Bengal Governor Said- It is Unconstitutional To Administer Oath To Two MLAs by Speaker | बंगाल गवर्नर बोले-दो विधायकों को स्पीकर का शपथ दिलाना अंसवैधानिक: राष्ट्रपति मुर्मू को लेटर लिखा, संविधान के आर्टिकल 188 का हवाला भी दिया

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कोलकाता43 मिनट पहले

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राजभवन में काम करने वाली एक महिला ने 3 मई को राज्यपाल बोस के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। (फाइल)

पश्चिम बंगाल में 2 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में जीत कर आए TMC विधायकों को शुक्रवार (5 जुलाई) को स्पीकर बिमान बनर्जी ने शपथ दिलाई। गवर्नर आनंद बोस ने इसे असंवैधानिक बताया। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू को लेटर भी लिखा।

आनंद बोस ने संविधान के आर्टिकल 188 का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि विधायकों की शपथ के लिए डिप्टी स्पीकर को जिम्मा दिया गया था। संविधान और परंपराओं के मुताबिक राज्यपाल शपथ के लिए जिसे अधिकृत करता है, शपथ उसे ही दिलानी होती है।

डिप्टी स्पीकर और सदन के उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी ने कहा कि जब अध्यक्ष कुर्सी पर मौजूद हों तो उपसभापति द्वारा शपथ दिलाना नियमों के खिलाफ है। विधानसभा कार्यवाही के नियम 5 के अनुसार, यदि अध्यक्ष मौजूद हैं, तो मैं शपथ नहीं दिला सकता। अगर नियमों के खिलाफ जाकर शपथ दिलाता तो इसे अध्यक्ष के पद का अपमान माना जाता।

इसपर आनंद बोस ने कहा कि क्या कोई नियम संविधान से ऊपर हो सकता है? यह तो सभी जानते हैं कि संविधान किसी भी नियम से ऊपर है।

पश्चिम बंगाल के स्पीकर बिमान बनर्जी (बीच में) ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के भगवानगोला से रयात हुसैन सरकार (दाएं) और कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में बारानगर सीट से विधायक सायंतिका बंदोपाध्याय (बाएं) को विधायक पद की शपथ दिलाई।

पश्चिम बंगाल के स्पीकर बिमान बनर्जी (बीच में) ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के भगवानगोला से रयात हुसैन सरकार (दाएं) और कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में बारानगर सीट से विधायक सायंतिका बंदोपाध्याय (बाएं) को विधायक पद की शपथ दिलाई।

5 पॉइंट में समझिए पूरा मामला…

  1. लोकसभा चुनाव के पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के भगवानगोला विधानसभा सीट और कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में बारानगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। बारानगर सीट से TMC नेता और एक्ट्रेस सायंतिका बंदोपाध्याय जीतीं। वहीं, भगवानगोला विधानसभा सीट से TMC के रयात हुसैन सरकार जीते।
  2. दोनों विधायकों को राज्यपाल आनंद बोस ने शपथ लेने के लिए राजभवन बुलाया। दोनों विधायकों ने इनकार करते हुए कहा था हमारी शपथ विधानसभा में होनी चाहिए। उपचुनाव जीतने के मामले में राज्यपाल विधानसभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी देते हैं।
  3. दोनों विधायकों ने अपनी मांग को लेकर अंबेडकर की मूर्ति के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किया। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने 27 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर विधायकों के शपथग्रहण के मामले में हस्तक्षेप करने को कहा।
  4. 7 दिन तक चले धरना प्रदर्शन के बाद गवर्नर आनंद बोस ने 4 जुलाई को विधानसभा उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी को दोनों विधायकों के शपथ दिलाने की जिम्मादी सौंपी। शुक्रवार यानी 5 जुलाई को उपाध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के नियम 5 के मुताबिक अध्यक्षक के होते हुए मैं शपथ नहीं दिला सकता।
  5. इसके बाद स्पीकर बिमान बनर्जी ने दोनों विधायकों को शपथ दिलाई। विधायकों के शपथ लेने पर विधानसभा के टीएमसी सदस्यों ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाए। इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। स्थगन के कुछ देर बाद आनंद बोस ने X पर पोस्ट कर शपथ ग्रहण को असंवैधानिक बताया।
अंबेडकर की मूर्ति के सामने दोनों विधायकों ने प्लेकार्ड लेकर धरना दिया था। तस्वीर 2 जुलाई की है।

अंबेडकर की मूर्ति के सामने दोनों विधायकों ने प्लेकार्ड लेकर धरना दिया था। तस्वीर 2 जुलाई की है।

विधायक सांयतिका बोलीं- देरी के लिए गवर्नर जिम्मेदार
हमें विधानसभा के भीतर शपथ लेकर बहुत खुशी हुई। हमारे शपथ ग्रहण में देरी के कारण हम विधायक के रूप में अपने निर्वाचन क्षेत्रों की सेवा करने में असमर्थ थे। हमारे कार्यकाल का समय दो साल से भी कम है। ऐसे में जनता की सेवा के लिए समय महत्वपूर्ण था। मेरे क्षेत्र की जनता को सेवा नहीं मिल पाई, इसके लिए गवर्नर जिम्मेदार हैं।

क्या कहता है आर्टिकल 188?

  • संविधान के आर्टिकल 188 और आर्टिकल 193 में विधायकों की शपथ की प्रक्रिया और अधिकार का जिक्र है।
  • आर्टिकल 188 में कहा गया है कि किसी भी राज्य की विधानसभा या विधान परिषद का हर एक सदस्य को राज्यपाल या राज्यपाल द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष ही शपथ लेना होगा।
  • यदि विधायक आर्टिकल 188 के तहत शपथ नहीं लेता है और विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो जाता है तो आर्टिकल 193 में विधायक के लिए दंड का प्रावधान है।

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महिला का आरोप- राज्यपाल ने यौन उत्पीड़न किया, गवर्नर बोस की गिरफ्तारी और जांच क्यों नहीं हो सकती

2 मई 2024 की रात। PM नरेंद्र मोदी कोलकता स्थित राजभवन पहुंचने वाले थे। रात यहीं गुजारकर अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के कई चुनावी कार्यक्रमों में शामिल होना था। PM के पहुंचने से कुछ घंटे पहले एक महिला ने आरोप लगाया कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दो अलग-अलग मौकों पर उसका यौन उत्पीड़न किया है।

महिला की शिकायत के बावजूद राज्यपाल के खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज नहीं हुआ है। बंगाल पुलिस कानूनी सलाह ले रही है कि इस मामले में कार्रवाई कैसे की जाए? इसकी वजह यह है कि राज्यपाल के पद पर रहने वाले व्यक्ति को संविधान से केस और गिरफ्तारी से इम्यूनिटी मिली हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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