Jordan will keep 2000 sick children from Gaza | गाजा के 2000 बीमार बच्चों को रखेगा जॉर्डन: फिलिस्तानियों को देश में बसाने से इनकार किया; ट्रम्प ने मदद रोकने की धमकी दी थी

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वॉशिंगटन29 मिनट पहले

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ट्रम्प के शपथ ग्रहण के बाद किंग अब्दुल्ला व्हाइट हाउस पहुंचने वाले तीसरे राजनेता हैं।

अमेरिका दौरे पर गए जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला ने गाजा के 2000 बीमार बच्चों देश में रखने की बात कही है। मंगलवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बातचीत में उन्होंने इसका ऐलान किया।

अब्दुल्ला ने कहा कि इनमें से कई बच्चों कैंसर से पीड़ित हैं या गंभीर हालात में हैं, उन्हें जितनी जल्दी हो सकेगा जॉर्डन ट्रांसफर किया जाएगा।

इस फैसले को ट्रम्प ने खुशी जताई। दरअसल ट्रम्प गाजा से फिलिस्तीनियों को विस्थापित कर मिस्र और जॉर्डन में बसाना चाहते हैं। ट्रम्प ने ऐसा न करने पर दोनों देशों को मिलने वाली अमेरिकी मदद को रोकने की धमकी दी थी।

हालांकि किंग अब्दुल्ला ने X पर पोस्ट कर फिलिस्तीनियों को जॉर्डन में बसाने का विरोध करते हुए इनकार किया।

गाजा में रिसोर्ट सिटी बनाना चाहते हैं ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प पर गाजा से फिलिस्तीनियों को विस्थापित कर उस पर अमेरिका का कब्जा चाहते हैं। ट्रम्प यहां रिसोर्ट सिटी बनाना चाहते हैं। ट्रम्प ने 6 फरवरी को सोशल मीडिया पर किए एक पोस्ट में बताया कि, अमेरिका, गाजा में विकास करेगा और यहां शानदार घर बनाएगा।

ट्रम्प ने कहा कि फिलिस्तीनियों को गाजा को फिर से बसाने के बजाय, किसी नई जगह पर बसाना बेहतर होगा। ट्रम्प का इस प्लान का इजराइल ने भी समर्थन किया है। इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज ने सेना को इससे जुड़ा प्लान तैयार करने के आदेश भी दिए।

काट्ज के मुताबिक जो फिलिस्तीनी खुद ही गाजा छोड़ना चाहते हैं, इजराइली सेना उनकी मदद करेगी। इजराइल के PM नेतन्याहू पहले ही ट्रम्प के इस प्लान को इतिहास बदलने वाला बता चुके हैं।

नेतन्याहू 4 फरवरी को व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मिले थे।

नेतन्याहू 4 फरवरी को व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मिले थे।

हमास ने ट्रम्प के प्लान को खारिज किया

इजराइल के खिलाफ जंग में शामिल हमास ट्रम्प के प्लान को खारिज कर चुका है। हमास ने अपने बयान में कहा कि “हमारे लोगों ने बिना अपनी जमीन छोड़े 15 महीने तक मौत और विनाश को सहन किया। हम किसी भी तरह के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।”

गाजा में 15 महीने से इजराइल और हमास के बीच की लड़ाई से 23 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। जबकि लगभग 60% इमारतें तबाह हो गई हैं। इन्हें फिर से बनाने में कई दशक लग सकते हैं।

जॉर्डन में पहले ही 20 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनी

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक जॉर्डन में 20 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनी शरणार्थी रहते हैं। इनमें से ज्यादातर को जॉर्डन की परमानेंट नागरिकता दे दी गई है। वहीं, 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से हजारों फिलिस्तीनी मिस्र भाग गए हैं, लेकिन उन्हें वहां शरणार्थी के रूप में मान्यता नहीं दी गई है।

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में तत्कालीन विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गाजा से फिलिस्तीनियों को बलपूर्वक विस्थापित करने का विरोध किया था। ब्लिंकन ने फिलिस्तीनियों पर गाजा छोड़ने के लिए दबाव नहीं डालने की बात कही थी।

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