गांधीनगर11 मिनट पहले
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अमित शाह गुजरात के गांधीनगर में 50वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भाजपा सरकार पिछले 10 सालों में जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल इलाकों में 70 % तक हिंसा कम करने में सफल रही है। कई सालों से इन तीनों इलाकों को बहुत अशांत माना जाता था, लेकिन पिछले 10 सालों की तुलना करने पर पता चलता है कि हमने उल्लेखनीय सुधार किया है।
वे गुजरात के गांधीनगर में 50वें अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इंटर्नल सिक्योरिटी और क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। ये कड़ी मेहनत और बेहतर कॉर्डिनेशन मांगते हैं। आने वाले 10 साल भारत के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को दुनिया में सबसे ज्यादा मॉडर्न, साइंटिफिक और तेज बनाने का समय है।

कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह के साथ गुजरात CM भूपेंद्र पटेल और पुलिस महानिदेशक विकास सहाय भी मौजूद थे।
भाषण के तीन अहम बिंदु…
3 नए कानून: तीन नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद FIR दर्ज होने की तारीख से तीन साल के भीतर लोगों को सुप्रीम कोर्ट स्तर से न्याय मिल सकेगा। नए कानूनों में टेक्नोलॉजी के सभी सिस्टम शामिल किए गए हैं। सुनिश्चित किया गया है कि टेक्नोलॉजी चाहे जितनी भी बदल जाए कानून में बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

न्याय व्यवस्था: गृह मंत्रालय ने तीनों कानून लागू करने से पहले व्यापक तैयारी की थी। हमने कोर्ट, प्रॉसिक्यूशन (वादी पक्ष), पुलिस और जेल को जोड़ने की व्यवस्था की। एक तरह से अपराध से लेकर न्याय मिलने और जेल तक सभी कड़ियों को जोड़ने का काम किया।
इसके बाद मोदी सरकार ने कानून लागू किए। सरकार ने सुनिश्चित किया कि नागरिक सुरक्षा इनके केंद्र में रहे और लोग संवैधानिक अधिकारों का फायदा उठा सकें। हमने 60 अलग-अलग प्रावधानों में कोर्ट, प्रॉसिक्यूशन और पुलिस को टाइमलाइन के भीतर काम पूरा करने के लिए बाध्य करके न्याय व्यवस्था में गति लाने की कोशिश की है।

अर्थव्यवस्था: भारत 10 सालों में 11वीं से दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। देश टेक्नोलॉजी, सिक्योरिटी, शिक्षा, रिसर्च और डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस जैसे सभी क्षेत्रों में दुनिया को लीड करने के लिए आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब आप आगे बढ़ते हैं तो किसी की जगह लेते हैं, इससे टकराव पैदा होता है। आपको टकराव का एनालिसिस करने के बाद आगे बढ़ना होगा। भारत ने आर्थिक और सामाजिक सुधारों के माध्यम से एक मजबूत नींव रखी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 1 अप्रैल, 2028 से पहले दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। दुनिया जब हमारी ताकत पहचानती है तो चुनौतियां बढ़ जाती हैं। हमें इनको ध्यान में रखते हुए खुद को तैयार करना होगा।
जानिए, 3 नए कानूनों से क्या बदलाव हुए हैं…
देश में 5 करोड़ केस पेंडिंग हैं। इनमें से 4.44 करोड़ केस ट्रायल कोर्ट में हैं। इसी तरह जिला अदालतों में जजों के 25,042 पदों में से 5,850 पद खाली हैं।
- IPC में 511 धाराएं थीं जबकि BNS में सिर्फ 356 हैं। पुराने कानून की 175 धाराएं बदल गई हैं। 8 नई जोड़ी गईं जबकि 22 धाराएं खत्म हो गई हैं।
- BNS में 20 नए अपराध जोड़े गए हैं। ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, हिट एंड रन, मॉब लिंचिंग पर सजा का प्रावधान है।
- CrPC की जगह लाए गए BSA में 533 धाराएं हैं। 160 धाराएं बदली गईं, 9 नई जुड़ीं, 9 खत्म कर दी गईं।
- पूछताछ से ट्रायल तक सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करने का प्रावधान हो गया है, जो पहले नहीं था।
- अब ट्रायल कोर्ट को अधिकतम 3 साल में फैसला देना होगा।
- 33 अपराधों में कारावास की सजा बढ़ा दी गई।
- 83 अपराधों में जुर्माने की सजा बढ़ा दी गई।
- 6 अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया।

