पुलिसवाले के घर से चुराई थी मुर्गी, जज साहब ने सुना दी मौत की सजा, बिलख-बिलखकर रोई मां

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World News in Hindi: क्‍या कभी किसी को मुर्गी चुराने के लिए मौत की सजा हो सकती है. भारतीय कानून के तहत तो ऐसा संभव नहीं है लेकिन नाइजीरिया में एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें मुर्गी चुराने वाले शख्‍स को सजा-ए-मौत की दी गई. जिस वक्‍त इस युवक ने वारदात को अंजाम दिया तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. उसने एक पुलिसवाले के घर चोरी की थी. इस घटना को अब 10 साल बीत चुके हैं. अब वो 27 साल का है. मां ने अपने बेटे को मौत से बचाने के लिए हर वो दरवाजा खटखटाया, जहां वो जा कती थी. अब इस मामले में मां को एक गुड न्‍यूज मिली है.

यह वाक्‍या नाइजीरियाई के साउथ-वेस्‍ट में स्थित ओसुन राज्य की है. सेगुन ओलोवूकेरे नामक शख्‍स ने 2010 में इस वारदात को अंजाम दिया था. 17 साल के इस शख्‍स ने अपने दोस्‍त मोराकिन्यो संडे के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था. दोनों की इस इस केस में गिरफ्तारी हुई. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ने एक पुलिस अधिकारी और दूसरे व्यक्ति के घर पर पुराने जमाने की लकड़ी की बंदूक और तलवार से हमला किया था. उनके इरादे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के थे लेकिन वो केवल मुर्गियां ही चुरा पाए थे. इस मामले में साल 2014 में ओसुन हाईकोर्ट के न्यायाधीश जीदे फलोला ने दोनों को पुलिस अधिकारी के घर में जबरन घुसने और उसका सामान चुराने का दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई थी.

माता-पिता ने लगाई फरियाद
उस समय पूरे नाइजीरिया में इस बात को लेकर काफी हंगामा भी हुआ था. लोगों का मानना था कि यह सजा काफी सख्‍त है. बाद में दोनों को लागोस राज्य की कुख्यात किरीकिरी जेल में ले जाया गया, जहां उन्‍हें मौत की सजा वाली सेल में उन्‍हें रखा गया. ओलोवूकेरे के माता-पिता हाल ही में एक पॉडकास्ट पर नजर आए थे, जहां दोनों ने रोते हुए अपने इकलौते बच्चे को माफ करने की भीख मांगी. उम्मीद है कि 2025 की शुरुआत में उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक नाइजीरिया ने 2012 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी है. हालांकि देश में 3,400 ऐसे कैदी हैं, जिन्‍हें मौत की सजा दी गई.

गवर्नर ने दी माफी
गवर्नर ने मंगलवार को उसे माफी देने का वादा किया. गवर्नर एडेमोला एडेलके ने एक्‍स पर लिखा कि ओलोवूकेरे को माफ कर दिया जाना चाहिए क्योंकि जीवन की रक्षा करना अहम है. मैंने कमिश्‍नर ऑफ जस्टिस को युवक को दया का विशेषाधिकार देने के लिए प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है. ओसुन न्याय और समानता की भूमि है. हमें निष्पक्षता और जीवन की पवित्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. इस मामले में ओलोवूकेरे के साथ सजा पाने वाले दूसरे दोषी मोराकिन्यो संडे को लेकर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं की गई है.

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