A private school vehicle full of children overturned | स्कूली बच्चों से भरी लोडिंग गाड़ी पलटी, 2 की मौत: ड्राइवर की बेटी की भी नीचे दबने से जान गई; 13 मासूम गंभीर घायल – Phalodi News

हॉस्पिटल में एक साथ कई घायल बच्चों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल नजर आया।

स्कूली बच्चों से भरी लोडिंग गाड़ी के पलटने से दो मासूमों की मौके पर ही मौत गई। वहीं, 11 बच्चे घायल हो गए। हादसा फलोदी जिले के मोरिया-पड़ियाल मार्ग पर सुबह करीब 7.30 बजे हुआ।

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ग्रामीणों के अनुसार कैंपर काफी स्पीड में थी। इस कारण बैलेंस बिगड़ गया और गाड़ी पलट गई। ग्रामीणों ने निजी वाहनों से घायल 9 बच्चों को फलोदी के जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां से गंभीर घायलों को जोधपुर रेफर किया है। वहीं, 4 बच्चों को परिजन घटनास्थल से ही अपने साथ ले गए थे।

कैंपर गाड़ी को ग्रामीणों ने सीधा किया। हादसे के बाद कुछ देर तक सड़क मार्ग भी जाम रहा।

पुलिस के अनुसार सभी 15 बच्चे पड़ियाल के मरुस्थल पब्लिक स्कूल के हैं। कैंपर अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे झाड़ियों में घुसी फिर पेड़ से टकराकर पलट गई। गाड़ी के नीचे दबे बच्चों को ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। हादसे में हिमांशु (13) पुत्र मगाराम और कैंपर ड्राइवर सोनाराम की पुत्री मनीषा (6) की मौत हुई है। वहीं, सोनाराम भी बुरी तरह घायल हुआ है।

कैंपर को स्कूल वैन की तरह यूज किया जा रहा था

जानकारी के अनुसार घायल ड्राइवर सोनाराम स्कूल संचालक नरेश कुमार का भाई है। स्कूल संचालक का दावा है कि अचानक कुत्ता आ जाने के कारण गाड़ी सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई और पलट गई। वहीं, फलोदी RTO इंस्पेक्टर दिनेश बोहरा ने बताया कि स्कूली बच्चों के लिए लोडिंग वाहन का उपयोग नहीं किया जा सकता है, यह नियमों के खिलाफ है।

मामले में ड्राइवर का लाइसेंस और वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई संचालक ऐसी जानलेवा लापरवाही न करे। हर महीने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्रवाई की जाती है, लेकिन फिर भी स्कूल संचालक लापरवाही करते हैं।

घटनास्थल पर बच्चों के स्कूल बैग पर बिखर गए। बदहवास स्थिति में घायलों को हॉस्पिटल ले जाया गया।

घटनास्थल पर बच्चों के स्कूल बैग पर बिखर गए। बदहवास स्थिति में घायलों को हॉस्पिटल ले जाया गया।

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