US Florida Social Media Restrictions; Children Under 14 Social Media Ban | फ्लोरिडा में बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे: 14 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट डिलीट होंगे; अगले साल लागू होगा कानून

[ad_1]

वॉशिंगटन1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

14 से 15 साल के बच्च इंस्टाग्राम और स्नैपचैट का इस्तेमाल सिर्फ तभी कर सकेंगे, जब उनके पेरेंट्स इसकी लिखित मंजूरी देंगे। (प्रतीकात्मक)

अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में 14 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। गवर्नर रॉन डी सेंटिस ने कानून को मंजूरी दे दी है। यह अगले साल यानी 2025 से लागू होगा। यह जानकारी ‘स्काय न्यूज’ की रिपोर्ट में दी गई है।

कनून के मुताबिक- 14 से 15 साल के बच्च इंस्टाग्राम और स्नैपचैट का इस्तेमाल सिर्फ तभी कर सकेंगे, जब उनके पेरेंट्स इसकी लिखित मंजूरी देंगे। कंपनियों से कहा गया है कि वो 14 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करें।

आदेश नहीं माना तो जुर्माना

  • कानून के मुताबिक- सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहा गया है कि वो एज वेरिफिकेशन के बाद ही अकाउंट एक्टिव करें। अगर कोई कंपनी 14 साल से कम उम्र के बच्चों का सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट नहीं करती है तो उसे संबंधित बच्चे को 10 हजार डॉलर मुआवजा देना होगा। इसके अलावा कंपनी पर 50 हजार डॉलर तक का जुर्माना भी हो सकता है।
  • फ्लोरिडा की राज्य सरकार अगले साल जनवरी में यह कानून लागू कर देगी। हालांकि, लीगल एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस कानून के कुछ हिस्से अमेरिकी संविधान का उल्लंघन है, लिहाजा इसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है।
गवर्नर सेंटिस ने कहा- मैंने शुरू से इस बिल का समर्थन किया था। आज हम खुश हैं कि हमने मिलकर एक बड़ा काम पूरा किया है। अब बारी इसे लागू करने की है। (फाइल)

गवर्नर सेंटिस ने कहा- मैंने शुरू से इस बिल का समर्थन किया था। आज हम खुश हैं कि हमने मिलकर एक बड़ा काम पूरा किया है। अब बारी इसे लागू करने की है। (फाइल)

बच्चों के दिमाग पर असर

  • फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सीनेटर पॉल रीनर ने कहा- इस बिल को पास कराना मेरा सपना था। आखिर जिस उम्र में बच्चों की दिमाग विकसित होता है, उसी उम्र में उन्हें गलत चीजों की लत डाल दी जाती है। इससे बचना बहुत जरूरी है।
  • इस बिल में साफ तौर पर कई चीजों का उल्लेख किया गया है। मसलन बच्चों के दिमाग पर किस तरह की चीजों का असर होता है और इनसे क्या नुकसान होते हैं। अगर कोई कंपनी इस कानून का पालन नहीं करती तो जुर्माने और मुआवजे के अलावा कोर्ट की कार्रवाई में होना वाला खर्च भी उसे ही देना होगा। इसमें वकीलों की फीस भी शामिल होगी।
  • रीनर ने कहा- हम जानते हैं कि सोशल मीडिया कंपनियां इस कानून को हायर कोर्ट्स में चैलेंज करेंगी, लेकिन ये भी तय समझ लीजिए कि हम रुकने वाले नहीं हैं और अपने काम को पूरा जरूर करेंगे।
गवर्नर सेंटिस रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट की रेस में शामिल थे। हालांकि, उन्हें डेलिगेट्स का समर्थन नहीं मिल सका और उन्होंने नाम वापस ले लिया। (फाइल)

गवर्नर सेंटिस रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट की रेस में शामिल थे। हालांकि, उन्हें डेलिगेट्स का समर्थन नहीं मिल सका और उन्होंने नाम वापस ले लिया। (फाइल)

ट्रम्प से पीछे रह गए थे सेंटिस

  • गवर्नर सेंटिस रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट की रेस में शामिल थे। हालांकि, उन्हें डेलिगेट्स का समर्थन नहीं मिल सका और वो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से पिछड़ गए। इसके बाद उन्होंने नाम वापस ले लिया।
  • सेंटिस ने कहा- मैंने शुरू से इस बिल का समर्थन किया था। आज हम खुश हैं कि हमने मिलकर एक बड़ा काम पूरा किया है। अब बारी इसे लागू करने की है। मैं जानता हूं कि दिक्कतें आएंगी, लेकिन हम उनका भी सामना करेंगे।
  • ‘नेटच्वॉइस’ एक ट्रेड ग्रुप है। यह फेसबुक यानी मेटा, टिकटॉक और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए पॉलिसीज बनाता है। इसने कहा- अब इंटरनेट के लिए अलग आईडेंटिटी पॉलिसी बनानी होगी। इसमें एज फैक्टर भी शामिल करना होगा। यह कानून सही नहीं है।

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *