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3 घंटे पहले
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इजराइल-हमास जंग में अब तक 40 हजार से अधिक मौतें हो चुकी है। वहीं 90 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
गाजा में इजराइली हमले में एक दिन में 25 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। मरने वालों में एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं। हमले में एक महिला और उसके 6 बच्चों की मौत हुई है। गाजा में इजराइल और हमास के बीच पिछले 11 महीनों से जंग जारी है। जंग में अब तक 40 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
दूसरी तरफ गाजा में पहली बार में 25 साल बाद पोलियो का केस मिला है। सेंट्रल गाजा में 10 महीने के बच्चे में पोलियो का पता चला है। जॉर्डन में बच्चे के सैंपल की जांच के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
इससे पहले जून में गाजा में पानी के अंदर टाइप-2 पोलियो वायरस मिला था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए सीजफायर की मांग की थी।
वहीं इजराइली सेना ने कहा है कि वो विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर गाजा में पोलियो के वैक्सीनेशन के लिए काम कर रही है। इजराइल का कहना है कि वो 13 लाख पोलियो वैक्सीन जुटाने में लगा हुआ है।

गाजा में पोलियो का केस मिलने के बाद बच्चों में वायरस की जांच शुरु हो गई है।
गाजा में 11 महीनों से जारी है जंग
इजराइल और हमास बीच इस जंग को लगभग 11 महीनों का वक्त बीत गया है। बीते साल 7 अक्टूबर को हमास के आतंकियों ने इजराइल पर हमला किया था। इस हमले में लगभग 1200 इजराइली नागरिकों की मौत हो गई थी। वहीं आंतकवादी लगभग 250 लोगों बंधक बनाकर गाजा ले गए थे।
इजराइल के मुताबिक अभी भी 111 लोग हमास की कैद में मौजूद है। इनमें 39 शव भी शामिल हैं। बंधकों में 15 महिलाएं और 5 साल से कम उम्र के 2 बच्चे शामिल हैं। 7 अक्टूबर के हमले के बाद इजराइल ने हमास के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया था। इस जंग में अब तक इजराइल के 329 सैनिकों की भी मौत हो गई है।
वहीं इजराइली सेना के मुताबिक उन्होंने अब तक हमास के 15 हजार से अधिक आतंकियों का मार गिराया है। जंग की वजह से गाजा में लगभग 18 लाख लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। इजराइल और दक्षिणी लेबनान में भी हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।

जंग की वजह से गाजा के 85 फीसदी लोगों को अपने घर से बेघर होना पड़ा है।
5 लाख लोगों पर भुखमरी का संकट
जंग की वजह से गाजा में मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इजराइली हमलों की मार झेल रहे गाजा के नागरिकों के सामने भुखमरी की समस्या पैदा हो गई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक गाजा के लगभग 5 लाख लोगो को आने वाले महीनों में खाद्य संकट का सामना करना पड़ेगा। ये आंकड़ा गाजा की कुल आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली हमलों ने अब तक गाजा की 59% इमारतों को ध्वस्त कर दिया है। उत्तरी गाजा में ये आंकड़ा 70% से ज्यादा है।

गाजा में सीजफायर के लिए कतर में बातचीत हुई
इजराइल- हमास के बीच सीजफायर और बंधकों की अदला-बदली के लिए कतर में 15 और 16 अगस्त को बातचीत हुई। इस सीजफायर डील में इजराइल के अलावा कतर, अमेरिका और मिस्त्र के नेताओं ने हिस्सा लिया। हमास की कोई भी प्रतिनिधि इस बातचीत में शामिल नहीं हुआ।
इस डील के लिए पिछले दो महीने से ज्यादा समय से कोशिश चल रही थी। हालांकि सीजफायर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। डील के तहत गाजा में 3 फेज में सीजफायर लागू करने का प्लान है।
इस प्लान के मुताबिक हमास 7 अक्टूबर को बंधक बनाए कुछ लोगों को रिहा करेगा। साथ ही इजराइली सेना गाजा के इलाके से पीछे हटेगी। इसके अलावा इजराइल की जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया जाएगा।
इजराइल पर ईरानी हमले का खतरा
पिछले महीने 31 जुलाई को ईरान में हमास चीफ हानियेह की मौत के बाद से इजराइल पर ईरानी हमले का खतरा मंडरा रहा है। ईरान ने हानियेह की मौत के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामनेई ने इजराइल से बदला लेने का आदेश दिया था।
इजराइल पर ईरानी हमले की बढ़ती आशंका के कारण अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में पनडुब्बियों और युद्धपोतों को तैनात कर दिया है। वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी समेत 5 देशों के प्रमुख नेताओं की तरफ से जारी किए गए संयुक्त बयान में ईरान से इजराइल के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए कहा है।
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