Pakistan elections 2024 | पाकिस्तान में आठ फरवरी होगा आम चुनाव, इतनी सीट जीतने वाली पार्टी का बनता है प्रधानमंत्री

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Election Commission of Pakistan

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नई दिल्ली: 8 फरवरी को होने वाले पाकिस्तान के आम चुनाव पर पूरी दुनिया की नजर है। इस चुनाव के बाद यह तय हो जाएगा कि पाकिस्तान का नया प्रधानमंत्री कौन होगा। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ नीत पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) और बिलावल भुट्टो जरदारी की अध्यक्षता वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) जहां जीत की हुंकार भर रहे हैं। वहीं जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता वाली तीसरी सबसे अहम पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान में आम चुनाव कैसे होता है और कितनी सीटों को जीतने वाला बनता है वहां का प्रधानमंत्री।

पाकिस्तान में कितनी सीट जीतने के बाद बनता है पीएम

पाकिस्तान में भारत जैसा ही चुनाव होता है। पाकिस्तान के नेशनल असेंबली (NA) में कुल 342 सीटें हैं जिनमें सामान्य वर्ग की 272 सीट, गैर-मुसलमान वर्ग की 10 सीट और महिला कोटे की 60 सीट शामिल हैं। जिस पार्टी के सबसे अधिक उम्मीदवार मैदान में जीत हासिल करते हैं उसी पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। वहीं अगर गठबंधन वाली सरकार बनानी पड़े तो उसका भी विकल्प होता है। आठ फरवरी को होने वाले चुनाव में नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय विधानसभाओं के लिए कुल लगभग 18,000 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। जिन चार प्रांतीय विधानसभाओं में चुनाव होंगे उनमें पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान शामिल हैं। बता दें कि पाकिस्तान में ईवीएम मशीन से वोटिंग नहीं की जाती है। वहां पर  बैलेट पेपर से वोट डाला जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बार के चुनाव के लिए 26 करोड़ से अधिक मतपत्रों की छपाई की गई है।  

वोटरों की संख्या

पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ECP) के अनुसार, नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय विधानसभाओं जिसमें पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के लिए 12 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं। आम चुनाव के लिए पाकिस्तान में 90,675 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जिनमें 41,403 संयुक्त मतदान केंद्र शामिल हैं। जिसे दो भागो में बांटा गया है 25,320 मतदान केंद्र पुरुषों के लिए और 23,952 मतदान केंद्र महिला मतदाताओं के लिए हैं।

किसका पलड़ा है भारी

इस बार की चुनाव में देखा जाए नवाज शरीफ का पलड़ा भारी है। उनके ऊपर इस बार पाकिस्तानी सेना का हाथ है। वैसे भी पाकिस्तान में देखा गया है कि वहां कि सेना सरकार बनाती भी है और गिराती भी है। फ़िलहाल चुनाव के बाद परिणाम सभी के सामने आएगा। दूसरी तरफ बात करें तो आसिफ अली जरदारी की पार्टी भी जीत की हुंकार भर रही है। ऐसे में जेल में बंद इमरान खान के कई बड़े नेता निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं उनके पास चुनाव चिन्ह नहीं है। ऐसे में उनकी मदद से आसिफ अली जरदारी गद्दी पाने की कोशिश कर सकते हैं।  



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