नई दिल्ली21 मिनट पहले
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CJI चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को रिटायर हो जाएंगे, लेकिन उससे पहले 8 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी वर्किंग डे है। CJI चंद्रचूड़ की विदाई के लिए सेरेमोनियल बेंच चल रही है। जिसकी लाइव स्ट्रीमिंग हो रही है। इसमें उनके साथ जस्टिस मनोज मिश्रा, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस जेबी पारदीवाला भी होंगे।
जस्टिस चंद्रचूड़ 13 मई 2016 को बतौर सिटिंग जज, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किए गए थे।
अपने कार्यकाल में CJI चंद्रचूड़ 1274 बेंचों का हिस्सा रहे। उन्होंने कुल 612 फैसले लिखे। सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों में CJI चंद्रचूड़ ने सबसे ज्यादा फैसले लिखे हैं।
नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड के मुताबिक CJI डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केसों की संख्या 82509 है।
CJI डीवाई चंद्रचूड़ को लेकर बने कुछ रिकॉर्ड
- CJI बनने वाली इकलौती पिता-पुत्र की जोड़ी- जस्टिस चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ देश के 16वें CJI थे। उनका कार्यकाल 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक, यानी करीब 7 साल तक रहा। पिता के रिटायर होने के 37 साल बाद उसी पद पर बैठे। जस्टिस चंद्रचूड़ पिता के 2 बड़े फैसलों को SC में पलट भी चुके हैं।
- जस्टिस चंद्रचूड़ के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट सबसे ज्यादा हाईटेक हुआ- CJI चंद्रचूड़ के कार्यकाल में कोर्ट और ज्यादा हाईटेक हुआ। इनमें ई-फाइलिंग में सुधार, पेपरलेस सबमिशन, पेंडिंग केसेस के लिए व्हाट्सएप अपडेट, डिजिटल स्क्रीन, वाई-फाई कनेक्टिविटी, एडवांस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, पेंडिंग केस की लाइव ट्रैकिंग, सभी कोर्टरूम से लाइवस्ट्रीमिंग शामिल रही।
- लोगो और न्याय की देवी का रूप बदला- सुप्रीम कोर्ट की लाइब्रेरी में ‘लेडी ऑफ जस्टिस’ को CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने ऑर्डर देकर बनवाया। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि देश में कानून अंधा नहीं है और यह सजा का प्रतीक नहीं है। इसके अलावा 1 सितंबर को नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी के वैलेडिक्ट्री इवेंट में सुप्रीम कोर्ट का फ्लैग और चिह्न भी जारी किया गया।
- छुटि्टयों का कैलेंडर बदला- सुप्रीम कोर्ट में ग्रीष्म अवकाश की जगह आंशिक न्यायालय कार्य दिवस शब्द का प्रयोग होगा। नए कैलेंडर के अनुसार इस साल यह अवधि 26 मई 2025 से 14 जुलाई 2025 तक रहेगी। नए नियमों के तहत अवकाश जज को जज कहा जाएगा। रविवार को छोड़कर 95 दिनों से ज्यादा छुट्टी नहीं होगी। पहले यह संख्या 103 थी।
- जजों के बैठने की कुर्सियां बदलीं- ब्रिटेन में एक इवेंट के दौरान एक शख्स ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की बेंच की कुर्सियां एक जैसी क्यों नहीं हैं। यानी उनकी बैक रेस्ट की ऊंचाई अलग-अलग क्यों है? CJI जब भारत लौटे तो उन्होंने सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट का मेंटेनेंस देखने वाले रजिस्ट्री अधिकारी को इस बारे में बताया और बदलाव के निर्देश दिए।
CJI चंद्रचूड़ की चर्चित और विवादित तस्वीरें…

तस्वीर 9 नवंबर 2022 की है, जब CJI के रूप में अपने कार्यकाल के पहले दिन जस्टिस चंद्रचूड़ अपनी पत्नी कल्पना के साथ चेंबर में पहुंचे थे। उन्होंने पहले तिरंगे को नमन किया।

तस्वीर नवंबर 2022 की है। इसी महीने जस्टिस चंद्रचूड़ ने 50वें CJI के रूप में शपथ ली थी। तस्वीर में उनकी पत्नी कल्पना के साथ दोनों गोद ली हुई दिव्यांग बेटियां प्रियंका और माही नजर आ रही हैं।

तस्वीर सितंबर 2024 की है, जब तिरुपति देवस्थानम लड्डू प्रसाद में जानवरों की चर्बी वाला घी मिलाए जाने के विवाद में घिरा था। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच CJI तिरुपति गए थे।

11 सितंबर 2024 को पीएम मोदी, चीफ जस्टिस के घर गणेश पूजा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने कई जगह ये कहा था कि इस मुलाकात में कुछ भी गलत नहीं था।
पेशवा के राज में शक्तिशाली था चंद्रचूड़ का परिवार

फोटो साभार- इंटेक आर्किटेक्चरल हैरिटेज डिवीजन
महाराष्ट्र के कन्हेरसर में खेद गांव में चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ के पूर्वजों का पुश्तैनी महल है। इसका नाम चंद्रचूड़ वाड़ा है। यह साढ़े तीन एकड़ में फैला है। चंद्रचूड़ के पूर्वज पेशवा राज में बहुत पावरफुल था। उनके दरबारी थे। भीमा कोरेगांव में इनकी सत्ता थी। पिछले दिनों CJI अपने गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने भी गए थे।
जस्टिस संजीव खन्ना होंगे सुप्रीम कोर्ट के 51वें चीफ जस्टिस

जस्टिस संजीव खन्ना सुप्रीम कोर्ट के 51वें चीफ जस्टिस होंगे। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने सरकार से उनके नाम की सिफारिश की थी। हालांकि, उनका कार्यकाल सिर्फ 6 महीने का होगा। 64 साल के जस्टिस खन्ना 13 मई 2025 को रिटायर होंगे। सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर जस्टिस खन्ना ने 65 फैसले लिखे हैं। इस दौरान वे करीब 275 बेंचों का हिस्सा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट जज बनाए जाने से पहले वे दिल्ली हाईकोर्ट में 14 साल तक जज रहे। उन्हें 2019 में सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था।
