चर्च में मिल गई समलैंगिक जोड़ों को एंट्री, पादरी दे सकेंगे आशीर्वाद… पोप फ्रांसिस का ऐतिहासिक फैसला

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Vatican City: वेटिकन ने ऐतिहासिक फैसले में रोमन कैथोलिक पादरियों को समलैंगिक जोड़ों को आशीर्वाद देने की मंजूरी दे दी है. हालांकि वे आशीर्वाद तब तक दे सकते हैं, जब तक ये शादियां चर्च के नियमित अनुष्ठान या धर्मविधि का हिस्सा नहीं होंगी. इस फैसले को पोप फ्रांसिस ने मंजूरी दी है. वेटिकन ने सोमवार को यह जानकारी दी. 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, वेटिकन के सैद्धांतिक कार्यालय की ओर से जारी किए गए दस्तावेज में कहा गया है कि इस तरह का आशीर्वाद सिर्फ इस बात का संकेत है कि ईश्वर सबके लिए हैं और वे सबको स्वीकार करते हैं. हालांकि वेटिकन महिला और पुरुष के बीच ही संबंध को वैध मानता है. चर्च ने अपने इस फैसले पर कहा, “इसे किसी भी तरह से विषमलैंगिक विवाह के संस्कार के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए.”

दस्तावेज में कहा गया है कि पादरियों को हर मामले के आधार पर फैसला करना चाहिए और अगर कोई भी इंसान चर्च में ईश्वर का आशीर्वाद लेना चाहता है तो उसे भीतर आने से रोकना गलत है. इस ऐतिहासिक फैसले पर पोप ने अक्टूबर में ही संकेत दिया था कि कुछ आधिकारिक बदलाव पर विचार किया जा रहा है.

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8 पेज के दस्तावेज में कहा गया है, “चर्च सिखाता है कि समलैंगिक आकर्षण पाप नहीं है, लेकिन समलैंगिक कृत्य पाप है.” पोप फ्रांसिस ने 2013 के चुनाव के बाद से 1.35 अरब सदस्यों वाले चर्च के नैतिक सिद्धांत को बदले बिना LGBTQ समुदायों का स्वागत करने का प्रयास किया है. वेटिकन लंबे समय से यही कहता आया है कि वह समलैंगिक जोड़ों को आशीर्वाद नहीं दे सकता, क्योंकि यह चर्च के सिद्धांतों के खिलाफ है.

Tags: Pope Francis, Same Sex Marriage, Vatican city

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