Karnataka CM Siddaramaiah On Kannada Language Protest | कन्नड़ साइनबोर्ड विवाद-ऑर्डिनेंस लाएगी सिद्धारमैया सरकार: CM बोले- यह 28 फरवरी को लागू होगा; प्रदर्शनकारियों को चेतावनी- विरोध करें लेकिन कानून हाथ में न लें

बेंगलुरु1 घंटे पहले

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नियमों के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए गृह मंत्री के साथ बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका और पुलिस अधिकारियों की

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार (28 दिसंबर) को कहा कि उनकी सरकार साइनबोर्ड और नेम प्लेट पर 60% जगह कन्नड़ के लिए रिजर्व रखने के लिए ऑर्डिनेंस लाएगी। CM सिद्धारमैया ने कहा कि यह अध्यादेश 28 फरवरी 2024 को लागू होगा।

मुख्यमंत्री का यह बयान कन्नड़ समर्थक संगठनों के साइनबोर्ड, नेमप्लेट और विज्ञापनों पर कन्नड़ भाषा रखे जाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद आया है। उन्होंने नियमों को लेकर गृह मंत्री, बेंगलुरु महानगर पालिका और पुलिस अधिकारियों से मीटिंग की।

सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि सरकार कन्नड़ भाषा व्यापक विकास अधिनियम (केएलसीडीए) 2022 की धारा 17(6) में भी संशोधन करेगी, जिसे पिछली भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले 10 मार्च 2023 को लागू किया था।

विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को CM ने चेतावनी दी और कहा कि नियमों को मानना होगा। अगर कोई नियम नहीं मानेगा, तो उसे नतीजा भी भुगतना होगा। सभी संगठनों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें।

डिप्टी CM बोले- नारे लगाने हैं तो लगाएं, बर्बरता बर्दाश्त नहीं करेंगे
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृहमंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने भी कहा कि सरकार कन्नड़ भाषा के लिए लड़ाई के नाम पर राज्य में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने नहीं देगी। हमें कन्नड़ को बचाना है और हम उन लोगों का सम्मान करते हैं, जो कन्नड़ को बचाने के लिए लड़ते हैं। वे लोकतांत्रिक तरीके से जो चाहें करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन बर्बरता स्वीकार नहीं की जाएगी।

हिंदी-अंग्रेजी भाषा के साइनबोर्ड्स पर कालिख पोती
बेंगलुरु में भाषा विवाद को लेकर बुधवार (27 दिसंबर) को कई जगहों पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट, होटल, दुकानों और प्राइवेट कम्पनियों के ऑफिस के बाहर तोड़फोड़ की। उपद्रवियों ने उन जगहों को निशाना बनाया, जिनके साइनबोर्ड्स पर कन्नड़ के बजाय हिन्दी या अंग्रेजी भाषा लिखी है। प्रदर्शनकारियों ने ऐसे साइनबोर्ड्स फाड़ दिए या उन पर कालिख पोत दी। पढ़ें पूरी खबर…

कन्नड़ साइनबोर्ड का विवाद क्यों बढ़ा…
बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) ने 25 दिसंबर को एक आदेश जारी किया था, जिसमें शहर की सभी दुकानों, होटल्स और मॉल्स में लगे साइनबोर्ड पर 60% कन्नड़ भाषा अनिवार्य कर दी थी। आदेश आने के बाद लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, उनकी मांग की है यह आदेश तत्काल लागू किया जाए।

पुलिस ने बेंगलुरु में कई जगह प्रदर्शन कर रहे कर्नाटक रक्षणा वेदिके ग्रुप (KRV) के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। विरोध प्रदर्शन KRV अध्यक्ष टी ए नारायण गौड़ा के नेतृत्व में हो रहा था।

53 से अधिक कन्नड़ कार्यकर्ताओं को 10 जनवरी तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में रखा गया है। पुलिस ने 1000 लोगों को एहतियातन हिरासत में भी लिया है।

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