चीन से 1000KM की दूरी पर क्यों इंडियन आर्मी दिखाएगी दम? यहां मचेगी हलचल, ताकत देख ड्रैगन होगा बेदम

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नई दिल्ली: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है. वह भारत के खिलाफ हर उस साजिश का हिस्सा होता है जिससे भारत का नुकसान हो सके. लेकिन चीन को यह मालूम होना चाहिए कि यह नया भारत है. यह दोस्ती भी निभाता है और पीठ में खंजर मारने वालों को छोड़ता भी नहीं है. यह वह भारत है जिसकी आर्मी दुनिया भार के तमाम सेनाओं पर भारी पड़ सकती है. आज हर देश संकट से समय भारत की ओर मुंह उठाकर देखता है. ऐसे में अब चीन भारत को लाल आंखें नहीं दिखा सकता. चीन की सीमा से महज 1000 किलोमीटर की दूरी भारत अपना दम दिखाने वाली है.

दरअसल भारतीय सेना की टुकड़ी गुरुवार को बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ के लिए रवाना हुई. यह युद्ध अभ्यास 27 जुलाई से 9 अगस्त, 2024 तक मंगोलिया के उलानबटार में आयोजित होने जा रहा है. इस युद्ध अभ्यास में दुनिया भर की सेना सहयोग करने और अपनी शांति स्थापना क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक साथ आ रहे हैं.

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अमेरिका भी युद्ध अभ्यास में हो चुका है शामिल
इससे पहले अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ का अभ्यास 19 जून से 2 जुलाई, 2023 तक मंगोलिया में आयोजित किया गया था. यह अभ्यास पहली बार 2003 में संयुक्त राज्य अमेरिका और मंगोलियाई सशस्त्र बलों के बीच एक द्विपक्षीय कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ था. साल 2006 के बाद से, यह एक बहुराष्ट्रीय शांति अभ्यास के रूप में विकसित हुआ, और इस साल इसका 21वां संस्करण आयोजित किया गया.

युद्ध अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ का क्या है मकसद
युद्ध अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ का उद्देश्य बहुराष्ट्रीय वातावरण में संचालन करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों को शांति मिशनों के लिए तैयार करना है, जिससे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत शांति समर्थन अभियानों में अंतर-संचालन और सैन्य तत्परता बढ़ाना. अभ्यास में उच्च स्तर की शारीरिक फिटनेस, संयुक्त योजना और संयुक्त सामरिक अभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

युद्ध अभ्यास के दौरान किए जाने वाले सामरिक अभ्यासों में स्थिर और मोबाइल जांच चौकियों की स्थापना, घेराबंदी और तलाशी अभियान, गश्त, शत्रुतापूर्ण क्षेत्रों से नागरिकों को निकालना, विस्फोटक उपकरणों का मुकाबला करने का अभ्यास, युद्ध में प्राथमिक उपचार और हताहतों को निकालना आदि शामिल होंगे.

अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ भाग लेने वाले देशों को संयुक्त अभियान चलाने के लिए रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं में अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में सक्षम बनाएगा. यह अभ्यास भाग लेने वाले देशों के सैनिकों के बीच अंतर-संचालन और आपसी तालमेल को बेहतर बनाएगा.

Tags: China, Indian army

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