5 Indians sentenced to 122 years in prison in Britain | ब्रिटेन में 5 भारतीयों को 122 साल की सजा: 7 महीने पहले एक भारतीय की हत्या की थी, कुल्हाड़ी-हॉकी स्टिक से हमला किया था

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लंदन2 मिनट पहले

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तस्वीर 23 साल के भारतीय अरमान सिंह की है। सजा पाने वाले भारतीयों ने अगस्त 2023 में हत्या कर दी थी।

ब्रिटेन में शुक्रवार को 5 भारतीयों को 122 साल की सजा हुई है। इन्हें 23 साल के भारतीय ड्राइवर की हत्या के लिए दोषी पाया गया।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्शदीप सिंह, जगदीप सिंह, शिवदीप सिंह और मनजोत सिंह को हत्या के लिए 28-28 साल की सजा सुनाई गई। वहीं, सुखमनदीप सिंह को हमले में मदद करने के लिए 10 साल की सजा हुई।

पांचों भारतीयों ने अगस्त 2023 में एक डिलिवरी ड्राइवर अरमान सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पश्चिमी इंग्लैंड के श्रुस्बरी शहर में अरमान पर कुल्हाड़ी, हॉकी स्टिक, लोहे की रॉड, फावड़ा, चाकू, क्रिकेट बैट से हमला किया गया था।

ब्रिटेन की पुलिस ने दोषी भारतीयों की यह तस्वीर शेयर की है।

ब्रिटेन की पुलिस ने दोषी भारतीयों की यह तस्वीर शेयर की है।

8 नकाबपोश हमलावरों ने हत्या की थी
पिछले 5 हफ्तों से इस मामले में सुनवाई जारी थी। इसमें सामने आया कि दो कारों में 8 नकाबपोश लोग अरमान पर हमला करने पहुंचे थे। इनके पास खतरनाक हथियार थे और सभी ने काले रंग का मास्क पहन रखा था।

आरोपी भारतीयों के खिलाफ केस लड़ रहे वकील ने कोर्ट से कहा, “आरोपियों ने अरमान के सिर पर तीन बार कुल्हाड़ी से वार किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर कई फ्रैक्चर आने की बात है। इसके बाद रॉड, हॉकी से हमला हुआ। बाद में पीठ में चाकू मारा गया। अरमान की मौके पर ही मौत हो गई थी।”

तस्वीर श्रुस्बरी शहर के उस इलाके की है, जहां अरमान की हत्या की गई।

तस्वीर श्रुस्बरी शहर के उस इलाके की है, जहां अरमान की हत्या की गई।

हमले की वजह साफ नहीं
BBC के मुताबिक, कोर्ट को हमले की वजह नहीं बताई गई। अरमान के वकील ने कहा, “हत्या को साबित करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि मकसद साबित किया जाए, न ही यह साबित करने की जरूरत है कि ऐसा क्योंकि हुआ। इस मामले में ये साबित नहीं किया जाना चाहिए की हमला क्यों हुआ। हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई। इसलिए आरोपियों को सजा होनी चाहिए।

विदेशों में भारतीयों को सजा होने से जुड़े अन्य मामले…

1. भारतीय कपल को हो चुकी है 33 साल की जेल
फरवरी में ब्रिटेन की एक कोर्ट ने एक भारतीय कपल को 33 साल की सजा सुनाई। इस कपल पर ड्रग तस्करी के आरोप थे। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) के मुताबिक आरती धीर और कवलजीत सिंह रायजादा ने 600 करोड़ की 514 किलोग्राम कोकीन ऑस्ट्रेलिया स्मगल की थी। दोनों को 2021 में ब्रिटेन के हैनवेल शहर में गिरफ्तार किया गया था।

इस कपल पर अपने 11 साल के सौतेले बेटे की हत्या करने के भी आरोप थे। इसे लेकर भारत सरकार ने ब्रिटेन की सरकार से कपल को प्रत्यर्पित करने की मांग की थी।

तस्वीर आरती धीर और कवलजीत सिंह रायजादा की है। दोनों ने ड्रग तस्करी और बेटे को मारने वाले आरोपों को खारिज किया है।

तस्वीर आरती धीर और कवलजीत सिंह रायजादा की है। दोनों ने ड्रग तस्करी और बेटे को मारने वाले आरोपों को खारिज किया है।

2017 में बेटे का शव सड़क किनारे मिला था
आरती और कवलजीत ने 2015 में गुजरात में गोपाल सेजानी को गोद लिया था। गोपाल गांव में अपनी बहन और पिता के साथ रहता था। कपल ने गोपाल के पिता से वादा किया था कि वो गोपाल को लंदन ले जाएंगे, लेकिन 2017 में उसे अगवा कर लिया गया।

8 फरवरी 2017 में गोपाल का शव सड़क किनारे मिला था। शरीर पर चाकू से वार के निशान थे। भारतीय पुलिस का कहना था कि दोनों ने इंश्योरेंस के पैसों के लिए बच्चे को एडॉप्ट किया, फिर उसे अगवा करवाया और उसकी हत्या कर दी।

भारत ने ब्रिटेन से आरती और कवलजीत को प्रत्यर्पित करने की मांग की थी। हालांकि 2019 में ब्रिटिश सरकार ने यह मांग खारिज कर दी थी।

तस्वीर 11 साल के गोपाल सेजानी की है। हमले के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी।

तस्वीर 11 साल के गोपाल सेजानी की है। हमले के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी।

2. अमेरिका में भी भारतीय को 9 साल की जेल
अमेरिका के मिशिगन में रहने वाले योगेश पंचोली को 9 साल जेल की सजा हुई है। कोर्ट ने उसे यह सजा 23.26 करोड़ रुपए हेल्थ केयर फ्रॉड के लिए सुनाई है। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक योगेश ने स्वास्थ्य कंपनी श्रृंग होम केयर इंक (श्रृंग) को खरीदा था। उससे दवाओं की बिक्री का अधिकार छीन लिया गया था। बावजूद इसके पंचोली ने कंपनी खरीदी। इसके लिए उसने फर्जी नाम, हस्ताक्षर और व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारी का उपयोग किया।

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भारतीय की हत्या करने वाले अमेरिकी को सजा-ए-मौत : डेथ इंजेक्शन लगाया गया; आरोपी ने 22 साल पहले युवक को गोली मारी थी

अमेरिका के ओक्लाहोमा में एक भारतीय युवक की हत्या करने वाले दोषी को सजा-ए-मौत दी गई। उसे जहरीला इंजेक्शन लगाया गया। अमेरिकी मीडिया ABC न्यूज के मुताबिक, 41 साल के दोषी माइकल ड्वेन स्मिथ ने 2002 में 24 साल के शरथ पुल्लुरु की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 22 साल बाद 4 अप्रैल 2024 को उसे सजा दी गई। पढ़ें पूरी खबर…

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