मालदीव का चीन से हुआ मोहभंग, जयशंकर से मुलाकात के बाद मुइज्जू बोले- भारत हमारा अमूल्य पार्टनर

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पिछले कुछ महीनों से भारत-मालदीव संबंधों में आ रही मधुरता के संकेतों के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शनिवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 28 द्वीपों में फैली जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए भारत को मालदीव का सबसे करीबी मित्र और अमूल्य साझेदार बताया। वहीं, जयशंकर ने कहा कि भारत-मालदीव हमारी साझेदारी के आदर्श वाक्य ‘मालदीव द्वारा कल्पना, भारत द्वारा कार्यान्वित’ को मूर्त रूप देता है।

इस मौके पर जयशंकर ने कहा, “हमारा प्रयास होगा कि हम अपने संबंधों की इस परिभाषित विशेषता का लाभ उठाएं और नई ऊंचाइयों को छुएं। मुझे उम्मीद है कि महामहिम राष्ट्रपति आपके मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से हमारे संयुक्त प्रयास, हमारी संयुक्त गतिविधियां और हमारा साझा दृष्टिकोण हमारे दोनों देशों की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।”

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शनिवार को भारत के साथ घनिष्ठ और ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अपनी सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। दोनों ने छह प्रमुख क्षेत्रों- आर्थिक संबंधों, आवास, रक्षा, पर्यटन, क्षमता विकास और बुनियादी ढांचा विकास को मजबूत करने के बारे में विस्तार से चर्चा की।

राष्ट्रपति कार्यालय में हुई बैठक के दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू ने मालदीव में भारतीय विदेश मंत्री का स्वागत किया। राष्ट्रपति मुइज्जू ने जून में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए अपनी भारत यात्रा के दौरान गर्मजोशी और दयालु आतिथ्य के लिए भारत सरकार के प्रति अपना आभार दोहराया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर केंद्रित व्यापक चर्चा हुई।

विदेश मंत्री जयशंकर ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति की सराहना की और प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी क्षेत्रों में मालदीव की सहायता करने में भारत की अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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