जरिए खिलाड़ी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था? हालांकि 2017 से यह गेम देश में प्रतिबंधित है, लेकिन ठीक ऐसा ही एक और गेम सामने आया है। यह मामला महाराष्ट्र के पुणे का है। यहां 10वीं में पढ़ने वाले एक किशोर ने गेम का टास्क पूरा करने के लिए 14वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक छात्र के कमरे से एक कागज बरामद किया है, जिस पर पेंसिंल से उसके अपार्टमेंट और गैलरी से कूदने वाला टास्क बना हुआ है। इसी पेपर में लॉगआउट भी लिखा है। यही नहीं, गेम की कोडिंग भाषा में लिखे कई कागज भी उसके कमरे से मिले हैं। फिलहाल पुलिस ने दुघर्टना का केस दर्ज कर गेम के बारे में जांच शुरू कर दी है। उमेश के कमरे से बिल्डिंग के तीन डिजाइन मिले हैं। एक में बने मैप में बताया गया है कि सुसाइड कैसे करनी है?

पुलिस पता लगा रही है कि ये नक्शे कब बनाए गए।
अकेले बातें करता था, दिनभर कमरे में बंद रहता था
घटना 26 जुलाई की रात पिंपरी चिंचवाड़ के किवले इलाके में हुई। यहां 15 साल का उमेश श्रीराव मां और छोटे भाई के साथ रहता था। पिता नाइजीरिया में जॉब करते हैं। मां इंजीनियर होने के साथ-साथ गृहिणी हैं। मां ने पुलिस को बताया कि बेटे को 6 महीने से गेम की लत थी। वो खाना-पीना भूलकर खुद को घंटों कमरे में बंद रखता था। अकेले बातें करता था।
कुछ दिन पहले इसी गेम के टास्क में वो चाकू से खेल रहा था। 25 जुलाई को पूरे दिन कमरे में बंद रहा। रात को खाने के लिए बाहर आया और फिर अंदर चला गया। छोटे बेटे को बुखार था, तो मैं उसके पास थी। आधी रात बीती ही थी कि सोसायटी के वॉट्सएप ग्रुप पर मैसेज आया- एक बच्चा बिल्डिंग से गिर गया है। मैसेज पढ़कर मैं कमरे में गई, वहां उमेश नहीं था। फिर नीचे भागी, तो पार्किंग में उमेश खून से लथपथ पड़ा था। अस्पताल ले जाने पहले वो चल बसा।

ब्लू व्हेल गेम ने पहला शिकार जुलाई 2017 में मनप्रीत को बनाया था
भारत में ब्लू व्हेल गेम ने पहला शिकार जुलाई 2017 में मुंबई के 14 साल के स्कूल छात्र मनप्रीत सिंह साहनी को बनाया था। तब मनप्रीत ने 7वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। 2019 में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस गेम के चलते रूस, यूक्रेन, भारत और अमेरिका में 100 से ज्यादा बच्चों की जान गई।

