Narayana Murthy | Infosys Founder On School Teachers Training Investment | नारायण मूर्ति बोले- इसके लिए दुनिया से बेहद काबिल 10 हजार रिटायर्ड टीचर बुलाने होंगे

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बेंगलुरु11 मिनट पहले

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1946 में जन्मे नारायणमूर्ति ने 1967 में मैसूर से बीई और 1969 में कानपुर आईआईटी से मास्टर्स किया। 1981 में उन्होंने इंफोसिस कंपनी शुरू की।

इंफोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायणमूर्ति ने बुधवार 15 नवंबर को कहा कि भारत को स्कूल टीचर्स की ट्रेनिंग पर सालाना एक अरब डॉलर (करीब 83 अरब रुपए) खर्च करने चाहिए। इसके लिए दुनियाभर से बहुत योग्य 10 हजार रिटायर्ड टीचर्स बुलाने होंगे, जो हमारे 2500 टीचर्स को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमैटिक्स (STEM) में बेहतर तरीके से ट्रेंड कर सकें।

नारायण मूर्ति ने यह भी कहा कि हालांकि यह कोर्स ही काफी नहीं होगा। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम एक साल का होना चाहिए। इंफोसिस फाउंडर ने ये बातें बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।

सुझावों का स्वागत है- नारायण मूर्ति
भारत में तरह-तरह के सुझाव आते हैं और मुझे यकीन है कि हमारे पास एक्सपर्ट्स का एक समूह है जो उन सुझावों का एनालिसिस करेगा। यदि यह सार्थक पाया गया तो वे इसे आगे बढ़ा सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इन सभी सुझावों का स्वागत किया जाना चाहिए, जब तक कि ये देश की भलाई की भावना से दिए गए हों।

इंफोसिस के एक अन्य को-फाउंडर और फाउंडेशन के ट्रस्टी बोर्ड के अध्यक्ष एस गोपालकृष्णन ने कहा, जैसे-जैसे हमारी GDP बढ़ती है, हमें कुछ अलग करने की जरूरत है। हम एक ही रास्ते पर चलकर तरक्की नहीं कर सकते।

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इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने एक चौंकाने वाले बयान में कहा कि युवाओं को कहना चाहिए कि “यह मेरा देश है। मैं हफ्ते में 70 घंटे काम करना चाहता हूं, ताकि मेरा देश और अधिक प्रतियोगी बनें।” प्राइवेट सेक्टर के अन्य सदस्यों द्वारा इसका समर्थन किया गया है कि कैसे उद्योग चलाने वाले प्रवचन की आड़ में लाभ के अपने लालच को छुपाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि, यह तर्क तीन परीक्षाओं पर विफल होता है। पूरी खबर पढ़ें…

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