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वॉशिंगटन4 घंटे पहले
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रूस में 17 मार्च 2024 को चुनाव होने हैं। अगर पुतिन जीतते हैं तो पांचवीं बार राष्ट्रपति बनेंगे। (फाइल)
रूस और यूक्रेन की जंग डेढ़ साल से जारी है। इस बीच लगातार ये रिपोर्ट्स आती रहीं कि रूस के हजारों सैनिक जंग में मारे जा चुके हैं और उसके पास सैनिकों की कमी हो गई है।
अमेरिकी न्यूज मैगजीन ‘न्यूज वीक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक- सैनिकों की कमी को पूरा करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सुसाइड यूनिट तैयार की है। इसे स्टॉर्म-Z नाम दिया गया है। इसमें वो सजायाफ्ता कैदी हैं, जिन्हें बेहद गंभीर अपराधों में दोषी पाया गया था और वो जेल में थे।
एक लाख कैदियों को माफी
- रिपोर्ट के मुताबिक- पुतिन ने राष्ट्रपति के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए करीब एक लाख कैदियों को माफी देने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत करीब आधे यानी 50 हजार कैदियों को माफी देकर यूक्रेन के मोर्चे पर भी भेज दिया गया है।
- इन लोगों के सामने शर्त सिर्फ यह है कि वो जंग में हिस्सा लेंगे। दरअसल, पुतिन एक तीर से दो निशाने साधना चाहते हैं। पहला- मोर्चे पर ज्यादातर कैदी मारे जा सकते हैं। उन्हें लगता है कि इससे क्राइम रेट कम होगा। दूसरा- जो वास्तविक सैनिक मोर्चे पर जान गंवा रहे थे, उनको लेकर देश में गुस्सा बढ़ रहा था। इस कदम से पुतिन इस गुस्से को भी कम कर सकेंगे।
- रिपोर्ट बताती है कि हर कैदी को 6 महीने के लिए रिहा किया गया है। अगर वो जंग में बच जाते हैं तो उनकी सजा माफ कर दी जाएगी। हालांकि, इस बारे में कोई ऑफिशियल डॉक्यूमेंट अब तक रूस की सेना या सरकार की तरफ से जारी नहीं किया गया है।

रूस सरकार ने जिन कैदियों को रिहा किया है, उनमें रेप और मर्डर जैसे गंभीर अपराधों के दोषी भी शामिल हैं। कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो ओवरएज हो चुके हैं। (फाइल)
मर्डर और रेप के गुनहगार भी शामिल
रूस सरकार ने जिन कैदियों को रिहा किया है, उनमें रेप और मर्डर जैसे गंभीर अपराधों के दोषी भी शामिल हैं। हैरानी की बात ये है कि कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो मिलिट्री प्रोटोकॉल और रूल्स के हिसाब से ओवरएज हो चुके हैं। स्टॉर्म Z यूनिट में शामिल ऐसे ही एक कैदी का नाम निकोलई ओग्लोबिक है। उसे चार युवाओं की हत्या के केस में उम्रकैद सुनाई गई थी।
एक और कैदी का नाम आर्तेम बुचिन है। वो रेप और मर्डर का दोषी है। ये सिर्फ चंद नाम हैं। इसके अलावा हजारों ऐसे कैदियों को रिहा किया गया है, जो इसी तरह के अपराधों में सींखचों के पीछे थे।

रूस में अगले साल यानी 2024 के मार्च महीने में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। 71 साल के पुतिन ने अब तक ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन माना ये जा रहा है कि वो चुनाव में जरूर उतरेंगे।
पापों का प्रायश्चित कर सकेंगे
- पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव इस स्कीम का न सिर्फ बचाव करते हैं, बल्कि इसे बहुत बेहतर बताते हैं। पेस्कोव के मुताबिक- जंग के मैदान में देश के लिए लड़ने वाले ये कैदी दरहकीकत अपने पापों का प्रायश्चित कर रहे हैं। पेस्कोव ही क्यों, खुद पुतिन इस फैसले का बचाव करते रहे हैं। एक बार उन्होंने कहा था- ये कैदी आत्मग्लानि से उबर सकेंगे।
- इस तस्वीर को अगर एक और पहलू से देखें तो पुतिन ने कोई नया काम नहीं किया है। दरअसल, सोवियत संघ के दौर में भी रूसी सेना पर इसी तरह से कैदियों के इस्तेमाल का आरोप लगा था। इसका कभी खंडन भी नहीं किया गया। रूस में अगले साल यानी 2024 के मार्च महीने में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। 71 साल के पुतिन ने अब तक ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन माना ये जा रहा है कि वो चुनाव में जरूर उतरेंगे। अगर वो जीतते हैं तो पांचवीं बार राष्ट्रपति बनेंगे।
- कुछ दिन पहले अमेरिकी मैगजीन ‘द डिप्लोमैट’ की रिपोर्ट में कहा गया था कि यूक्रेन में जंग की वजह से पुतिन की पॉपुलैरिटी पर गंभीर असर पड़ा है और यही वजह है कि वो कुछ फैसले ऐसे कर रहे हैं, जिनकी जानकारी बमुश्किल मीडिया के सामने आ पाती है। सैनिकों की कमी से जूझ रही सेना में कैदियों को भर्ती करना भी चुपचाप लिया गया, ऐसा ही फैसला है।

वेरा पेख्तेलेवा (23) से पहले रेप किया गया। फिर करीब चार घंटे उसे टॉर्चर किया गया। यह मामला शायद सामने नहीं आता, लेकिन मारी गई लड़की वेरा की मां ओक्साना ने बेटी के हत्यारे व्लादिस्लाव का एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था।
रेप-मर्डर के दोषी को पुतिन ने जंग पर भेजा
- पिछले महीने गर्लफ्रेंड के रेप और मर्डर के दोषी को 17 साल की सजा काटने के बजाय यूक्रेन पर भेजे जाने का खुलासा हुआ था। इस दोषी का नाम व्लादिस्लाव कनायुस है।
- कनायुस ने गर्लफ्रेंड वेरा पेख्तेलेवा से पहले रेप किया था। इसके बाद करीब चार घंटे टॉर्चर किया और बाद में चाकू से 111 वार किए थे। लड़की का कसूर यह था कि उसने व्लादिस्लाव से ब्रेकअप कर लिया था।
- यह मामला शायद सामने नहीं आता, लेकिन मारी गई लड़की वेरा की मां ओक्साना ने बेटी के हत्यारे व्लादिस्लाव का एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। इसमें वो वर्दी में नजर आ रहा है। ओक्साना ने व्लादिस्लाव की रिहाई का एक लेटर भी पोस्ट किया।
- ओक्साना ने कहा- ये कैसा इंसाफ है। मेरी बेटी कब्र में भी दुखी होगी। मेरी जिंदगी और उम्मीदें खत्म हो गई हैं। अब समझ भी नहीं आता कि आगे क्या होगा। रूस की वुमन राइट्स एक्टिविस्ट भी इसी तरह का रिएक्शन दे रही हैं। उन्हें अब वेरा की मां ओक्साना की जिंदगी भी खतरे में नजर आ रही है। एक महिला कार्यकर्ता ने कहा- व्लादिस्लाव इंसान नहीं, हैवान है। ऐसा हत्यारा देश के साथ कैसे वफादारी कर सकता है।
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