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2 घंटे पहले
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तस्वीर 7 अक्टूबर को हमास लड़ाकों से लड़ने वाली इजराइली महिला सैनिकों की है।
सुबह के साढ़े 6 बजे थे। मेरे कमांडर कमरे में आए और युनिट के सभी लोगों को जगाया। उन्होंने बताया कि दुश्मन ने घुसपैठ की है। शुरुआत में हमें नहीं पता था कि घुसपैठ का स्तर इतना बड़ा होगा।
ये बातें हमास के खिलाफ जंग लड़ रही दुनिया के पहले महिला कॉम्बैट क्रू की एक इजराइली महिला सैनिक ने चैनल 12 को दिए इंटरव्यू में कही हैं। 7 अक्टूबर को जब वो जागी तो उन्हें नहीं पता था कि वो जंग लड़कर इतिहास बनाएंगी। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक दुनिया में ऐसा पहली बार हो रहा है जब महिलाएं जंग में सीधे शामिल हो रही हैं।
इजराइली महिलाएं गाजा में टैंक ऑपरेट कर रही हैं। एक पूरी युनिट में टैंक चलाने का काम सिर्फ महिलाओं के पास है। इस युनिट को इजराइल की डिफेंस फोर्सेस में 2022 में ही परमानेंट किया था। हालांकि, इन्हें सीधे जंग में उतरने का मौका 7 अक्टूबर को ही मिला।

तस्वीर इजराइली महिला बटालियन के टैंक की है, 7 अक्टूबर के हमले में हमास लड़कों को मारने में इसका इस्तेमाल हुआ।
10 मिनट में हथियार चलाने में माहिर बनी
7 अक्टूबर की सुबह हमले की जानकारी के बाद महिला ऑपरेटरों की बटालियन ने मिस्र बॉर्डर के पास नित्जाना में अपना कैंप छोड़ा। वो तेजी से इजराइल-गाजा बॉर्डर वाले उस इलाके की तरफ बढ़े जहां से हमास ने घुसपैठ की थी। महिला ऑपरेटरों का एक टैंक किबुत्ज होलित और एक किबुत्ज सुफा की तरफ गया। जहां इनका काम हमास लड़ाकों को इजराइल में घुसने से रोकना था।
लड़ाकू दल की एक सदस्य करनी कहती हैं कि किबुत्ज होसित के हाल देखकर हम समझ गए थे कि ये जंग का आगाज है। उन्होंने चारों ओर पेड़ों के पीछे हमास आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत फायरिंग करनी शुरू कर दी।
दूसरी कमांडर हिला बताती हैं उन्हें वेपन सिस्टम की ट्रेनिंग नहीं मिली थी। पर वो 10 मिनट में ही उसकी एक्सपर्ट बन गई। वो टैंक भी चला रही थी, फायर भी कर रही थी। वो कहती हैं- हमने पेड़ों के पास मरे हुए हमास लड़ाकों के शव देखें। हमने फिर भी फायरिंग जारी रखी। हम कोई गलती नहीं करना चाहते थे। हम वही कर रहे थे जिसके लिए हमें ट्रेनिंग मिली थी।

इजराइली की महिला टैंक ऑपरेटर ये नहीं मानती की जंग में शामिल होकर इन्होंने कुछ अलग किया है।
हमास लड़ाकों को कुचला इजराइल की परान ब्रिगेड के कर्नल शेमेर राविव टाइम्स ऑफ इजराइल को बताते हैं- जब महिला सैनिक टैंक लेकर उनके इलाके में पहुंची तो वो लगातार 17 घंटों तक लड़ी। जब उनके टैंकों ने पॉजिशन ली तो हमास लड़ाके समझ गए थे या तो उन्हें भागना होगा या मरना होगा।
इजराइली कॉम्बैट क्रू की कमांडर मिकाल कहती हैं- किबुत्ज हॉलित में चारों और हमास लड़ाके थे। कुछ सैनिक आतंकी-आतंकी चिल्लाकर हमें आगाह कर रहे थे। तभी मैनें ऑर्डर दिए की टैंक चलाते रहो जो भी आतंकी सामने आ रहा है उसे कुचलते जाओ।
इजराइल में महिलाओं को जंग पर भेजने पर विवाद
1994 में इजराइल पहला देश था, जिसने महिलाओं और पुरुषों के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य यानी मैंडेटरी की थी। IDF में 90% पोजिशन्स पर महिलाएं भर्ती हो सकती हैं। नेवी, होम फ्रंट कमांड, आर्टिलरी कोर और मिलिट्री पुलिस (वेस्ट बैंक में) में उन्हें कॉम्बैट पोजिशन्स भी मिलती हैं।
हालांकि, यरुशलम पोस्ट के मुताबिक यहूदी धर्मगुरु (राबी) फौज में महिलाओं की भर्ती के खिलाफ हैं। वो इसे नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताते हुए कहते हैं कि महिलाओं को परिवार और बच्चों पर ही फोकस करना चाहिए।
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