Jaishankar on russia ukraine war; Italy | G7 meeting | जयशंकर बोले- यूक्रेन जंग का हल बातचीत से निकले: इटैलियन अखबार से कहा- यूरोप को सिद्धांतो की इतनी परवाह तो रूस से रिश्ते खत्म करे

[ad_1]

रोम27 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

इंटरव्यू के दौरान जयशंकर ने चीन, यूरोप, रूस समेत कई मुद्दों पर बात की। फाइल-फोटो

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर G7 देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग अटेंड इटली पहुंचे हैं। यहां उन्होंने इटैलियन न्यूज पेपर कोरिएरे डेला सेरा से यूक्रेन वॉर और भारत-चीन समेत कई मुद्दों पर बात की। जयशंकर ने यूक्रेन वॉर डिप्लोमैटिक हल पर जोर दिया। उन्होंने कहा, यूक्रेन युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है। इसके लिए नए सिरे से डायलॉग शुरू किया जाना चाहिए”।

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि, हर क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की हकीकत के बारे में सोचना चाहिए। अगर यूरोप पर अपने सिद्धांतों की इतनी ही परवाह है तो उसे खुद रूस के साथ अपने सभी व्यापार खत्म कर देने चाहिए।

रोम में आयोजित मेडिटेरेनियन डायलॉग में जयशंकर ने पश्चिम और मिडिल ईस्ट एशिया के साथ मजबूत व्यापार, इन्वेस्टमेंट और राजनीतिक संबंधों पर जोर दिया।

रोम में आयोजित मेडिटेरेनियन डायलॉग में जयशंकर ने पश्चिम और मिडिल ईस्ट एशिया के साथ मजबूत व्यापार, इन्वेस्टमेंट और राजनीतिक संबंधों पर जोर दिया।

यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर

जयशंकर ने मॉस्को और कीव के साथ-साथ इस युद्ध से जुड़े सभी पक्षों को बातचीत में शामिल करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशों को बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खास तौर पर भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा- “यूरोपियन यूनियन भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर और इन्वेस्टर है। हम पिछले कुछ सालों से लगातार बड़े समझौते कर रहे हैं। मैं दोनों के बीच पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ते स्ट्रैटेजिक समझौतों को देख रहा हूं। उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों के लिए फायदेमंद समझौता आर्थिक सहयोग को बढ़ा सकता है।

एस जयशंकर ने इटली में यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की बात कही।

एस जयशंकर ने इटली में यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की बात कही।

देश बाहरी मामलों से ज्यादा अपने फायदे पर जोर दें

जियो पॉलिटिकल प्रेशर, खास तौर पर चीन के साथ तनाव को लेकर उन्होंने कहा कि देशों को बाहरी मामलों से ज्यादा अपने देश के हितों पर जोर देना चाहिए। मेरा जीवन किसी दूसरे देश के इर्द-गिर्द नहीं घूमता। मेरा दिलचस्पी एक शांत, समृद्ध और सहयोगी क्षेत्र देखने में है।

G7 देशों के विदेश मंत्रियों की आउटरीच बैठक का में शामिल होने पहुंचे एस जयशंकर तीन दिवसीय दौरे के लिए इटली पहुंचे हैं। यहां वो 24 से 26 नवंबर तक चलने वाले G7 देशों के विदेश मंत्रियों की आउटरीच बैठक का हिस्सा होंगे। इटली ने इस बैठक के लिए भारत को गेस्ट कंट्री (मेहमान देश) के तौर पर न्योता भेजा है।

एस जयशंकर ने रोम में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।

एस जयशंकर ने रोम में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।

विदेश मंत्रियों की ये बैठक इटली के फिउग्गी में चल रही है। अपनी यात्रा के दौरान वे रोम में भारतीय दूतावास के नए परिसर का उद्घाटन भी किया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अध्ययन संस्थान (ISPI) द्वारा आयोजित ‘मेडिटेरेनियन डायलॉग’ के 10वें संस्करण में भी हिस्सा लिया।

रोम में हर साल मेडिटेरेनियन डायलॉग का आयोजन होता है। इसे आमतौर पर मैड डायलॉग के तौर पर जाना जाता है। इस बार इसका आयोजन 25 से 27 नवंबर तक चलेगा।

——————————————————-

अंतरराष्ट्रीय मुद्दे से जुड़ी खबरें पड़ने के लिए नीचे क्लिक करें…

पाकिस्तान में PM आवास के करीब पहुंचे इमरान समर्थक: कंटनरों पर चढ़े प्रदर्शनकारी, सेना तैनात; अमेरिका बोला- सरकार मानवाधिकारों का सम्मान करे

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर रविवार को शुरू हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया है। पाकिस्तानी वेबसाइट द डॉन के मुताबिक इमरान खान के सैकड़ों समर्थक इस्लामाबाद में डी चौक पर पहुंच गए हैं। पुलिस उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दाग रही है। इसके जवाब में प्रदर्शनकारी पुलिस और सेना पर पत्थर फेंक रहे हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…

बांग्लादेश में इस्कॉन धर्मगुरु की गिरफ्तारी से भारत नाराज: कहा- अपराधी खुलेआम घूम रहे, हक मांगने वाले जेल में; चिन्मय प्रभु की जमानत याचिका खारिज

बांग्लादेश में इस्कॉन के धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर भारत ने नाराजगी जाहिर की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी से हम चिंतित हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *