सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में बीआरएस की नेता के. कविता को राहत देते हुए मंगलवार को जमानत दे दी। इसके बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने के. कविता के लिए रिहाई वारंट जारी कर दिया। इसके बाद बीआरएस नेता के. कविता को रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद के. कविता ने कहा- मैं आज करीब 5 महीने बाद अपने बेटे, भाई और पति से मिलकर भावुक हो गई। इस स्थिति के लिए केवल राजनीति जिम्मेदार है। देश जानता है कि मुझे केवल राजनीति के कारण जेल में डाला गया। मैंने कोई गलती नहीं की।
के. कविता ने कहा- मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। हम कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे और खुद को निर्दोष साबित करेंगे। उन्होंने गैरकानूनी रूप से हमें जेल भेजकर बीआरएस और केसीआर की टीम को मजबूत बना दिया है। वहीं बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष, विधायक और के. कविता के भाई केटी रामा राव ने एक्स पर लिखा- सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया। न्याय की जीत हुई।
के. कविता को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद तेलंगाना में सियासी माहौल गर्म है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-दूसरे पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा- के. कविता की रिहाई भाजपा और बीआरएस के बीच सांठगांठ को दिखाती है। हम पहले से कहते रहे हैं कि बीआरएस और भाजपा में 10 वर्षों से सांठगांठ हैं। अब यह उजागर हो गया है। कविता को आज जिन शर्तों पर जमानत मिली है, उसकी तुलना उन शर्तों से की जा सकती है, जब जमानत खारिज की गई थी। यह साफ है कि बीआरएस का भाजपा में विलय शुरू हुआ है।
वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह जमानत बीआरएस और कांग्रेस दोनों के लिए जीत है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बंदी संजय कुमार ने लिखा- कथित शराब घोटाले में बीआरएस नेता को जमानत दिलाने के लिए कांग्रेस और उसके अधिवक्ताओं को बधाई। आपके अथक प्रयासों का अंततः फल मिला। यह जमानत बीआरएस और कांग्रेस दोनों के लिए जीत है। बीआरएस नेता जमानत पर बाहर हैं और कांग्रेसी नेता राज्यसभा में पहुंच गए हैं। शराब वाले अपराध में भागीदारों को बधाई।