हरियाणा चुनाव में सीट बंटवारे पर शुरू हुई कांग्रेस-आप में खींचतान, सपा की भी एंट्री से बदला फॉर्मूला

हरियाणा विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पहले कांग्रेस और भाजपा की तरह आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अपने दम पर हरियाणा में विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, मगर अब ऐसा लग रहा है कि धीरे-धीरे आप की मंशा बदल रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि आने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आप हाथ मिला सकते हैं। खबरों के मुताबिक, दोनों पार्टियों के बीच एक सैद्धांतिक समझौता हो गया है, लेकिन अब सीटों के बंटवारे पर बात बननी बाकी है। आप के साथ गठबंधन पर हरियाणा के कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया ने पत्रकारों से कहा, “गठबंधन को लेकर आम आदमी पार्टी के साथ बातचीत बहुत ही शुरुआती चरण में है। हम इस पर विचार कर रहे हैं। हमारे बीच किसी बात पर सहमति बनती है तो जरूर सूचना दी जाएगी।” हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए आप और कांग्रेस में सीटों की सहमति बनने के बीच अब समाजवादी पार्टी (सपा) की भी एंट्री हो गई है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती बातचीत में 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा के लिए आप ने 10 सीटें मांगी हैं, जबकि कांग्रेस पांच से सात सीटें देने को तैयार है। वहीं कांग्रेस कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को भी एक सीट देने को तैयार है। इससे पहले बताया गया था कि कांग्रेस और आप के साथ गठबंधन के मुद्दे पर बातचीत के लिए आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की मुलाकात आज रात या कल हो सकती है।

हालांकि, यह साफ नहीं है कि आप और कांग्रेस का यह गठबंधन हरियाणा चुनाव तक कायम रहता है या यह 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 2013 से हर चुनाव जीतने वाली आप इस बार मुश्किल में है क्योंकि पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब नीति मामले में जेल में हैं। ऐसे में आप का नेतृत्व कमजोर नजर आ रहा है। वहीं कांग्रेस पहले ही गठबंधन के पक्ष में नजर आ रही है। इससे पहले, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सलाह दी थी कि इंडिया गठबंधन के सदस्य मिलकर चुनाव लड़ें, ताकि वोटों का बंटवारा न हो।

बता दें 2024 के लोकसभा चुनाव में भी हरियाणा में कांग्रेस और आप का गठबंधन हुआ था। हरियाणा की 10 में जहां कांग्रेस 9 सीटों पर लड़ी वहीं आप ने एक सीट पर अपने उम्मीदवार को खड़ा किया था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जहां पांच सीटें जीतीं, वहीं आप कुरुक्षेत्र से भाजपा के नवीन जिंदल से लगभग 29 हजार वोटों से हार गई थी।

इस बार सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस खुद को मजबूत स्थिति में मान रही है। वहीं कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने सोमवार को हुई बैठक में 49 सीटों के लिए नामों पर फैसला किया है। पार्टी अपने मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दे सकती है, जबकि नए चेहरों में राज्यसभा सांसद कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला और मशहूर पहलवान विनीत फोगाट के नाम शामिल हो सकते हैं। अब देखना यह है कि आप और कांग्रेस हरियाणा में एक साथ आकर भाजपा को चुनौती देने में कामयाब होते हैं या नहीं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *