हमास से जंग के बीच आखिर 6,000 भारतीय क्यों जा रहे इजरायल? नेतन्याहू ने आनन-फानन में लिया फैसला

[ad_1]

यरूशलम: इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है. इस बीच 6 हजार भारतीय अप्रैल-मई के दौरान इजरायल जाने वाले हैं. दरअसल, हमास संग जंग के बीच इजराइल के कंस्ट्रक्शन सेक्टर में श्रमिकों की कमी हो गई है. यही वजह है कि इजरायल में श्रमिकों की किल्लत को दूर करने के लिए 6 हजार से अधिक भारतीय श्रमिक अप्रैल और मई महीने के दौरान इजराइल पहुंचेंगे. इजरायली सरकार ने बुधवार देर रात जारी एक बयान में कहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), वित्त मंत्रालय और निर्माण और आवास मंत्रालय द्वारा चार्टर उड़ानों पर सब्सिडी देने के संयुक्त निर्णय के बाद श्रमिकों को एयर शटल पर इजरायल लाया जाएगा.

दरअसल, इजराइल का कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री यानी निर्माण उद्योग उन विशिष्ट क्षेत्रों में श्रमिकों को रोजगार देता है. जहां इजराइली श्रमिकों की कमी है. लगभग 80,000 श्रमिकों का सबसे बड़ा समूह फिलिस्तीनी प्राधिकरण नियंत्रित वेस्ट बैंक से और अन्य 17,000 श्रमिक गाजा पट्टी से इजराइल में आए थे. लेकिन अक्टूबर में हमास संग संघर्ष शुरू होने के बाद उनमें से अधिकांश श्रमिकों का वर्क परमिट रद्द कर दिया गया.

जंग के बाद से ही इजरायल श्रमिकों की कमी से जूझ रहा है. गाजा पट्टी और फिलिस्तीन से आए श्रमिकों को जंग की वजह से वापस जाना पड़ा. इससे इजराइल के निर्माण सेक्टर में मजदूरों की किल्लत हो गई. यही वजह है कि भारत से इजरायल श्रमिकों को बुलाकर अपनी कमी को पूरा कर रहा है. बीते दिनों भी निर्माण सेक्टर ने बेंजामिन नेतन्याहू सरकार से भारत समेत अन्य पड़ोसी देशों से श्रमिकों को लाने की इजाजत मांगी थी. इसे लेकर भारत में भी भर्ती अभियान चला था.

पीएमओ द्वारा जारी बयान के मुताबिक, कम समय में निर्माण क्षेत्र के लिए इजराइल पहुंचने वाले विदेशी श्रमिकों की यह सबसे बड़ी संख्या है. पीएमओ, वित्त मंत्रालय और निर्माण और आवास मंत्रालय के संयुक्त प्रयास के लिए धन्यवाद. करीब एक सप्ताह पहले इस पर सहमति बनी कि चार्टर उड़ानों की सब्सिडी के बाद अप्रैल और मई के दौरान ‘एयर शटल’ पर भारत से 6,000 से अधिक श्रमिकों का इजराइल आगमन होगा.

Israel News: हमास से जंग के बीच आखिर 6,000 भारतीय क्यों जा रहे इजरायल? नेतन्याहू ने आनन-फानन में लिया फैसला

यह बयान तब जारी किया गया, जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने श्रमिकों की भारी कमी के बीच पीएमओ में एक बैठक बुलाई. इजराइल में श्रमिकों की कमी की वजह से कई परियोजनाएं रुक गई हैं, जिससे जीवनयापन की बढ़ती लागत और विभिन्न सरकारी निकायों और व्यवसायों के बीच मनमुटाव की चिंता पैदा हो गई है. भारत से श्रमिकों को दोनों देशों के बीच सरकार-से-सरकार (जी2जी) समझौते के तहत इजराइल लाया जा रहा है.

Tags: Hamas, India-Israel, Israel, Israel News

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *