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भोपाल29 मिनट पहलेलेखक: नवनीत गुर्जर, नेशनल एडिटर, दैनिक भास्कर
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राहुल ने 7 सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा शुरू की थी, जो 30 जनवरी 2023 को श्रीनगर में खत्म हुई।
भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब भारत न्याय यात्रा पर निकलने वाले हैं। सितंबर 2022 से जनवरी 2023 तक उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा की थी। यह कन्याकुमारी से कश्मीर तक थी। अब उनकी न्याय यात्रा मणिपुर से मुंबई तक होगी। मल मास ख़त्म होते ही यह यात्रा 14 जनवरी से शुरू हो जाएगी। ठीक है, भारतीय राजनीति में अब यात्राओं का दौर नहीं रहा, ऐसे में राहुल इस दौर को वापस ला रहे हैं, अच्छी बात है।
इन लंबी यात्राओं से विभिन्न क्षेत्रों, वहाँ के लोगों और रीति- रिवाजों को जानने का मौक़ा मिलता है। ख़ासकर, नेताओं के लिए यह सब बहुत ज़रूरी है ताकि वे सत्ता में आने पर उन लोगों से जुड़ी समस्याओं का भलीभाँति निदान कर सकें या इस दिशा में कोशिश कर सकें। सत्ता या सरकार में न हों तब भी विपक्ष में रहकर वे लोगों की समस्याओं को संसद या विधानसभा में उठा सकते हैं।
जहां तक राहुल गांधी की पिछली यात्रा का सवाल है, उस दौरान उन्होंने ज़रूर अलग- अलग क्षेत्रों और लोगों को समझा होगा, लेकिन उस यात्रा का उनकी पार्टी को कोई राजनीतिक लाभ मिला, ऐसा दिखता तो नहीं। उनकी भारत जोड़ो यात्रा चल रही थी, तभी कांग्रेस गुजरात चुनाव में बुरी तरह हारी। फिर अभी राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि, तेलंगाना में पहली बार कांग्रेस की सरकार बन गई, लेकिन इसके लिए उसे दो राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान गँवाने पड़े। अब वे भारत न्याय यात्रा कर रहे हैं।

आगे लोकसभा चुनाव हैं, जो लगभग मार्च से मई के बीच होने हैं। उनमें क्या होगा, यह चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा, लेकिन राहुल गांधी की इस यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह ज़रूर आएगा। सवाल यह है कि हर बार कांग्रेस के नेता यात्रा के लिए राहुल गांधी को ही आगे क्यों कर देते हैं? कभी सबसे बड़ी पार्टी रहने वाली कांग्रेस में बड़े- बड़े और अनुभवी नेता हैं, वे कभी कोई यात्रा क्यों नहीं करते?
बेशक, राहुल गांधी यात्रा करें और करते रहें, लेकिन कोई दूसरा कांग्रेसी नेता भी तो कभी सामने आकर ऐसा कुछ करने का साहस दिखाए! हो सकता है राहुल ही यात्रा करें और उनकी पार्टी कभी सत्ता में आएँ तो वे ही देश का नेतृत्व करें ऐसा उद्देश्य होगा, लेकिन यात्रा में हर्ज क्या है? मध्यप्रदेश के 2018 के चुनाव से पहले दिग्विजय सिंह ने भी यात्रा की थी और पार्टी को जीत दिलाई थी। अन्य नेता भी आगे आएँ तो पार्टी कार्यकर्ताओं में और जोश आएगा।

