अमेरिका में इस 22 मंजिला इमारत को सरकार ने बम से क्यों उड़ाया? 15 सेकंड में बन गया मलबे का ढेर; देखें वीडियो

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अमेरिका के लूसियाना स्टेट में सरकार ने 22 मंजिला हर्ट्ज टॉवर को बम लगाकर उड़ा दिया गया। महज 15 सेकंड में यह खूबसूरत गगनचुंबी इमारत पांच मंजिला मलबे के ढेर में बदल गई। कुछ वर्षों से इस इमारत को बचाने के प्रयास किए जा रहे थे लेकिन, शनिवार को इमारत के ध्वस्त होते ही इसे बचाने की सभी मुहिम धरी की धरी रह गई। रिपोर्ट के अनुसार, चार साल पहले शहर में आए चक्रवाती तूफान लॉरा के कारण इमारत को काफी नुकसान पहुंचा था और तब से ये इमारत पूरी तरह के खाली थी।

शनिवार को लूसियाना स्टेट के लेक चार्ल्स शहर में कैल्केसियू नदी के किनारे स्थित 22 मंजिला इमारत हर्ट्ज टॉवर को बम लगाकर उड़ा दिया गया। शहर के मेयर निक हंटर की मौजूदगी में इमारत को ध्वस्त किया गया। पिछले चार वर्षों से यह इमारत पूरी तरह से खाली थी। इसके ध्वस्तीकरण के लिए इमारत के मालिकों और रियल एस्टेट फर्म हर्ट्ज इन्वेस्टमेंट ग्रुप के बीच भरपाई की रकम को लेकर अदालत में विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों में समझौते के बाद अदालत ने इस इमारत को गिराने का आदेश दिया।

शनिवार को टीम इमारत के अंदर बम लगाकर इसे उड़ा दिया। हर्ट्ज टॉवर महज 15 सेकंड में 5 मंजिल ऊंचे ढेर में बदल गया। इस इमारत को पहले कैपिटल वन टॉवर के नाम से जाना जाता था। चार दशकों से अधिक समय से यह इमारत लेक चार्ल्स शहर में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही लेकिन, 2020 में दक्षिण-पश्चिम लुइसियाना में आए चक्रवाती तूफानों के कारण इमारत को काफी नुकसान पहुंचा था। इसकी खिड़कियां टूट गईं थीं और यह तिरपाल से ढकीं गईं थी।

द एडवोकेट की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों से अदालत में इमारत के मालिकों और लॉस एंजिल्स स्थित रियल एस्टेट फर्म हर्ट्ज़ इन्वेस्टमेंट ग्रुप के बीच इमारत के सौदे को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही थी। इमारत के मालिक इसके 167 मिलियन डॉलर मान रहे थे। आख़िरकार, दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ। रिपोर्ट में समझौते की राशि का उल्लेख नहीं किया गया है।

इमारत को बचाने के कई प्रयास हुए

लेक चार्ल्स शहर के मेयर निक हंटर ने इमारत के विस्फोट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। विस्फोट से पहले हंटर ने कहा, “मैं जानता हूं कि शहर ने इसे बचाने के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन अंततः… यह बहुत कठिन काम कर लिया गया है।।” 2020 में जब चक्रवाती तूफान आया तो वो कार्यालय में ही थे। इमारत को ध्वस्त करने के अलावा और कोई चारा नहीं था।”

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