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नयी दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के एक छात्र संगठन ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि किर्गिस्तान में भारतीय छात्रों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए तुरंत सक्रिय कदम उठाए जाएं। हाल ही में भीड़ ने राजधानी बिश्केक में विदेशी छात्रों को निशाना बनाया था, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने अपने पत्र में यह भी कहा कि वहां पढ़ने वाले कश्मीर के छात्र घटना के बाद अपने वतन लौटने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, किर्गिस्तान में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को कहा कि बिश्केक में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, भारतीय मेडिकल छात्रों के अनुरोध पर, दूतावास उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक छात्रों के परिवहन की व्यवस्था करने के लिए इस देश के मेडिकल विश्वविद्यालयों के साथ संपर्क बनाए हुए है।
छात्र संगठन ने अपने पत्र में कहा कि कई कश्मीरी छात्र और उनके अभिभावकों ने परेशान करने वाली कई घटनाओं के बाद अपना डर और चिंता व्यक्त करते हुए हमसे संपर्क किया है। ज्ञात हो कि लगभग दो सप्ताह पहले किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में विदेशी और स्थानीय छात्रों के बीच विवाद के बाद भिड़ंत हो गई थी। इसके बाद से विदेशी छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 17 हजार भारतीय छात्र किर्गिस्तान में पढ़ रहे हैं। इन घटनाओं के बाद बिश्केक में सतर्कता बरतते हुए कक्षाएं ऑनलाइन चलाई जा रही हैं। वहीं भारतीय दूतावास ने भारतीय छात्रों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हुये हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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