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14 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की ये तस्वीर सितंबर 2022 की है।दोनों समरकंद में हुई SCO बैठक में मिले थे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा- पश्चिमी देश भारत और रूस के बीच दरार डालने की कोशिश न करें। ऐसा करना पॉइंटलेस है। क्योंकि भारत एक आजाद देश है और अपने नागरिकों के हित में काम करता है।
पुतिन ने कहा- पश्चिमी देश हर उस देश के लिए एक दुश्मन पैदा करने की कोशिश कर रहा है जो उनके एकाधिकार से सहमत नहीं है। लेकिन भारत सरकार अपने देश के हित में स्वतंत्र रूप से काम कर रही है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन का ये बयान ऐसे समय आया है जब रूस से कम दाम में तेल खरीदे जाने पर भारतीय ऑयल कंपनियों की निंदा हो रही है। दरअसल, रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद से पश्चिमी देशों और यूरोपियन यूनियन ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था।

मोदी की लीडरशिप में आगे बढ़ रहा भारत
पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा- भारत मोदी की लीडरशिप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की आबादी 150 करोड़ है। यहां इकोनॉमिक ग्रोथ 7 प्रतिशत है। देश काफी ताकतवर हो रहा है। भारतीय लोग भी दुनिया के हर कोने में बेहतरीन काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- PM मोदी बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति हैं। हमारे उनसे बहुत अच्छे राजनीतिक रिश्ते हैं। फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर एक ओलंपियाड को संबोधित करते हुए पुतिन ने उम्मीद जताई है कि रूस और भारत फाइनेंशियल सिक्योरिटी और साइबर क्राइम के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करेंगे। भारत और रूस सदियों से दोस्त और साझेदार रहे हैं। दोनों देशों ने जो एजेंडा सेट किया है, हम उसे जरूरी हासिल करेंगे।

पुतिन ने 4 अक्टूबर को फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर एक ओलंपियाड को संबोधित किया था।
पुतिन ने कहा था- मोदी मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रहे
ये पहला मौका नहीं है जब पुतिन ने भारत या PM मोदी की तारीफ की है। इससे पहले पिछले महीने भी उन्होंने कहा था कि PM मोदी मेक इन इंडिया प्रोग्राम को बढ़ावा देने के लिए अच्छा काम कर रहे हैं।
व्लादिवोस्तोक में 8वें ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (EEF) में मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा था- पहले हमारे पास अपने देश में बनी कारें नहीं थीं, लेकिन अब हैं। यह सच है कि वे ऑडी और मर्सिडीज की तुलना में कम अच्छी दिखती हैं, लेकिन ये कोई समस्या नहीं है। हमें रूस में बनी गाड़ियां इस्तेमाल करनी चाहिए।
हमें अपने सहयोगी देश भारत को फॉलो करना चाहिए। वे देश में ही गाड़ियां बना रहे हैं और उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें यह तय करना चाहिए कि किस वर्ग के अधिकारी कौन सी कारें चला सकते हैं, इससे वे घरेलू कारों का इस्तेमाल करेंगे। इससे पहले जून में पुतिन ने कहा था- भारत एक ऐसा देश है, जो कंपनियों को अपने देश में आकर काम करने के लिए बढ़ावा दे रहा है।

पुतिन ने जून में मॉस्को में रशिया एजेंसी फॉर स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स (ASI) की तरफ आयोजित एक फोरम को संबोधित किया था।
मॉस्को हमारा चौथा बड़ा सप्लायर
भारत ने अप्रैल 2022 में रूसी तेल आयात को बढ़ाकर लगभग 2 लाख 77 हजार बैरल प्रति दिन कर दिया था, जो मार्च में 66 हजार बैरल प्रति दिन था। वहीं, जुलाई 2023 में भारत 2.1 मिलियन बैरल तेल हर रोज रूस से खरीदा। इस साल 9 महीनों में भारत ने तेल आयात करने में सऊदी अरब और इराक से ज्यादा रूस से तेल खरीदा है। इसकी वजह से भारत को प्रति बैरल 2 डॉलर तक की बचत हुई है।

भारत ने रूस से क्रूड ऑयल लेकर रिफाइंड किया, फिर यूरोप को बेचा
रूस पर लगाई गई पाबंदियों की वजह से यूरोपीय देशों ने उससे ऑयल खरीदना बंद कर दिया। इस वजह से यूरोप में ऑयल की किल्लत हो गई। इसके चलते पश्चिमी देशों ने अपनी जरूरत पूरा करने के लिए दूसरे देशों की ओर रुख किया। भारत ने इसका फायदा बखूबी उठाया।
‘द सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ के मुताबिक, अप्रैल 2022 के बाद यूरोपीय देशों ने चीन और भारत से ऑयल की खरीद में बेतहाशा इजाफा किया है।
कुल मिलाकर, इस दौरान सऊदी अरब ने जितना क्रूड ऑयल यूरोप को बेचा, उससे ज्यादा रिफाइन्ड ऑयल भारत ने यूरोप भेजा है।
जंग शुरू होने से पहले यूरोप भारत से रोजाना 1.54 लाख बैरल रिफाइन ऑयल खरीदता था। जंग शुरू होने के बाद ये आंकड़ा बढ़कर रोजाना 2 लाख बैरल और मई 2023 में 3.60 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया।
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