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24 मिनट पहले
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फुटेज में इजराइली महिला शैरेन कूनियो हमास की कैद में अपना अनुभव साझा करती नजर आ रही हैं।
मेरे लिए लड़ते रहना, हार मत मानना। तुम वो बताना जो मैं यहां से नहीं कह पा रहा हूं। मैं बहुत डरा हुआ हूं।
यह कहना है इजराइली नागरिक डेविड कूनियो का, जो हमास की कैद में है। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, सीजफायर के दौरान हमास ने डेविड की पत्नी और 3 साल की जुड़वा बेटियों को आजाद कर दिया था। उनसे बिछड़ते वक्त डेविड ने पत्नी शैरेन अलोनी कूनियो से यह बात कही थी।
इजराइल के किबुत्ज नीर ओज की रहने वाली शैरेन ने अपने खंडहर हो चुके घर में लौटकर AP के सामने बतौर बंधक अपना अनुभव साझा किया। उसने कहा- जब मैं अपने पति से अलग हो रही थी, तब वो बहुत दुबले हो चुके थे, उनके पैरों में चोट लगी थी और उन्होंने हमें गले से लगा रखा था।

तस्वीर में शैरेन अपने खंडहर घर से जरूरी सामान निकालती नजर आ रही हैं।
शैरेन बोली- बेटियों से कहा था कि हमास लड़ाके हमारी रक्षा कर रहे
इंटरव्यू में शैरेन ने बताया- बंधक के तौर पर मेरा ज्यादातर समय अस्पताल में ही बीता। बाहर जब धमाकों की आवाज आती थी तब मैं अपनी बेटियों एमा और जूली से कहती थी कि यह सिर्फ बादलों के गरजने की आवाज है। बाहर जो आतंकी खड़े हैं, वो हमारी रक्षा के लिए खड़े हैं। शैरेन ने कहा- इजराइल लौटने के बाद से अब जब भी बारिश होती है तो मेरी बेटियां पूछती हैं कि यहां बादल गरजने की आवाज अलग क्यों है।
शैरेन से 7 अक्टूबर के बारे में भी बताया जब हमास ने उन्हें अगवा किया था। उन्होंने कहा- हम अपने सेफ्टी रूम में थे। आतंकियों ने हमारे घर में आग लगा दी। धीरे-धीरे धुआं हमारे कमरे तक आ गया। डेविड जूली को लेकर खिड़की से बाहर कूद गए। मैं धीरे-धीरे बेहोश होने लगी। हमारे साथ डेविड की बहन भी थी। उसने कहा कि हमें भी बाहर कूद जाना चाहिए। यहां घुटकर मरने से बेहतर है कि वो हमें गोली मार दें।
बेटी से अलग होने पर शैरेन को पैनिक अटैक आए
शैरेन ने आगे कहा- जब हम बाहर निकले तो हमास ने हमें मारा नहीं। वो हमें खींचकर साथ ले गए और एक ट्रक में बंद कर दिया। हमारे साथ 4 और बंधक थे। मेरी बेटी एमा हमसे बिछड़ चुकी थी। गाजा पहुंचने पर हमने एक फिलिस्तीनी घर में 10 दिन बिताए। बेटी के खोने की वजह से मुझे पैनिक अटैक आ रहे थे।
इंटरव्यू में शैरेन बोली- नौवें दिन हमारे बगल वाले घर के दरवाजे पर विस्फोट हुआ। इससे हमारी भी दीवार टूट गई और दरवाजे का कांच मेरे सिर पर लगा। इसके बाद फिलिस्तीनियों ने डेविड को अरबियों के पारंपरिक कपड़े पहना दिए। मुझे नासेर अस्पताल ले जाया गया। यहां 3 दिन बाद मुझे एमा के रोने की आवाज सुनाई दी। हमास लड़ाकों ने फिर एमा को मुझे लौटा दिया।
शैरेन ने कहा- अस्पताल में मैं अपनी दोनों बेटियों के साथ एक छोटे से बिस्तर पर सोती थी। मेरा तकिया खून से सना हुआ था। हमें खाना दिए जाने का कोई नियम नहीं था। खाने में ज्यादातर तीखे चावल और मीट दिया जाता था। कुछ दिन ऐसे भी थे, जब हमें खाना नहीं मिला। कम खाना मिलने पर बड़े लोग बच्चों के लिए इसे छोड़ देते थे। हम कुछ खाना बचाकर भी रखते थे।

तस्वीर में शैरेन अपने पति डेविड और तीन साल की जड़वा बेटियों एमा और जूली के साथ नजर आ रही है। (फाइल)
शैरेन बोली- बिना हिजाब कहीं नहीं जा सकते थे
शैरेन ने बताया- टॉयलेट जाने के लिए भी कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था। कहीं भी जाने से पहले हिजाब पहनना जरूरी था। मेरी बेटी एमा अकसर रोती रहती थी। उसके पिता डेविड इस हालत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते थे। रिहाई से कुछ दिन पहले हमास ने बताया कि इजराइल ने सिर्फ महिलाओं और बच्चों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
शैरेन ने AP से कहा- पुरुषों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। हम अगले तीन घंटों तक डेविड को गले लगाकर बैठे रहे। मेरी बेटियां अपने पिता को छोड़कर नहीं जाना चाहती थीं। वो पूछ रही थीं कि पापा को कहां ले जाया जा रहा है। 3 दिन बाद हम इजराइल लौट आए। डेविड अब तक हमास के पास है।
इंटरव्यू के आखिर में शैरेन के कहा- डेविड किसी सुरंग में बंद है और हम यहां गर्म खाना खा रहे हैं, खेल रहे हैं मुझे ये करना किसी गुनाह जैसा लगता है। मैंने उससे लड़ते रहने का वादा किया था। मैं तब तक हार नहीं मानूंगी, जब तक वो घर नहीं आ जाता।
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