Sam Pitroda India China Remark Politics | BJP Congress | राहुल के करीबी पित्रोदा बोले- चीन भारत का दुश्मन नहीं: हमें उसके साथ मिलकर काम करना चाहिए; कांग्रेस ने बयान से किनारा किया

नई दिल्ली16 मिनट पहले

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एक बयान के चलते मई, 2024 में सैम पित्रोदा को इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त कर दिया गया।

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने कहा- भारत को चीन को अपना दुश्मन मानना बंद कर देना चाहिए। चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है।

कांग्रेस ने सैम पित्रोदा के बयान से किनारा कर लिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा सैम पित्रोदा के चीन पर व्यक्त किए गए विचार कांग्रेस के विचार नहीं हैं।

न्यूज एजेंसी IANS को दिए इंटरव्यू में सैम पित्रोदा ने कहा, चीन को दुश्मन मानने के बजाय उसे सम्मान देना चाहिए। मुझे समझ ही नहीं आता कि भारत को चीन से क्या खतरा है। हम सभी को साथ आकर काम करना चाहिए। भारत को चीन के प्रति अपने नजरिए को बदलने की जरूरत की है।

पित्रोदा ने कहा-

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हमारा रवैया पहले दिन से ही टकराव का रहा है। यह दुश्मनी पैदा करता है। मुझे लगता है कि हमें इस पैटर्न को बदलने की जरूरत है। यह किसी के लिए भी ठीक नहीं है।

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‘कमांड और कंट्रोल की मानसिकता से बाहर निकलना होगा’

  • पित्रोदा ने कहा, ‘कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अब सभी देशों को एक साथ आने का समय है। हमें सीखने, संवाद बढ़ाने, सहयोग करने और मिलकर काम करने की जरूरत है, हमें कमांड और कंट्रोल की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। चीन चारों ओर है, चीन बढ़ रहा है, हमें इसे पहचानना और समझना होगा।’
  • ‘दुनिया के सभी देश आगे बढ़ रहे हैं। कुछ तेजी से, कुछ धीमे। जो बहुत गरीब हैं, उन्हें तेजी से बढ़ना होगा और जो संपन्न हैं, उनकी वृद्धि धीमी होगी, जो विकसित हैं, उनकी आबादी बुजुर्ग होगी, जबकि विकासशील देशों की आबादी युवा होगी। हमें इन सब चीजों को एक साथ देखना होगा।’
  • सैम पित्रोदा ने अमेरिका पर कहा कि वह अक्सर दुश्मन को डिफाइन करने की प्रवृत्ति रखता है, जिससे बाकी देशों के बीच तनाव बढ़ता है। भारत को अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर ध्यान देना चाहिए और अपने पड़ोसियों के साथ सकारात्मक संबंध बनाने का प्रयास करना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव बोले- चीन हमारी सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा- पित्रोदा का बयान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचार नहीं हैं। चीन हमारी विदेश नीति, बाह्य सुरक्षा, और आर्थिक क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने चीन के प्रति मोदी सरकार के दृष्टिकोण पर बार-बार सवाल उठाए हैं। 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से चीन की दी गई क्लीन चिट भी शामिल है।

भाजपा बोली- पित्रोदा ने कांग्रेस के चीन से समझौते की पोल खोली पित्रोदा के बयान पर भाजपा हमलावर हो गई है। राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- पित्रोदा ने कांग्रेस पार्टी के चीन के साथ समझौते की खुलकर पोल खोल दी है। गंभीर बात यह है कि पित्रोदा ने जिस तरह की बात कही है, वह भारत की अस्मिता, कूटनीति और संप्रभुता पर गहरा आघात है।

राहुल गांधी ने भी विदेश में ऐसे कई बयान दिए हैं। कुछ समय पहले अपने विदेश दौरे पर राहुल ने कहा था कि चीन ने बेरोजगारी की समस्या का बहुत अच्छे से समाधान किया है। गलवान में हमारे 20 जवान शहीद हुए और उसके बाद अगर आपके ओवरसीज अध्यक्ष (सैम पित्रोदा) ऐसी भाषा बोलते हैं तो यह निंदनीय है।

विवादित बयानों के चलते ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा सैम पित्रोदा इससे पहले भी कई विवादित बयान देते रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- भारत में ईस्ट के लोग चाइनीज और साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं। इस पर काफी विवाद हुआ था। भाजपा ने इसे लेकर खूब हंगामा किया था।

हालांकि, कांग्रेस ने पित्रोदा के इस बयान से किनारा कर लिया था। कांग्रेस ने कहा कि भारत की विविधता की ये परिभाषा मंजूर नहीं है, यह गलत है। इसके बाद 8 मई, 2024 को उन्हें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, 26 जून को पित्रोदा फिर से इसी पद पर नियुक्त कर दिए गए।

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सैम पित्रोदा का जन्म 17 नवंबर 1942 को ओडिशा के बोलांगीर जिले के एक छोटे से गांव टिटलागढ़ में हुआ। उनका परिवार गुजराती था। उनका शुरुआती नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है। सैम के दादा बढ़ई और लोहार का काम किया करते थे। पूरी खबर पढ़ें…

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