There is no buffer zone anywhere in Manipur | मणिपुर में कहीं बफर जोन नहीं: CM बिरेन सिंह बोले- सुरक्षाबल पूरे राज्य में कहीं भी जा सकते हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता

इम्फाल39 मिनट पहले

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मणिपुर के CM एन बीरेन सिंह ने शनिवार (17 फरवरी) को चुराचांदपुर की घटना पर कहा है कि मणिपुर में बफर जोन जैसी कोई चीज नहीं है। सुरक्षाबल राज्य में कहीं भी जा सकते हैं। कुकी समुदाय का इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) लोगों में दहशत फैलाने के लिए अपना एजेंडा चला रहा है।

वहीं, ITLF का कहना है कि हेड कान्स्टेबल सियामलालपॉल का निलंबन गलत है। उसे बहाल किया जाना चाहिए। चुराचांदपुर मई 2023 में शुरू हुई जातीय झड़पों से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।

CM ने कहा- कुछ वर्ग के लोग और सुरक्षाबल बफर जोन शब्द का उपयोग करते हैं, लेकिन राज्य सरकार के गृह विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बफर जोन जैसी कोई चीज नहीं है, जो आमतौर पर दो देशों से जुड़ी स्थितियों में देखी जाती है।

हां, कुछ संवेदनशील क्षेत्र हैं, कुछ हॉटस्पॉट हैं, जहां अधिक हिंसा की आशंका है। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा बल अपना काम कर रहे हैं। यह एक अलग मामला है, लेकिन कुछ लोग यह कहें कि आप (सुरक्षाबल) यहां प्रवेश नहीं कर सकते तो यह गलत है।

कभी भी, कोई भी सुरक्षाबल बिगड़ी स्थिति को संभालने के लिए जा सकता है। बफर जोन जैसा कुछ नहीं है। मैंने राज्यबलों को निर्देश दिया है कि यदि सशस्त्र ग्रुपों के खिलाफ उनकी कार्रवाई प्रभावी नहीं होती है तो केंद्रीय बलों को मजबूत करने के लिए बुलेट प्रूफ वाहनों में विशेष कमांडो भेजें।

ये तस्वीरें शुक्रवार (16 फरवरी) की है। हमलावरों ने कई गाड़ियां जला दीं।

ये तस्वीरें शुक्रवार (16 फरवरी) की है। हमलावरों ने कई गाड़ियां जला दीं।

घटना के लिए चुराचांदपुर SP जिम्मेदार- ITLF
ITLF ने बयान में कहा था घटना के लिए चुराचांदपुर SP जिम्मेदार है। ITLF के कथित वीडियो पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिसमें मणिपुर पुलिस के हथियारबंद जवान लोगों के साथ लड़ते हुए और कुकी-ज़ो क्षेत्रों पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। ITLF ने कहा कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मणिपुर के सुगनू में भीषण गोलीबारी
वहीं, पिछले तीन दिनों से BSF सहित सुरक्षा बल की इंफाल से 75 किमी दूर काकचिंग जिले के सुगनू में पहाड़ियों से संदिग्ध विद्रोहियों के साथ मुठभेड़ चल रही है। गोली लगने से BSF का जवान भी घायल हुआ है। सुगनू शहर के मध्य में 81 मिमी मोर्टार की कई गोलियां गिरीं, साथ ही बड़े-कैलिबर बेल्ट-फेड मशीन गन से हमला किया गया।

सीएम ने कहा कि हमने सुगनू में अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजा है। फोरेंसिक टीमों ने हथियारों के बारे में पता लगा रही है। राज्य सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने कहा था कि मणिपुर संकट में म्यांमार के विद्रोहियों की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं है, हालांकि यह संदिग्ध है।

चुराचांदपुर में वरिष्ठ पुलिसकर्मी की हत्या के लिए नकद इनाम
CM ने कहा- चुराचांदपुर के SP शिवानंद सुर्वे की हत्या के बदले कैश प्राइज वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर किया गया। अकाउंट बाबमांग हौज़ेल का है उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

यह गलत है कि हमने कोई एक्शन नहीं लिया। एक सुरक्षाबल के खिलाफ भी एक्शन लिया गया है। चुराचांदपुर की घटना की दो बार मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

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प्रदर्शनकारी SP ऑफिस की बिल्डिंग में घुस गए थे। उनके हाथों में तिरंगा भी नजर आ रहा है।

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मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार (15 फरवरी) की देर रात 300-400 लोगों की भीड़ ने SP और DC ऑफिस पर हमला कर दिया। भीड़ ने पथराव किया। एक बस सहित कई गाड़ियों में आग लगा दी। मणिपुर पुलिस के मुताबिक, जवाब में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) सहित दूसरे सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। सुरक्षाबलों ने फायरिंग भी की, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। 40 से ज्यादा लोग घायल हैं। पूरी खबर पढ़ें

मणिपुर फायरिंग में मारे गए 13 लोग मैतेई थे: कुकी बहुल इलाके में दूसरे गुट ने गोलीबारी की थी, ज्यादातर की उम्र 20 से 25 साल

की हिंसा में मारे गए लोगों के शव जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में रखे गए हैं।

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मणिपुर में सोमवार को दो गुटों के बीच गोलीबारी में मारे गए 13 लोगों पहचान हो गई है। ये सभी मैतेई समुदाय के हैं। घटना म्यांमार बॉर्डर से लगे कुकी बहुल टेंग्नौपाल​​​​​​ जिले के लीथू गांव में हुई थी। मारे गए लोगों में से अधिकतर की उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। पूरी खबर पढ़ें

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