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मॉस्को/कीव3 घंटे पहले
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रूस और यूक्रेन की जंग 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई थी। करीब 22 महीनों में रूस ने सबसे बड़ा मिसाइल हमला अब किया है। (फाइल)
रूस और यूक्रेन की जंग 22 महीने से जारी है। इस दौरान शुक्रवार को रूस ने यूक्रेन पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया। न्यूज एजेंसी ‘एएफपी’ की रिपोर्ट के मुताबिक- रूस ने यूक्रेन के तीन शहरों पर 24 घंटे में 122 मिसाइलें दागीं। इनमें 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
इस बीच, यूक्रेनी सेना के एक अफसर ने कहा- हम जानते थे कि रूस की तरफ से साल के आखिर में कोई बड़ा हमला हो सकता है। हालांकि, ये इस पैमाने पर होगा, ये हमने नहीं सोचा था। अब हमारी सेना इसका जवाब भी इसी अंदाज में देगी।
अनाज का गोदाम भी जला
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- रूस ने सिर्फ रिहायशी इलाकों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि यूक्रेन के कारोबारी ठिकानों को भी तबाह कर दिया। गेहूं के एक वेयरहाउस में सैकड़ों क्विंटल अनाज था। इस पर भी मिसाइलें दागी गईं। यह पूरी तरह तबाह हो गया है। इससे उठता धुआं सैटेलाइट इमेजेस में भी देखा जा सकता है।
- यूक्रेन के एयरफोर्स स्पोक्सपर्सन यूरी इग्नात ने कहा- कई घंटे तक हम अपनी स्क्रीन्स पर सिर्फ धुआं देखते रहे। रूस ने मिसाइल अटैक से पहले यहां कुछ सुसाइड ड्रोन्स भेजे थे। हमारी एयरफोर्स ने 87 मिसाइल और 22 ड्रोन इंटरसेप्ट किए और मार गिराए। मैं सिर्फ इतना कह सकता है कि 22 महीने में इससे पहले रूस ने इतना बड़ा हवाई हमला हमारे देश पर नहीं किया था। फरवरी 2022 में शुरू हुई जंग अब और तेज होगी।
- कीव इंडिपेंडेंट के मुताबिक- 9 मार्च 2023 को रूस ने 81 मिसाइल दागी थीं। इसके बाद अब यह हमला हुआ है और इसमें हमारे अनाज के गोदामों को निशाना बनाया गया है। 20 लोग मारे जा चुके हैं। 39 घायल हैं। कीव में भी कुछ लोग मलबे में दबे हैं।

यूक्रेन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा- रूस ने ताजा हमलों में हमारे अनाज के गोदामों को निशाना बनाया है। 20 लोग मारे जा चुके हैं।
बच्चों के अस्पताल पर भी हमला
- शेवचेंको शहर में रूसी हवाई हमलों की जद में यहां का एक चिल्ड्रन हॉस्पिटल भी आ गया। माना जा रहा है कि यहां भी कुछ लोग मारे गए हैं। हालांकि, अब तक किसी ऑफिसर ने इस बारे में जानकारी नहीं दी है।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों रूस के एक नेवी शिप को यूक्रेन ने निशाना बनाया था। इसके बाद रूस ने कहा था कि यूक्रेन की इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। एक हफ्ते से भी कम वक्त में रूस ने अपने जहाज पर हुए हमले का जवाब मिसाइलों से दिया है।
- खारकीव के मेयर इगोर तारेखोव ने कहा- हमारे तीन इलाकों पर कुल 22 मिसाइलें गिरी हैं। 7 लोग घायल हैं। दूसरी तरफ, यूक्रेन की सदर्न कमांड ने एक बयान में कहा- रूस के 14 अटैक ड्रोन हमने मार गिराए हैं। जल्द ही सभी हमलों का जवाब दिया जाएगा।
- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसी हफ्ते कहा था कि उनकी सेना रूस को कड़ी टक्कर दे रही है। जेलेंस्की ने कहा- पश्चिमी हथियारों की आमद युद्ध से मैदान में स्थिति बदल रही है। यूक्रेनी सेना रूसी सेना के कब्जे वाले इलाकों को खाली करवा रही है।

खारकीव के मेयर इगोर तारेखोव ने कहा- हमारे तीन इलाकों पर कुल 22 मिसाइलें गिरी हैं। 7 लोग घायल हैं।
रूसी सैनिक को मुआवजे में सब्जियां मिलीं
- इंडिपेंडेंट मीडिया आउटलेट मोजेम ओब्यसनित ने दावा किया है कि जंग में घायल रूसी सैनिकों को मुआवजा में पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। रूस की सरकार ने एक सैनिक को मुआवजे के तौर पर सब्जियां दी है।
- रिपोर्ट में कहा गया- 45 साल के ओलेग रयबकिन यूक्रेन के खिलाफ जंग में सितंबर 2022 को शामिल हुए। जून 2023 में वो घायल हो गए। उनके घुटने में चोट आई। लिवर और किडनी पर भी चोट का असर हुआ। रूसी सेना ने उसे लड़ने के लिए अनफिट घोषित कर दिया। इसके बाद उनके परिवार ने मुआवजे की मांग की। सरकार ने पैसों के बदले गाजर और प्याज की बोरियां भेज दीं।
- सैनिक ओलेग रयबकिन की पत्नी ने कहा- मेरे पति के घुटने में इतनी गहरी चोट है कि वो चल नहीं पाते। उनका पैर मुड़ता नहीं है। दर्द बना रहता है। इसे कम करने के लिए पेनकिलर्स देने पड़ते हैं। उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत होती है। बिना सहारे वो ठीक से खड़े भी नहीं हो पाते। इलाज चल रहा है। पैसों की जरूरत है लेकिन सरकार मदद नहीं कर रही।

45 साल के ओलेग रयबकिन यूक्रेन के खिलाफ जंग में सितंबर 2022 को शामिल हुए। जून 2023 में वो घायल हो गए थे।
3 लाख से ज्यादा रूसी सैनिकों की मौत
- अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक रूस-यूक्रेन जंग में अब तक 3 लाख 15 हजार रूसी सैनिकों की मौत हुई है। 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई इस जंग के पहले रूसी सेना में 3 लाख 60 हजार सैनिक थे।
- द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक जंग में 87% रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं। जंग ने रूसी सेना को आधुनिक बनाने के पुतिन की कोशिशों को 15 साल पीछे धकेल दिया है। इस नुकसान से उबरने के लिए रूस अपनी सेना में रिहा हुए कैदियों को भर्ती कर रहा है। साथ ही जंग के मैदान में भी भेज रहा है।
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