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9 घंटे पहले
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न्यूयॉर्क में 6 मई को हुए मेट गाला के बाद सोशल मीडिया पर ‘ब्लॉकआउट 2024’ कैंपेन तेजी से वायरल होने लगा।
गाजा के राफा शहर पर इजराइली हमलों को लेकर चुप्पी साधने पर बॉलीवुड और हॉलीवुड सेलेब्रिटीज के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया जा रहा है। इस लिस्ट में क्रिकेटर विराट कोहली, बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान, आलिया भट्ट से लेकर टेलर स्विफ्ट और किम कर्दाशियन तक का नाम है।
कैंपेन के तहत इन लोगों को सोशल मीडिया पर अनफॉलो, ब्लॉक और बायकॉट करनी की अपील की जा रही है। इस कैंपेन को ‘#ब्लॉकआउट 2024’ नाम दिया गया है। इस नाम से सोशल मीडिया पर अलग पेज भी चलाया जा रहा है। यह मूवमेंट तब और तेज हो गया जब इजराइल ने राफा शहर पर हमला किया।
दरअसल, इन सेलेब्रिटीज ने पिछले 7 महीनों से गाजा पर जारी इजराइल के हमलों का एक बार भी विरोध नहीं किया। जहां एक तरफ दुनिया के सामने राफा में मारे जा रहे लोगों की दर्दनाक तस्वीरें सामने आ रही थीं, वहीं दूसरी तरफ न्यूयॉर्क में हुए मेट गाला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं।

मेट गाला 2024 के लिए एक्ट्रेस आलिया भट्ट साड़ी पहनकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट पहुंची थीं।
कैंपेन का स्लोगन- आजाद फिलिस्तीन, आजाद सूडान
जिन लोगों की आलोचना हो रही है उनमें भारत से बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा, आलिया भट्ट के अलावा विराट कोहली का नाम शामिल है। वहीं हॉलीवुड स्टार्स, केटी पेरी, कायली जेनर, सेलेना गोमेज, बियॉन्से और जेंडेया का नाम भी इस लिस्ट में जोड़ा गया है।
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम, X और फेसबुक पर पोस्ट करके लोग इन सेलेब्रिटीज को अनफॉलो और ब्लॉक करने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान आजाद फिलिस्तीन, आजाद सूडान और आजाद कॉन्गो का स्लोगन भी दिया जा रहा है।
पोस्ट्स में कहा गया है कि इजराइल फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है। ऐसे समय में दुनियाभर के सेलेबिट्रीज बेशर्मों की तरह चुप हैं। वे सोशल मीडिया पर झूठ और प्रोपेगैंडा फैला रहे हैं।
कैंपेन में कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया सेलेब्रिटीज और इन्फ्लूएंसर्स अपने फॉलोअर्स और जनता के जरिए लाखों-करोड़ों रुपए कमाते हैं। ऐसे में जनता के पास इन लोगों की लोकप्रियता कम करने की भी ताकत होती है। हमें इनकी नहीं बल्कि इन लोगों को हमारी ज्यादा जरूरत है।
‘सेलेब्रिटीज को सिर्फ पैसों से फर्क पड़ता है, इन्हें ब्लॉक किया जाए’
पोस्ट में आगे कहा गया कि जब सेलेब्रिटीज को सोशल मीडिया के जरिए होने वाला मुनाफा मिलना बंद हो जाएगा, तब वे हमारी बात सुनेंगे। ऐसे लोग मुनाफे को हर चीज से ज्यादा अहमियत देते हैं। कैंपेन में यह भी कहा गया है कि बायकॉट करते वक्त इन सेलेब्रिटीज को टैग न किया जाए, वरना इससे इनकी पॉपुलैरिटी और बढ़ेगी।
सोशल मीडिया यूजर्स को अपने अकाउंट्स के जरिए एक अच्छे मकसद के लिए आवाज उठानी चाहिए। यहां ऐसे सेलेब्रिटीज की कोई जरूरत नहीं हैं, जो इतने लोगों पर प्रभाव होने के बाद भी नरसंहार के खिलाफ आवाज नहीं उठा रहे हैं। हमें इन सेलेब्रिटीज को पूजना बंद करना होगा।

सोशल मीडिया पर हॉलीवुड के कई सेलेब्रिटीज को भी ब्लॉक करने की मांग की जा रही है।
जंग में 35 हजार फिलिस्तीनियों की मौत, राफा पर हमले कर रहा इजराइल
इजराइल-हमास जंग के बीच पिछले 7 महीने से जंग जारी है। इसमें अब तक 35 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, इनमें करीब 15 हजार बच्चे शामिल हैं। वहीं गाजा के करीब 80% लोग बेघर हो गए। यह जंग अब मिस्र बॉर्डर के करीब गाजा के राफा शहर पहुंच गई है।
दरअसल, जंग की शुरुआत में इजराइल की कार्रवाई से बचते हुए लोगों ने उत्तरी गाजा छोड़कर राफा में शरण ली थी। अलजजीरा के मुताबिक इस इलाके में 10 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। अब जंग के आखिरी पड़ाव के तहत इजराइल राफा में हमले कर रही है।
इजराइल का तर्क है कि उन्होंने अब तक हमास की 24 बटालियन को खत्म कर दिया है। लेकिन अब भी 4 बटालियन राफा में छिपी हुई हैं। इनके खात्मे के लिए राफा में ऑपरेशन चलाना जरूरी है।
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साल 1907 की बात है। ‘चाइम वाइजमैन’ नाम का एक केमिस्ट और ब्रिटेन में यहूदियों का बड़ा लीडर पहली बार फिलिस्तीन जाता है। वो यहां के जाफा इलाके में एक कंपनी खोलता है, जिससे फिलिस्तीन में इजराइल की नींव पड़ती है। इसके 3 साल के भीतर एक यहूदी नेशनल फंड बनाया जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
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