यूपी माध्यमिक शिक्षा के ज्वाइंट डायरेक्टर 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार, 10 लाख की थी डिमांड

संभागीय संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा रामप्रताप शर्मा शनिवार को तीन लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। शिकायत पर विजिलेंस ने जाल बिछाया था। रिश्वत की रकम लेते ही टीम ने उन्हें दबोच लिया। आरोपित अधिकारी के खिलाफ विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपित अधिकारी को मेरठ स्थित विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एसपी विजिलेंस आगरा सेक्टर शगुन गौतम ने बताया कि डीसी वैदिक इंटर कॉलेज में तैनात सहायक अध्यापक अजयपाल सिंह के खिलाफ फर्जी नियुक्ति की शिकायत हुई थी। अजयपाल सिंह बीएस टॉवर आवास विकास कालोनी सेक्टर तीन के निवासी हैं। उनके खिलाफ हुई शिकायत पर एक जांच पूर्व में डीआईओएस ने की थी। जिसमें उन्हें क्लीनचिट मिली। दूसरी जांच के लिए एक समिति बनी थी। समिति के अध्यक्ष आरोपित अधिकारी रामप्रताप शर्मा हैं। अजयपाल सिंह ने विजिलेंस में शिकायत की कि जांच को निस्तारित करने के एवज में दस लाख रुपये की मांग की गई है। फाइल निस्तारण से पहले तीन लाख रुपये एडवांस मांगे गए हैं। शिकायत पर गोपनीय जांच कराई गई। गोपनीय जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि लेन-देन के बाद संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा के कार्यालय में फाइल का निस्तारण किया जाता है। 

अजय पाल से कहा गया कि वह तय समय पर रिश्वत की रकम देने जाएगा। पचकुइयां-तहसील मार्ग पर संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा का कार्यालय है। अजय पाल शाम के समय रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा। रकम उसने आरोपित अधिकारी को दी। इसी दौरान पहुंची टीम ने उन्हें दबोच लिया। कार्रवाई से शिक्षा विभाग में खलबली मच गई। हर कोई यह जानने में जुट गया कि आखिर मामला क्या है। किसने शिकायत की थी। कितनी घूस मांगी गई थी। विजिलेंस आगरा सेक्टर द्वारा लगातार घूसखोरी के मामले में शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले भी शिक्षा विभाग में कई लोग पकड़े जा चुके हैं।

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