| PoK में गृहयुद्ध जैसे हालात, हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे लोग, जानें क्या है पूरा मामला

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हड‍़ताल

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) यानी पीओके में इस समय हालात सामान्य नहीं है। यहां के लोग बिजली बिलों पर लगाए गए अन्यायपूर्ण टैक्स का जमकर विरोध करते हुए सड़कों पर उतर आए हैं। कश्मीरियों ने शाहबाज सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यही नहीं गुस्से में कश्मीरियों ने पाकिस्तानी सेना पर जमकर पत्थर भी बरसाए। लोगों के बेकाबू गुस्से को शांत करने के लिए पुलिस को हवा में फायरिंग करनी पड़ी। बावजूद इसके स्थिति प्रशासन के काबू में नहीं है।

एक पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी की मौत

पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद (Muzaffarabad) में शनिवार को पुलिस कार्रवाई के विरोध में हड़ताल किया गया। इस दौरान व्यवसाय बंद रहे और सामान्य जनजीवन प्रभावित भी हुआ। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव में एक पाकिस्तानी पुलिस अधिकारी की मौत भी हो गई। चल रहे विरोध प्रदर्शन और शटडाउन हड़ताल के दौरान हुई हिंसक झड़पों में कम से कम एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और 90 अन्य घायल हो गए।

चक्का-जाम हड़ताल का आयोजन

रिपोर्ट के मुताबिक, मीरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कामरान अली के उप-निरीक्षक अदनान कुरेशी की इस्लामगढ़ शहर में सीने में गोली लगने से मौत हो गई, जहां वह मुजफ्फराबाद के लिए एक रैली को रोकने के लिए अन्य पुलिस कर्मियों के साथ तैनात थे। शुक्रवार को मुजफ्फराबाद में शटर-डाउन और चक्का-जाम हड़ताल आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे घरों में लोग प्रभावित हुए।

लोग हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव के बाद मस्जिदों पर भी पथराव किया गया। पीओके के समहनी, सेहंसा, मीरपुर, रावलकोट, खुइरत्ता, तत्तापानी, हट्टियन बाला में विरोध प्रदर्शन हुए। सरकार ने पूरे पीओके में धारा 144 लागू कर दी थी और 10 और 11 मई को सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियों की घोषणा की थी। हालांकि, पीओके के सभी जिलों में लोग हजारों की संख्या में सड़क पर उतर आए हैं।



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