Telangana SLBC Tunnel Collapse Rescue Operation Photos Update | Telangana News | तेलंगाना टनल हादसा, मजदूरों के जिंदा बचने की संभावना कम: रेलवे की टीमें भी रेस्क्यू में जुटी; 22 फरवरी से 8 मजदूर फंसे हैं

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नागरकुर्नूल40 मिनट पहले

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टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए 600 से ज्यादा लोगों की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है।

तेलंगाना के नागरकुर्नूल में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल का एक हिस्सा 22 फरवरी को ढह गया था। घटना को 6 दिन बीत चुके हैं। लेकिन टनल में फंसे 8 मजूदरों को अबतक नहीं निकाला जा सका है। रेस्क्यू जारी है।

शुक्रवार को साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) की 2 टीमें भी रेस्क्यू के लिए पहुंचीं। टीम भारी धातुओं को प्लाज्मा कटर और ब्रॉक कटिंग मशीन जैसे आधुनिक उपकरणों से काटने रास्ते से हटा रही है।

नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) के वैज्ञानिक भी मौके पर पहुंचे हैं। ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) की मदद से मलबे में दबे मजदूरों ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।

TOI की रिपोर्ट vके मुताबिक, किसी भी मजदूर के जीवित मिलने की संभावना बहुत कम लग रही है। नागरकुरनूल के एसपी वैभव गायकवाड़ ने बताया कि मलबा हटाने और लोहे की छड़ों की कटिंग का काम लगातार जारी है।

गुरुवार सुबह से मलबा साफ करने और टनल के पानी को बाहर निकालने का काम चल रहा है। शुक्रवार सुबह 7 बजे एक टीम टनल में गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी, NDRF, SDRF के अलावा राज्य सरकार की अन्य एजेंसियों के 600 के करीब कर्मी जुटे हैं। उत्तराखंड के सिलक्यारा टनल में फंसे लोगों को निकालने वाली टीम को भी इसमें शामिल है।

रेस्क्यू की 3 तस्वीरें…

सेना, SDRF-NDRF समेत कई टीमें मौजूद पर मौजूद हैं।

सेना, SDRF-NDRF समेत कई टीमें मौजूद पर मौजूद हैं।

अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया टनल का ग्राफ।

अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया टनल का ग्राफ।

ट्रोली के जरिए टनल में जाते अधिकारी और कर्मचारी।

ट्रोली के जरिए टनल में जाते अधिकारी और कर्मचारी।

टनल का वो हिस्सा जहां मलबा जमा हुआ है।

टनल का वो हिस्सा जहां मलबा जमा हुआ है।

रेस्क्यू टीमों का कहना है कि अंदर फंसे मजदूरों से संपर्क नहीं हो पाया है।

रेस्क्यू टीमों का कहना है कि अंदर फंसे मजदूरों से संपर्क नहीं हो पाया है।

टनल में 11 किमी तक पानी भर गया था, जिसे मोटर से निकाला जा रहा है।

टनल में 11 किमी तक पानी भर गया था, जिसे मोटर से निकाला जा रहा है।

टनल बोरिंग मशीन (TBM) को काटा जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि गैस कटिंग मशीनें अंदर ले जाए गए हैं। रात में भी टनल बोरिंग मशीन (TBM) और अन्य रुकावटों को रास्ते से काटकर हटाया गया।

तेलंगाना के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने बुधवार को बताया कि टनल में फंसी TBM को गैस कटर से काटकर हटाया जाएगा। इसके बाद आर्मी, नेवी , रैट माइनर्स और NDRF की टीम फिर से आठ लोगों को बचाने का के लिए गंभीर प्रयास करेगी। हालांकि उनकी सुरक्षा को लेकर भी समझौता नहीं किया जाएगा।

डरे हुए मजदूरों ने काम छोड़ना शुरू किया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे के बाद टनल में काम कर रहे कुछ मजदूर डर के कारण काम छोड़कर चले गए हैं। सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया कि श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) प्रोजेक्ट में 800 लोग काम कर रहे हैं। इनमें से 300 लोकल और बाकी झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से हैं।अधिकारी ने यह भी कहा कि शुरुआत में मजदूरों में डर जरूर है। हालांकि कंपनी ने उनके लिए आवासीय कैंप बनाए हैं। कुछ लोग वापस जाना चाह सकते हैं, लेकिन हमारे पास इस बात की कोई रिपोर्ट नहीं है कि सभी मजदूर एक साथ छोड़कर जा रहे हैं।​​​​​​​

2 गिरफ्तारियां, 2 पर FIR; कांग्रेस की PM से मांग- SIT बनाएं

असम पुलिस ने खदान हादसे के सिलसिले में हनान लस्कर और पुनुश नुनिसा को गिरफ्तार किया। कांग्रेस की दिमा हसाओ यूनिट के कोम केम्पराई और पितुश लंगथासा ने उत्तरी कछार हिल्स स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) देबोलाल गोरलोसा और उनकी पत्नी कनिका होजाई के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। इसमें गोरलोसा और होजाई की तत्काल गिरफ्तारी की मांगकी गई है। दावा है कि ये दोनों खदान में अवैध खनन करवा रहे थे।

लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने खदान हादसे को लेकर PM मोदी के नाम चिट्‌ठी लिखी और मामले की जांच के लिए SIT बनाने की मांग की थी। गौरव ने लिखा- पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

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असम खदान रेस्क्यू- 44 दिन बाद बाकी 5 शव बरामद, पहचान के लिए DNA टेस्ट होगा

असम अवैध खदान हादसे में मारे गए 5 और मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। रेस्क्यू टीम को सर्च ऑपरेशन में 44 दिन लग गए। पुलिस ने भास्कर को बताया कि शव बुरी तरह सड़-गल चुके हैं। मजदूरों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

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