[ad_1]
कोलंबो1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
श्रीलंका ने इस साल अब तक 182 भारतीयों को गिरफ्तार किया है। (फाइल)
श्रीलंकाई नौसेना ने शनिवार को 18 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया और 3 नाव को अपने कब्जे में ले लिया। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि मछुवारे उनके डेल्फ्ट द्वीप में घुस आए थे।
श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन गयान विक्रमसूर्या ने बताया कि अब मछुआरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए श्रीलंका के जाफना जिले में कांकेसंथुराई बंदरगाह ले जाया जाएगा।
यह एक हफ्ते में दूसरा मामला है जब श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले नौसेना ने चार भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था और उनकी नाव जब्त कर ली थी।
श्रीलंकाई अधिकारियों के मुताबिक इस साल अब तक 182 भारतीयों को गिरफ्तार किया गया और 25 नाव जब्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय मछुआरे अवैध तरीके से श्रीलंका में घुसने की कोशिश करते हैं।

भारतीय क्षेत्र में लगातार मछलियों की संख्या घट रही है इसलिए मछुआरे श्रीलंका की तरफ जाते है। (फाइल)
इस साल भी पिछले साल के बराबर गिरफ्तारियां हुईं
श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि 2023 में भी भारतीय मछुआरों यहीं हाल था, जिसमें जून के महीने में 240-245 तक मछुआरों गिरफ्तार किया था, जो इस साल लगभग 75% है। कई बार तमिलनाडु सरकार इस बात का मुद्दा केन्द्र सरकार के सामने भी उठा चुकी है।
मछुआरे सबसे ज्यादा तमिलनाडु के पाक स्ट्रेट से श्रीलंका के उत्तरी सिरे में मछलियों पकड़ने जाते हैं। यहां बड़ी संख्या में मछलियों का झुंड रहता है, जो लंबी और वजन में भारी होती हैं।
कैसे पकड़े जाते हैं मछुआरे
भारतीय हिस्से में मछलियों की संख्या लगातार कम हो रही हैं। ऐसे में फिशिंग के लिए मछुआरे श्रीलंका के आइलैंड की तरफ जाते हैं। हालांकि वहां तक जाने के रास्ते में इंटरनेशनल समुद्री सीमा पड़ती है, जिसे भारतीय मछुआरों को लांघना पड़ता है। इस सीमा को पार करते ही श्रीलंकन नेवी भारतीय मछुआरों को अरेस्ट कर लेती है। श्रीलंकाई सेना कई बार भारतीय मछुआरों पर गोली चला चुकी है।
ये खबरें भी पढ़े…
हिंद महासागर में कोबाल्ट के पहाड़ पर कब्जे की लड़ाई: इंटरनेशनल अथॉरिटी ने भारत की याचिका खारिज की; श्रीलंका को मिला तो चीन कर सकता है कब्जा

भारत के सबसे दक्षिणी छोर से 1350 किलोमीटर दूर हिंद महासागर के बीच में मिले कोबाल्ट के पहाड़ पर कई देशों ने दावा किया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहाड़ का नाम अफानासी निकितिन सीमाउंट है। ये भारत के बजाय श्रीलंका के ज्यादा करीब है। भारत और श्रीलंका दोनों इसका खनन करना चाहते हैं…यहां पढ़े पूरी खबर
श्रीलंकाई मंत्री बोले- कच्चाथीवू पर भारत से बात नहीं हुई: लौटाने को कहा तो जवाब देंगे; BJP ने कहा था- द्वीप वापस लेने की कोशिश जारी

श्रीलंका के मंत्री ने कहा है कि भारत ने अब तक कच्चाथीवू द्वीप को लेकर उनकी सरकार से कोई बात नहीं की है। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में श्रीलंका के मंत्री जीवन थोंडामन ने कहा कि भारत ने कच्चाथीवू पर अधिकार लौटाने को लेकर उनसे कोई मांग नहीं की है…यहां पढ़े पूरी खबर
[ad_2]
Source link
