कोलकाता39 मिनट पहले
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ममता ने सोमवार (13 मई) को कोलकाता में चुनाव रैली के दौरान PM मोदी को खाना बनाकर खिलाने की पेशकश की।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथ से खाना बनाकर खिलाने की पेशकश की है। ममता ने कहा कि मैं PM मोदी को उनकी पसंद का खाना खिलाऊंगी। लेकिन क्या वो मेरे हाथों से बना खाएंगे। क्या मोदी मुझ पर भरोसा करेंगे।
ममता ने ये बातें सोमवार (13 मई) को कोलकाता में एक चुनावी रैली के दौरान कहीं। ममता ने सावन और चैत्र नवरात्रि के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के नॉन-वेज खाने को लेकर PM मोदी के बयान पर हमला बोला।
ममता ने कहा- मुझे शाकाहारी और मांसाहारी खाना, दोनों पसंद है। मैं ढोकला भी खाती हूं और माछेर-झोल (मछली-करी) भी खाती हूं। मोदी कहते हैं मीट, मछली और अंडा खाना छोड़ दो। तो हम खाएंगे क्या? लोगों को जो मन करेगा, वो खाएंगे।
बंगाल CM ने कहा- ये देश सबका है। यहां लोगों की अलग-अलग भाषाएं, विचार और पसंद हैं। किसी को बिरयानी पसंद है, तो किसी को लौकी। मोदी जी आइए। मैं आपके लिए कुछ खास बनाऊंगी। अपने हाथों से बनाऊंगी। क्या आप खाएंगे?

भाजपा नेता बोले- PM को मछली-चावल खिलाना चाहती हैं ममता
ममता के बयान पर भाजपा नेताओं ने उनकी आलोचना की। बंगाल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ममता बनर्जी प्रधानमंत्री मोदी को अपने हाथ की बनी मछली और चावल खिलाना चाहती हैं। प्रस्ताव अच्छा है, लेकिन उससे पहले वह अपने लेफ्टिनेंट फिरहाद हकीम (कोलकाता के मेयर) को पोर्क चॉप क्यों नहीं खिलातीं?
तथागत रॉय ने कहा- इससे तीन मकसद पूरे होंगे। पहला, धर्मनिरपेक्षता पर जोर दिया जाएगा। यह मैसेज जाएगा कि चैरिटी की शुरुआत घर से होती है और पकवान की भी प्रशंसा की जाएगी।
भाजपा नेता संकुदेब पांडा ने कहा- ये जानते हुए कि PM मोदी शुद्ध शाकाहारी हैं, ममता ने उन्हें जानबूझकर आमंत्रित किया है। यह और कुछ नहीं बल्कि पीएम को फंसाने की उनकी चाल है। एक तरफ वह जानती हैं कि पीएम कभी मछली या कोई नॉनवेज नहीं खाएंगे। ममता PM मोदी की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही हैं। वह सनातनी हिंदुओं का अपमान कर रही हैं।
मोदी ने कहा था- कुछ लोग सावन-नवरात्र में मटन का वीडियो डालकर चिढ़ाते हैं

PM मोदी ने 12 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी और लालू परिवार पर बिना नाम लिए निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि ये लोग सावन के महीने में मटन बनाते हैं, इतना ही नहीं इसका वीडियो भी बनाते हैं और जारी करते हैं।
मोदी ने कहा- देश का कानून किसी को भी कुछ भी खाने से नहीं रोकता, न ही मोदी किसी को रोकता है। सबकी स्वतंत्रता है, वेज खाएं या नॉन वेज। लेकिन ये लोग वीडियो जारी कर देश के लोगों को चिढ़ाते हैं। ये लोग सावन के महीने में वीडियो दिखाकर, मुगल मानसिकता के द्वारा लोगों को चिढ़ाना चाहते हैं और अपना वोट बैंक पक्का करना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
राहुल गांधी ने लालू यादव से मटन बनाना सीखा था
8 महीने पहले सावन में राहुल गांधी ने राजद सुप्रीमो लालू यादव से मटन बनाना सीखा था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसका वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। वीडियो में वे मटन की सीक्रेट रेसिपी के साथ-साथ राजनीति के गुर भी लालू यादव से सीखते नजर आ रहे थे। इस दौरान राहुल गांधी ने लालू परिवार संग न सिर्फ बिहारी मटन का स्वाद चखा था, बल्कि इसे बनाया भी था।
वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कैप्शन लिखा था- लालू जी की सीक्रेट रेसिपी और राजनीतिक मसाला। वीडियो में राहुल गांधी लालू यादव से मटन की रेसिपी के साथ राजनीतिक मसालों की टिप्स भी लेते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों के बीच काफी हंसी मजाक भी हुआ। मुलाकात के वक्त लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा और तेजस्वी भी वहां पर मौजूद थे। पूरी खबर पढ़िए

9 अप्रैल को तेजस्वी ने मछली खाते वीडियो शेयर किया था। बताया था कि उन्होंने 8 अप्रैल को मछली खाई थी।
तेजस्वी-सहनी ने हेलिकॉप्टर में खाई थी चेचरा मछली
चैत्र नवरात्र के पहले दिन 9 अप्रैल को तेजस्वी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक वीडियो शेयर किया था। जिसमें वो हेलिकॉप्टर में VIP प्रमुख मुकेश सहनी के साथ में लंच में चेचरा मछली और रोटी खाते दिखाई देते दिख रहे थे। खाने की थाली में मिर्च और प्याज भी थी। सहनी थाली में रखी मिर्च उठाकर कहते दिखे थे कि हम दोनों को साथ देखकर कई लोगों को ऐसी ही मिर्च लग रही होगी।
वीडियो में तेजस्वी बता रहे थे कि हमें दिनभर के प्रचार में बस 10-15 मिनट इसी तरह लंच के लिए मिलता है। तेजस्वी ने मछली खाते वीडियो में तारीख भी डाली थी। लिखा- चुनावी भागदौड़ एवं व्यस्तता के बीच हेलिकॉप्टर में भोजन! दिनांक- 08-04-2024।
इसके बाद बीजेपी समेत कई यूजर्स ने इसे नवरात्र से जोड़कर उन पर हमला बोला था। हालांकि बाद में तेजस्वी ने कहा था कि ये तो बीजेपी का आईक्यू टेस्ट करने के लिए था, जिसमें वो फेल हो गई, क्योंकि पोस्ट में मैंने तारीख भी लिखी थी। पूरी खबर पढ़िए
