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Science News: वैज्ञानिकों ने एक बुरी खबर दी है. इस खबर से आम लोगों की टेंशन और बढ़ जाएगी. दरअसल जैसे-जैसे कैलिफ़ोर्निया में भड़की जंगली आग से मरने वालों की संख्या बढ़ती गई, वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को पुष्टि की कि दुनिया ने पहला ऐसा साल…और पढ़ें
धरती का तापमान पूर्व-औद्योगिक समय से 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है. (फोटो Unsplash/AP)
हाइलाइट्स
- 2024 में तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर
- 2024 में अब तक, हर महीना रिकॉर्ड पर सबसे गर्म या दूसरे नंबर पर रहा है.
- वैज्ञानिकों ने इसे लेकर बड़ी चेतावनी दे दी है.
Science News: धरती की तपिश दिनों-दिनों बढ़ती जा रही है. वैज्ञानिक धरती के बढ़ते तापमान के बारे में चिंता जताते भी रहते हैं. हाल के दिनों में एक ऐसी घटना घटी है. जिससे एक बार फिर इस मामले पर चिंता बढ़ गई है. अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया के जंगलों में लगी आग ने इस मामले पर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी.
इसके बाद वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खबर दी जिससे आम लोगों की टेंशन और बढ़ जाएगी. दरअसल जैसे-जैसे कैलिफ़ोर्निया में भड़की जंगली आग से मरने वालों की संख्या बढ़ती गई, वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को पुष्टि की कि दुनिया ने पहला ऐसा साल अनुभव किया है जिसमें तापमान पूर्व-औद्योगिक समय से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो गया है.
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TOI की रिपोर्ट के अनुसार हैरान कर देने वाली खबर की पुष्टि यूरोपीय संघ की कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा (C3S) ने की. इसने कहा कि जलवायु परिवर्तन ग्रह के तापमान को ऐसे स्तरों पर धकेल रहा है जो आधुनिक मनुष्यों ने पहले कभी अनुभव नहीं किया. C3S के निदेशक कार्लो बुओनटेम्पो ने इस मुद्दे पर कहा, “यह अविश्वसनीय है.”
10 साल से धरती का क्यों बढ़ रहा तापमान?
उन्होंने बताया कि कैसे 2024 में हर महीना रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से सबसे गर्म महीना या दूसरा सबसे गर्म महीना रहा. C3S ने कहा कि 2024 में ग्रह का औसत तापमान 1850-1900 के औद्योगिक काल से 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक था. पिछला साल रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से दुनिया का सबसे गर्म साल था और पिछले 10 साल 10 सबसे गर्म साल रहे. जंगल की आग उन कई आपदाओं में से एक है जो जलवायु परिवर्तन के कारण लगातार और गंभीर होती जा रही हैं. लॉस एंजेलिस में लगी आग ने 10 लोगों की जान ले ली है और करीब 10,000 इमारतें खाक हो गई हैं.
गौरतलब है कि इस इलाक़े में पहले भी आग लगती रही है लेकिन एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि इस बार तूफ़ानी हवाओं की रफ़्तार 130 से 160 किलोमीटर प्रतिघंटे तक है. ये हवाएं न सिर्फ़ आग को और भड़का रही हैं बल्कि उसे बुझाने की हर कोशिश को नाकाम कर रही है.
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