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इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए 08 फरवरी 2024 की सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। पाकिस्तान के कुल 12,85,85,760 वोटर्स इस बार के चुनाव में अपने मताधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक नई सरकार के चुनाव के लिए ये मतदान हो रहा है। पाकिस्तान की आवाम अपने वोट का इस्तेमाल कर सके उसके लिए देश में सार्वजनिक छुट्टी के ऐलान कर दिया गया। इस बार पाकिस्तान में हो रहे आम चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर है। रिपोर्ट की मानें तो इस बार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन जीत हासिल कर सकती है, क्योंकि उन्हें पाकिस्तान की सेना का समर्थन मिला है। इसलिए उनके दल की जीत पक्की मानी जा रही है। फिलहाल परिणाम आने पर ही ये साफ़ हो पायेगा।
लेकिन इसके साथ एक सवाल फिर खड़ा होता है कि क्या पकिस्तान का नया प्रधानमंत्री जो जीत के बाद कुर्सी पर बैठेगा, वो अपना कार्यकाल पूरा कर पायेगा। भारत से बंटवारे के बाद पाकिस्तान नया मुल्क बना और वहां अब तक कुल 32 प्रधानमंत्री हुए इनमें से 8 प्रधानमंत्री केयर टेकर प्रधानमंत्री रहे। जिन्होंने सत्ता की बागड़ोर को संभाला। आपको जानकर हैरानी तो जरुर होगी, लेकिन ये सच है कि जब से पाकिस्तान बना है वहां पर कोई भी प्रधानमंत्री अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका है, या तो उससे कुर्सी छीन ली जाती या फिर उसे फांसी पर लटका दिया गया। चलिए हम आपको पाकिस्तान के उन प्रधानमंत्रियों के बारे में बताते हैं।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जो नहीं कर पाए कार्यकाल पूरा
14 अगस्त 1947 में लियाकत अली खान पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन जब उनका कार्यकाल 4 साल 63 दिन का हुआ था, तब उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद जुल्फीकार अली भुट्टो को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला, लेकिन इसी बीच सेना की बगावत के आरोप में उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। जुल्फीकार अली भुट्टो भी प्रधानमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल सिर्फ 3 साल 325 दिन पूरा कर पाए थे।
फिर मौका मिला बेनजीर भुट्टो जो साल 1988 में पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी। लेकिन बेनजीर भुट्टो भी सिर्फ 1 साल 247 दिन की प्रधानमंत्री रहीं। उनकी सरकार गिर गई थी। उसके बाद साल 1990 में उनकी नवाज शरीफ ने पीएम का पदभार संभाला, लेकिन वो भी 2 साल 254 दिन के पीएम बन पाए और कुर्सी छोड़ना पड़ा। इसी दरम्यान एक बार फिर से बेनजीर भुट्टो को साल 1993 में फिर मौका मिला पीएम बनने का, लेकिन उनके पांच साल के बीच रोड़ा राष्ट्रपति बन गए और तीन साल 17 दिन तक उनकी सरकार चल पाई।
फरवरी 1997 में पूरे बहुमत के साथ नवाज शरीफ की सरकार बनी और इस बार सेनाध्यक्ष जनरल मुशर्रफ ने उनकी कुर्सी छीन ली। फिर वही हुआ जो होता आया है। नवाज शरीफ की सरकार सिर्फ 2 साल 237 दिन चल सकी। इस बीच मीर जफरुल्लाह खान जमाली, चौधरी शुजात हुसैन, यूसुफ रजा गिलानी, राजा परवेज अशरफ फिर नवाज शरीफ को मौका मिला लेकिन पांच साल नहीं पूरा हो पाया। वहीं इस लिस्ट में इमरान खान का भी नाम शामिल है जो फ़िलहाल जेल में हैं।
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